BPCL, Cochin हवाई अड्डे पर Green hydrogen plant स्थापित करेगा

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BPCL(भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) को  जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला हवाई अड्डा है के साथ हवाई अड्डे पर कोचीन में हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है। ये बीपीसीएल का हरित ऊर्जा पहल को समर्थन देने के लिए एक अभूतपूर्व कदम है।

दुनिया का पहला हरित हाइड्रोजन कारखाना और ईंधन स्टेशन

ये संयुक्त प्रयास तकनीकी जानकारी और बुनियादी ढांचे को आपस में जोडता है दुनिया का पहला हरित हाइड्रोजन कारखाना और ईंधन स्टेशन होगा जोकी एक हवाई अड्डे पर स्थित होगा।

हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में स्वीकार किया जाता है, ये शून्य कार्बन ऊर्जा target के अनुकूल हैं। हरित हाइड्रोजन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों(renewable energy sources) का उपयोग करके पानी से बनाया जाता है।

CIAL और BPCL के बीच MOU

ये एमओयू तिरुअनंतपुरम के विधान सभा परिसर में हुआ केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और सीआईएएल अध्यक्ष ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के समझोते के समारोह में शामिल हुए।

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सीआईएएल द्वारा निर्मित बड़े सौर संयंत्र और एक हाइड्रो पावर स्टेशन जो नवीकरणीय ऊर्जा के सही उपयोग के लिए जाना जाता है, की संयुक्त स्थापित क्षमता 50 मेगा वाट है जो हर दिन 200,000 यूनिट बिजली प्रदान करती है सीआईएएल अपने पहले संयंत्र के निर्माण के बाद से अपनी ताकत का विस्तार कर रहा है जिसकी क्षमता पहले 12 मेगा वॉट थी।

सीआईएएल ने एयरपोर्ट की संपत्ति पर 1000 किलोवाट की क्षमता वाला एक पायलट प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए बीपीसीएल के साथ नीतिगत रूप से काम करने के लिए एक समझौता पर हस्ताक्षर किए।

समझोते के अनुरूप बीपीसीएल कोचीन हवाई अड्डे पर एक इंटीगार्टेड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट और फिलिंग स्टेशन के निर्माण के लिए संचालन और आपूर्ति प्रौद्योगिकी का प्रबंधन करेगासीआईएएल द्वारा उचित भूमि, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।

हवाई अड्डे में वाहन संयंत्र के प्रारंभिक आउटपुट द्वारा संचलित होंगे।सीआईएएल के प्रबंध निदेशक एस सुहास ने कहा-

“सस्टेनेबल एविएशन में अग्रणी रूप में सीआईएएल को बीपीसीएल के साथ सीआईएएल के एक हवाई अड्डे पर देश का पहला हरित हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित करने की दिशा में अभूतपूर्व यात्रा शुरू करने की खुशी है’’

इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये नीतिगत साझीदारी नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति सीआईएएल की प्रगति को बढ़ावा देती है और विमानन उद्योग को शून्य कार्बन भविष्य के करीब ले जाती है। बीपीसीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी कृष्ण कुमार ने महत्वपूर्ण बदलावों के साथ नवाचार और साझेदारी के महत्व पर जोर दिया।

“आत्मनिर्भर भारत’’ जैसी पहल के माध्यम से भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता के लिए कंपनी की प्रगति पर जोर दिया, जिसे बीपीसीएल ने ‘भारत ऊर्जा सप्ताह’ 2024 में स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर द्वारा प्रदर्शित किया।

BPCL CIAL

समझौते के अनुसार बीपीसीएल 30 करोड़ रुपये के निवेश से संयंत्र लगाएगी और प्रौद्योगिकी प्रदान करेगी जबकी सीआईएएल प्लांट के लिए उपयुक्त भूमि, पानी और हरित ऊर्जा प्रदान करेगी, प्लांट 2025 की शुरुआत तक बनकर तैयार होने की उम्मीद है।

प्लांट स्टार्टिंग में प्रति दिन 220 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करेगा जिसे एयरपोर्ट पर चलने वाले वाहनों के लिए उपयोग किया जा सकता है ये प्लांट एयर पोर्ट पर स्थापित देश का पहला हरित हाइड्रोजन प्लांट होगा।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड

24 जनवरी 1976 में भारत सरकार ने बर्मा शेल ग्रुप ऑफ कंपनीज को भारत रिफाइनरीज लिमिटेड बनाने के लिए टेकओवर कर लिया, जिसको बाद में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड का नाम दिया, आज भारत पेट्रोलियम भारत में 3 ऑयल रिफाइनरीज को ऑपरेट करती है।

Refinery

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड खुदरा दुकानों, डीलरों और वितरकों के माध्यम से उत्पादों की मार्केटिंग भी करती है, इसके मुख्य ब्रांड भारत गैस, स्पीड और मैक हैं। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को ईंधन प्रदान करती है। भारत में बीपीसीएल की रिफाइनरियां केरल, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में हैं, बीपीसीएल का मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में है।

  • कोच्चि रिफाइनरी (केरल)
  • मुंबई रिफाइनरी (महाराष्ट्र)
  • बीना रिफाइनरी (मध्य प्रदेश)

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड एक फॉर्च्यून 500 कंपनी है जो भारत सरकार की तीसरी सबसे बड़ी एकीकृत तेल रिफाइनिंग और मार्केटिंग करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।भारत पेट्रोलियम को भारत सरकार से महारत्न का दर्जा प्राप्त है।

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड एक एकीकृत तेल और गैस कंपनी है। ये तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन, कच्चे तेल की रिफाइनिंग, पेट्रोल उत्पादों की मार्केटिंग और वितरण करती है।

बीपीसीएल नवीकरणीय ऊर्जा पर भी ध्यान केंद्रित करती है, इसके अलावा बीपीसीएल तेल उत्पादों का उत्पादन भी करती है।

CIAL द्वारा संचालित (कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड)

भारत में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप(PPP) मॉडल पर विकसित किया गया पहला एयरपोर्ट है अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए तीसरा सबसे व्यस्त और भारत में 7वां सबसे बड़ा एयरपोर्ट है ये दुनिया का पहला सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डा है।

24 साल से अधिक की समग्र सेवा के लिए कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट 31 देशों की 24 एयरलाइंस के साथ connected है , पिछले 4 साल से सीआईएएल को 5 से 15 मिलियन यात्रियों के साथ एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ”सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा” के रूप में मान्यता दी गई .CIAL ने 25 मई 1999 को अपना ऑपरेशन शुरू किया था।

FAQs:

Q: बीपीसीएल का मालिक कौन है?

A: भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के स्वामित्व में एक भारतीय केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।

Q: क्या BPCL एक प्राइवेट कंपनी है?

A: BPCL भारत सरकार द्वारा नियंत्रित सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, भारत सरकार की कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी है और कंपनी इसके प्रबंधन और संचालन को नियंत्रित करती है।

Q: CIAL का मालिक कौन है?

A: कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप द्वार बनाया गया है इसका ओनरशिप कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड नामाक एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के पास है जिसे CIAL के नाम से जाना जाता है जिसे 1994 में केरल सरकार ने बनाया था।

Q: क्या CIAL सरकारी कंपनी है?

A: CIAL संयुक्त उद्यम है जिसमें केरल सरकार 13%, केंद्र सरकार 13% और प्रमुख शेयरधारक 76% एनआरआई (अनिवासी भारतीय) हैं।

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