राष्ट्रीय रक्षा अकादमी: भविष्य के लीडर्स को प्रशिक्षण की पूरी इनसाइड स्टोरी जो आपकी जाननी चाहिए !

0
77
राष्ट्रीय

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए )भारत का बहुत ही प्रतिष्ठित संस्थान है, ये दुनिया का पहला ऐसा सेवा संस्थान है जहां तीनो सेनाओ के सेवा कैडेटों को प्रशिक्षण के बाद एक अधिकारी में शामिल किया जाता है।

कैडेटों को ये ट्रेनिंग एनडीए हैड क्वाटर में एक साथ दी जाती है, जोकी महाराष्ट्र के पुणे में स्थित है एनडीए की फाउंडेशन 1954 में रखी गई, आज के इस पोस्ट में हम आपको एनडीए से जूडी सभी महत्वपूर्ण  जानकारी शेयर करेंगे।

Content Table

1.परिचय

i.राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का अवलोकन

एनडीए एक प्रीमियर संयुक्त प्रशिक्षण संस्थान है जहां भारतीय सेना और अन्य मित्र देशों के कैडेटों को प्रशिक्षण दिया जाता है जहां से प्रशिक्षण के बाद तीनो सेनाओ में ऑफिसर के रूप में ज्वाइनिंग दी जाती है।

ii.भारत के सैन्य परिदृश्य में एनडीए का महत्व

एनडीए को सेना, नौसेना और वायु सेना के अधिकारी कैडेटों को प्री-कमीशन प्रशिक्षण से पहले संयुक्त प्रशिक्षण देने का तथा इस कार्य के लिए विश्व और प्रथम संस्थान होने का अनोखा सम्मान प्राप्त है।

सशस्त्र बलों में शामिल होने के बाद कुछ विशिष्ट जिम्मेदारियां पूरी करनी होती हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, जिससे वे तीनो सेनाओ में एक अधिकारी के रूप में काम कर सकें।

1949 में एनडीए की स्थापना के बाद एनडीए ने भावी अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य को बहुत ही प्रभावशाली और अनोखे तरीके से पूरा किया है।

एनडीए में कैडेटों को ना केवल युद्ध परिदृश्य के लिए प्रशिक्षण देकर तैयार किया जाता है बल्की अन्य विभिन्न क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण दिया जाता है जिससे ये प्रशिक्षु भविष्य में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सेना की गुणवत्ता और भारत की प्रतिष्ठा को सम्मान दिला सकें।

एनडीए का महत्व केवल युद्ध के मैदान तक ही सीमित नहीं है अकादमी इन भावी ऑफिसर्स के लिए विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा प्रदान करती है यहां सामान्य विषय, आधुनिक भाषाएं विज्ञान और इंजीनियरिंग के साथ सशस्त्र विषयों पर आधारित व्यापक पाठ्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

एनडीए ने अपने शैक्षणिक पाठ्यक्रम में विज्ञान, प्रौद्योगिकी के साथ आधुनिक सैन्य पाठ्यक्रम को भी शामिल किया है, एनडीए सामान्य कला, विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान और बी.टेक की डिग्री भी प्रदान करता है।

एक संपूर्ण सैनिक बनने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, कठोर शारीरिक और घुड़सवारी प्रशिक्षण के साथ-साथ एनडीए अनुशासन, नैतिक और नेतृत्व की गुणवत्ता विकसित करने के लिए भी प्रशिक्षण देता है एनडीए एक सामान्य प्रशिक्षु को पूर्ण अनुशासित सैनिक बनने का आधार तैयार करने की महत्वपूर्णजिम्मेदारी निभाता है।

1949 से एनडीए केवल भारतीय प्रशिक्षुओं को ही प्रशिक्षण नहीं दे रही है बल्की अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भारत के मित्र देशों के युवा, प्रतिभाशाली प्रशिक्षु भी एनडीए में प्रशिक्षण लेने के लिए इच्छुक रहते हैं।

एनडीए ने पिछले 7 दशकों की अपनी सम्मानित और उत्कृष्ट गौरवशाली यात्रा में अपनी महिमा और प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है, एनडीए से प्रशिक्षित भावी नेता निकलते हैं जो अवसर आने पर अपनी योग्यता सिद्ध करते हैं जिससे एनडीए की स्थापना की सार्थकता पर मुहर लग जाती है।

