नमो ड्रोन दीदी योजना: ड्रोन के साथ सरकार दे रही 15000 रुपये, भारत में सबसे ज्यादा कमर्शियल पायलट, आवेदन प्रक्रिया, पूरी जानकारी!

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भारत सरकार ग्रामीण महिलाओ को तकनीकी क्षेत्र में सशक्त बनाना चाहती है इसी उद्देश्य से नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की गयी है प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की 1000 महिलाओं को कृषि कार्य में सहायता करने के लिए ड्रोन वितरित किए गए।

ड्रोन वितरण का ये कार्यक्रम ‘सशक्त नारी विकसित भारत’ कार्यक्रम के तहत किया गया जिन महिलाओं को ड्रोन वितरित किया गया है, उन्हें सरकार की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें प्रशिक्षित ड्रोन पायलट बनकर ग्रामीण महिलाएं ड्रोन तकनीक का उपयोग कृषि की विभिन्न गतिविधियों में कर सकेंगी।

ये ड्रोन स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं को सब्सिडी दर पर प्रदान किये जायेंगे आज के इस पोस्ट में हम आपको ‘पीएम ड्रोन दीदी योजना’ से संबंधित सभी विषय पर विस्तृत जानकारी आप से शेयर करेंगे।

Content Table

1.नमो ड्रोन दीदी योजना क्या है?

भारत भर की 1000 नमो ड्रोन दीदियों को पीएम नमो ड्रोन वितरित किये गये 15,000 स्वयं सहायता समूह ड्रोन दीदी लाभार्थियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, 15,000 एसएचजी के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के प्रशिक्षण के कार्यक्रम को चलाया जाएगा।

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2.स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) क्या होता है?

स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) 12-25 महिलाओं का समूह होता है जिन की उम्र 18-50 वर्ष के बीच होती है ये समूह ग्रामीण स्तर पर कार्य करता है जोकी ग्रामीण महिलाओं को स्वाथ्य सम्बन्धी समस्याओं के प्रति जागरूक करती है, और समस्याओं का समाधान प्राप्त करने में सहायता करती है।

ये समूह आपातकाल के समय वित्तीय सहायता प्रदान करके ग्रामीण महिला के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को हल करने में मदद करती है इसके अलावा ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए भी एसएचजी सक्रिय भूमिका निभाती है और नए सुझाव देती है।

ऐसे ही 15,000 एसएचजी को नमो पीएम दीदी ड्रोन योजना से जोड़ा जाएगा इन्ही 15,000 एसएचजी में से 1000 ग्रामीण महिलाओं को चयन किया गया है जिन्हे ‘पीएम ड्रोन दीदी‘ एक विशेष नाम दिया गया है, ड्रोन दीदियों ने ड्रोन प्राप्त करने से पहले अपनी प्रतिभा को दिखाया कि वे इसे प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम हैं।

3.नमो ड्रोन दीदी योजना का लक्ष्य:

नमो ड्रोन दीदी योजना का लक्ष्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी)से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के हाथ को मजबूत करना और उन्हें अपनी आय बढ़ाने के लिए अधिक अवसर प्रदान करना है।

कृषि ड्रोन के माध्यम से 15,000 ग्रामीण महिलाओ का प्रतिनिधित्व करने वाले एसएचजी को कृषि क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं जैसे फसल की निगरानी में आने वाली परेशानियाँ, उर्वरकों के वितरण से जुड़े कार्य और नई फसल के लिए बीज बोने के कार्य के लिए प्रशिक्षित करना और उनकी समस्याएं को कम करना है।

कृषि ड्रोन का उपयोग करके ग्रामीण महिलाओं को नए तरीके से अपनी आय में वृद्धि करने और अच्छी फसल उत्पादन करने के अवसर प्राप्त होंगे।

4.नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू को सरकार कैसे लागू करेगी ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नमो ड्रोन दीदी योजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया, योजना 15,000 स्वयं सहायता समूह से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार करने, आत्म निर्भर बनाने, कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए लागू की जा रही है।

योजना के अंतर्गत सरकारी सब्सिडी दर पर कृषि ड्रोन स्वयं सहायता समूहों को प्रदान किया जाएगा, स्वयं सहायता समूह को कृषि ड्रोन को किराए पर देने की अनुमति होगी, एसएचजी कृषि ड्रोन को कृषि संबंध काम के लिए अन्य किसानों को किराए पर देने का अधिकार होगा।

कृषि ड्रोन की कुल लागत का 80% सब्सिडी के रूप में स्वयं सहायता समूह को प्रदान किया जाएगा ये राशि लगभग 8 लाख रुपये होगी जिससे एसएचजी सरकार से नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत कृषि ड्रोन खरीद पाएंगे।

कृषि ड्रोन के बची हुई राशि के लिए एआईएफ(कृषि अवसंरचना निधि) एसएचजी को ऋण प्रदान करेगा जिस पर स्वयं सहायता समूह को 3% का वार्षिक ब्याज देना होगा।

सरकार सब्सिडी राशि जारी करने से पहले कृषि ड्रोन को संचालित करने के लिए प्रशिक्षण सत्र चलाएगी एसएचजी के सदस्यों को सब्सिडी ला लाभ के लिए से पहले प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा कृषि ड्रोन सब्सिडी लेने की पात्र केवल एसएचजी की महिला सदस्य ही होंगी।

5.नमो ड्रोन दीदी योजना शुरू की मुख्य विशेषताएं

  • नमो ड्रोन दीदी योजना जिसे ‘प्रधानमंत्री ड्रोन दीदी योजना’ भी कहा जाता है जिसे ‘शिक्षित नारी सशक्त भारत’ विजन के तहत लॉन्च किया गया है इसका मुख्य आकर्षण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है।
  • नमो ड्रोन दीदी योजना पीएम मोदी ने जनता को समर्पित किया। कार्यक्रम में एसएचजी की महिला सदस्यों के द्वारा लाइव प्रस्तुति दी गईजिसमें महिला सदस्यों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • नमो ड्रोन दीदी योजना का मुख्य उद्देश्य 15000 स्वयं सहायता समूह से जुड़े महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से मजबूत और वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना है।
  • ड्रोन दीदी योजना के केंद्र में एसएचजी महिला सदस्य हैं जिन्हें कृषि आधारित उन्नत प्रौद्योगिकी से जोड़कर भारत की आर्थिक अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है जिससे वे ग्रामीण कृषि की मजबूत आधार बन सकें।
  • ड्रोन एक उन्नत हवाई उपकरण है कृषि ड्रोन के उपयोग से ड्रोन एयरोनॉटिक्स के बारे में ज्ञान का विकास होगा ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट बनने की ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे कृषि ड्रोन से संबंधित क्षेत्र में मैकेनिक या ड्रोन के स्पेयरपार्ट डीलर के रूप में महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
  • पूरे देश से 1000 ड्रोन दीदी को एक लाभार्थी के रूप में शामिल किया गया, एसएचजी सदस्यों को दिया गया ड्रोन एसएचजी द्वारा किराये पर दिए जा सकेंगे। किराए पर दिए गए ड्रोन का उपयोग किसान खेतों की चौकसी, बीज का वितरण आदि के लिए कर सकेंगे।
  • जो भी किसान ड्रोन को किराए पर लेंगे उसका भुगतान एसएचजी को करेंगे नमो ड्रोन योजना एसएचजी महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाएगी और उनके जीवन स्तर में सुधार करेगी।

योजना सारांश

6.नमो ड्रोन दीदी योजना के लाभ

नमो दीदी ड्रोन के एसएचजी सदस्यों को नीचे लिखे लाभ होंगे-

i. समय की बचत होगी

नमो ड्रोन दीदी योजना का प्रत्यक्ष लाभ किसानों और एसएचजी सदस्यों को होगा जो किसानों को किराये पर कृषि ड्रोन देंगे, ड्रोन का उपयोग करने के  कारण श्रम व्यय कम होगा, मशीनरी कार्य के कारण समय की बचत होगी, खेतों में पानी की हानि रुकेगी जिससे प्रत्यक्ष प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में मदद मिलेगी।

ii.मानव शक्ति का खर्च कम होगा

नमो ड्रोन दीदी योजना का सबसे बड़ा लाभ किसानों को होगा ड्रोन के उपयोग से अतिरिक्त मानव शक्ति का खर्च कम होगा, जिससे समय की बचत होगी क्योंकि जो काम मैन्युअल तरीके से किया जाएगा, उसमें समय लगेगा वही ड्रोन के द्वारा किया जाएगा तो मशीन से काम होने से समय की बचत होगी।

iii.ग्रामीण महिला के जीवन स्तर में सुधार होगा

वही ड्रोन को किराये पर देने से एसएचजी से जुड़े सदस्यों को किराये का पैसा मिलेगा जिससे उनकी आय होगी और ग्रामीण महिला सशक्त होगी और जीवन स्तर में सुधार होगा।

iv.खेतों की सुरक्षा में सुधार 

अगर किसान के पास खेती का क्षेत्र बड़ा है तो चौकसी का कार्य समय लेने वाला होता है और दिन और रात का समय भी महत्वपूर्ण कारक होता है अगर इसी कार्य को ड्रोन द्वारा किया जाएगा तो समय और मौसम की सीमा खत्म हो जाएगी और संपूर्ण खेत की सुरक्षा में सुधार होगा।

v.डेटा विश्लेषण आसान होगा

आजकल एडवांस टेक्नोलॉजी की दैनिक जीवन में उपयोगिता बढ़ी है और उसके फायदे भी देखने को मिल रहे हैं, खेती में ड्रोन का उपयोग बिल्कुल नया कॉन्सेप्ट है जिसे भारत सरकार बढ़ावा दे रही है, खेती में श्रम का कोई डेटा नहीं रहता है।

अगर हम अतीत की कोई समीक्षा करना चाहे तो वह असंभव है जबकी ड्रोन एक बहुत ही उन्नत तकनीक से युक्त ‘मेड इन भारत‘ का प्रतीक है। जिसमे विजुअल डेटा इकट्ठा करने के लिए कैमरा लगे रहते हैं जिससे इसकी वर्किंग को रिकॉर्ड किया जा सकेगा जिसका उपयोग अतीत और वर्तमान डेटा एनालिसिस में किया जा सकेगा।

vi. स्थानीय आपूर्ति शृंखला में सुधार होगा

ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पाद आपूर्ति श्रृंखला कमजोर होती है क्योंकि गांव मुख्य सड़क से आंतरिक क्षेत्र में स्थित होते हैं जिससे दैनिक उपयोग के उत्पादों की आपूर्ति नियमित नहीं होती है कृषि ड्रोन एक हवाई वाहन है जिसे दैनिक उपयोग के उत्पाद दूध, दवा आदि की आपूर्ति में उपयोग किया जा सकता है, इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा और वहां की उत्पाद आपूर्ति कहीं बेहतर होगी।

vii. एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय में वृद्धि

ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग करके एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय में वृद्धि होगी, ड्रोन किसानों को किराए पर देने पर जो किराया आएगा उससे एसएचजी सदस्यों को वित्तीय लाभ होगा, ऐसा अनुमान लगाया गया है कि ड्रोन के उपयोग से एसएचजी ड्रोन पायलट की 1 लाख/वर्ष अतिरिक्त आय होगी।

viii.एसएचजी महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी

नमो ड्रोन दीदी योजना अग्रिम प्रौद्योगिकी के लाभ के साथ एसएचजी समूह से जुड़ी है, ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय से अर्थव्यवस्था के केंद्र में लाने का प्रयास है, इस योजना को ‘शिक्षित नारी सशक्त भारत‘ विजन के तहत लाया गया है, जिसमें महिलाओं को पायलट प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।

ix. कृषि उत्पादकता बढेगी

भारत पारंपरिक कृषि प्रधान देश है, जहां कृषि के लिए पुरानी पद्धतियों का उपयोग होता है, ड्रोन दीदी योजना के द्वारा ग्रामीण महिलाओं को उन्नत तकनीक से जोड़कर कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे उपज को बढ़ाकर देश कृषि क्रांति युग में प्रवेश कर सकेगा।

x. पोषण की दृष्टि से फसल में सुधार होगा

खेती के लिए ड्रोन के उपयोग से पौधों के पोषण संबंधी स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी नैनो यूरिया और नैनो डीएपी उर्वरकों का वितरण करके किसान पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर सकेंगे, जिससे पौधे स्वस्थ होंगे और फसल अच्छी होगी।

7.नमो ड्रोन दीदी योजना की चयन प्रक्रिया

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन) के तहत एसएचजी कार्य करता है एसएचजी से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थी की अनुशंसा(सिफारिश) जाती है इसके अलावा जिला कलेक्टर कार्यालय भी प्रशिक्षण लेने के योग्य अभ्यर्थियों को चुनता है।

8.नमो ड्रोन दीदी योजना की प्रशिक्षण लागत

ड्रोन दीदी की ट्रेनिंग का 5 दिन का शेड्यूल रहता है जिसकी लागत 65,000 रुपये आती है, आखिर में 4 दिन का ग्राउंड लेवल पर ट्रेनिंग राउंड चलता है जिसकी लगभग लागत 16,000 रुपये आती है प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षु उम्मीदवार को ‘मीडियम कैटेगरी’ का सर्टिफिकेट इश्यू किया जाता है।

प्रशिक्षण में डीजीसीए के नियम के अनुसार ड्रोन उडाने के लिए कंप्यूटर पर सैद्धांतिक(सिद्धांत आधारित) ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद साक्षात्कार और अंत में प्रैक्टिकल परीक्षा सत्र होता है ट्रेनिंग ‘द एग्रीकल्चर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया’ (एएसआईसी) के द्वारा आयोजित की जाती है।

एएसआईसी एक गैर-लाभकारी संगठन है एएसआईसी, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत काम करता है जबकी एक ड्रोन की कीमत 8 से 13 लाख रुपये के बीच होती है।

9.नमो ड्रोन दीदी योजना  का ग्रामीण एवं शहरी समुदाय पर प्रभाव

एसएचजी से जुड़े जिन ग्रामीण अभ्यर्थियों ने ड्रोन दीदी योजना के तहत ड्रोन फ्लाइंग की ट्रेनिंग ली है उनके जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव आया है क्योंकि जिन महिलाओं ने कभी अपने जिले की सीमा को पार नहीं किया वे आज दूसरे जिले में ड्रोन फ्लाइंग की एडवांस ट्रेनिंग ले रही है।

ग्रामीण महिलाओं के बारे में ऐसा सोचा जाता है कि वे कम पढ़ी लिखी होने के कारण कोई तकनीकी कार्य नहीं कर सकती लेकिन एसएचजी के प्रशिक्षित सदस्यों ने इस सोच गलत साबितकिया है। ट्रेनिंग के बाद महिलाओं का बढ़ा हुआ आत्म विश्वास साबित करता है कि प्रतिभा मौका मिलने पर सामने आ ही जाती है।

10.नमो ड्रोन दीदी योजना चुनौतियाँ और समाधान

ड्रोन पायलट बनना तकनीकी शिक्षा से संबंधित है इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देना है, कृषि ड्रोन एक टूल है उसके राख्रखाव का ध्यान और समय समय पर उसके पार्ट्स की फिटनेस एक चुनौतीपूर्ण कार्य है।

नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें उन्नत तकनीक से कनेक्ट करने और भारतीय कृषि को आधुनिक मजबूत आधार देने के लिए लॉन्च किया गया है।

  • 3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत लखपति दीदी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना को ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ एसएचजी को आय उत्पन्न करने वाले संगठन में परिवर्तित करना है।

इस समय भारत में 83 लाख एसएचजी सक्रिय हैं जिनसे 9 करोड़ ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हैं, एसएचजी की मदद से 1 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को ‘लखपति दीदी‘ बना दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में ‘लखपति दीदी योजना‘ की लक्ष्य राशि को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दिया।

  • गरुड़ एयरोस्पेस सहयोग

गरुड़ एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई में स्थापित एक ड्रोन स्टार्टअप कंपनी है। इसके सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश हैं। गरुड़ को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंजूरी दे दी है। गरुड़ ने 500 से अधिक एसएचजी सदस्यों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया है।

गरुड़ की एयरोस्पेस की नमो दीदी ड्रोन योजना में सफल भूमिका है गरुड़ ने 500 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को नमो दीदी ड्रोन के तहत प्रशिक्षित किया है और 446 ड्रोन एसएचजी को वितरित किये है।

गरुड़

गरुड़ ने 250 ग्राम के छोटे आकार के नैनो ड्रोन ‘ड्रोनी‘ को उपभोक्ता फोटोग्राफी के लिए नमो ड्रोन योजना के तहत लॉन्च किया गरुड़ नमो ड्रोन के लिए 40-50% सब्सिडी प्रदान करती है।

  • भारत कॉमर्शियल महिला पायलट के मामले में दुनिया में नंबर 1 पोजीशन पर

नमो ड्रोन दीदी योजना का शुभारम्भ 11 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया, इस अवसर पर पीएम मोदी ने घोषणा की कि आज भारत  कमर्शियल महिला पायलटों के मामले में दुनिया में नंबर 1 पर स्टैंड करता है।

11.नमो ड्रोन दीदी योजना पात्रता मानदंड

एसएचजी में पंजीकृत उम्मीदवार ही नमो ड्रोन योजना का लाभ ले पाएंगे, जिला समिति एसएचजी को उनकी वित्तीय स्थिति और उनकी समाज में भूमिका के आधार पर चयन करेगी।

i.महत्वपूर्ण आवश्यक दस्तावेज़

नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत भारत सरकार से ड्रोन खरीदने के लिए लोन लेने, सब्सिडी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेजों की ज़रूरत होगी।

  • एसएचजी महिला सदस्य का पंजीकरण संख्या
  • एसएचजी महिला सदस्य का आधार कार्ड
  • एसएचजी महिला सदस्य लोन के लिए बैंक खाते का विवरण
  • एसएचजी महिला सदस्य का मोबाइल नंबर

ii.नमो ड्रोन दीदी योजना के लिए कैसे आवेदन करें?

  • सरकार की आधिकारिक वेबसाइट india.gov.in पर जाएं
  • होम पेज’ ओपन होगा
  • ‘नया पंजीकरण’ या ‘ऑनलाइन पंजीकरण‘ पर क्लिक करें
  • फॉर्म ओपन होगा आवश्यक जानकारी भरें और फॉर्म ‘सबमिट‘ करें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न: क्या ड्रोन के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है?

उत्तर: भारत के ड्रोन कानून के अनुसार सभी ड्रोन डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के तहत पंजीकृत होना चाहिए और सभी ड्रोन को संचालित करने के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है।

प्रश्न: ड्रोन किसानों के लिए कैसे उपयोगी होते हैं?

उत्तर: मिट्टी, पानी और फसल की त्वरित जानकारी प्रदान करने के लिए ड्रोन कृषि के लिए एक लोकप्रिय उपकरण हो गया है, ड्रोन अपने उच्च रिज़ॉल्यूशन कैमरे का उपयोग करके 400 एकड़ का सटीक डेटा एकत्र कर सकता है, जिससे खेतों का सटीक विश्लेषण किया जा सकता है।

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आपको नमो ड्रोन दीदी योजना पोस्ट में ड्रोन दीदी योजना से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई गयी है यदि आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने मित्र मंडली में साझा करें और टिप्पणी करें।

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