Indian Army

2.राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का इतिहास

i.स्थापना

भारत की 1947 में आजादी के बाद औचिनलेक की सिफारिश के अनुसार अंतरिम संयुक्त अकादमी की स्थापना करने का निर्णय लिया गया जिसे ज्वाइंट सर्विस विंग(जेएसडब्ल्यू) का नाम दिया गया।

1949 में सशस्त्र बल अकादमी की स्थापना हुई, इसे आज भारतीय सैन्य अकादमी के रूप में जाना जाता है, 1949 में उस समय के प्रधानमंत्री जेएल नेहरू ने एनडीए की नींव रखी, जिसका ऑपरेशन 1954 से शुरू हुआ।

ii.एनडीए का समय के साथ विकास

प्रारंभ में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी का क्रमिक विकास हुआ क्योंकि अकादमी ने अपने पाठ्यक्रमों को समय के अनुसार प्रौद्योगिकी से जोड़ा और रूपरेखा तैयार की और अपने प्रशिक्षण मॉड्यूल को आधुनिक बनाया। अकादमी की प्राथमिकता अपने कैडेटों को वर्तमान युद्ध तकनीक के अनुसार प्रशिक्षित करने  और युद्ध में परफेक्ट बनाकर एक सक्षम अधिकारी के रूप में पासआउट कराना था।

iii.एनडीए के मील के पत्थर और उपलब्धियां

एकेडमी का अचीवमेंट ग्राफ काफी अच्छा और प्रेरणादायक है एनडीए के पासआउट कैडेट्स ने तीनो सेना प्रमुखो के पोस्ट को सुशोभित किया है एकेडमी के 3 छात्रों को परमवीर चक्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

9 कैडेटों को अशोक चक्र और 31 छात्रों को महावीर चक्र से नवाजा गया है 152 कैडेट्स को वीर चक्र मिला है, एनडीए ने देश को 11 चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ दिए हैं, 10 स्टूडेंट्स नेवी चीफ के पद पर पहुंचे। एनडीए देश को आज तक 42,000 से अधिक अधिकारी दे चुका है।

3.संरचना और संगठन

i.राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की संरचना

एनडीए या राष्ट्रीय रक्षा अकादमी तीनों सशस्त्र सेनाओं की संयुक्त सेवा अकादमी है एनडीए तीनों सेनाओं के कैडेट्स को अपनी संबद्ध सेवा अकादमियों मेंकमीशनिंग ट्रेनिंग दिए जाने से पहले ट्रेनिंग देने का काम करती है सेना की तीन सेवाएँ हैं थलसेना, वायुसेना और जलसेना।

ii.एनडीए के भीतर विभाग और अकादमियाँ

एनडीए में ट्रेनिंग लेने वाले जो कैडेट्स अपनी ट्रेनिंग सफलता पूर्वक पूरी कर लेते हैं उन्हें प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग से पहले 1 साल के लिए संबंधित सर्विस एकेडमी में भेज दिया जाता है।

सेना कैडेट्स को आईएमए (इंडियन मिलिट्री एकेडमी) देहरादून में, वायु सेना के कैडेट्स एएफए (वायु सेना अकादमी) डंडीगुल हैदराबाद में भेजा जाता है जबकी नौसेना कैडेट्स को आईएनए (भारतीय नौसेना अकादमी) एझिमाला, केरल भेजा जाता है।

iii.एनडीए का नेतृत्व और कमान संरचना

एनडीए की कमान एक थ्री स्टार रैंक के अधिकारी के पास होती है जिनका चयन तीनो सेना से किया जाता है, ये कमांडेंट एनडीए के प्रमुख और होल सोल प्रभारी होते हैं, एनडीए के पहले कमांडेंट मेजर जनरल ठाकुर महादेव सिंह, जेएसडब्ल्यू के पहले कमांडेंट थे, फिलहाल एनडीए की कमान वाइस एडमिरल अजय कोचर के पास है।

Indian Navy

4.एनडीए प्रवेश प्रक्रिया

i.एनडीए पात्रता मापदंड

  • एनडीए गाइडलाइन के अनुसार उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए, उम्मीदवार का जन्म 2 जुलाई 2005 से पहले और 1 जुलाई 2008 के बाद नहीं हुआ होना चाहिए
  • उम्मीदवार को 10+2 भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित से पास होना चाहिए
  • केवल अविवाहित पुरुष और महिला ही आवेदन करने के पात्र होंगे

ii.एनडीए प्रवेश परीक्षा

रक्षा बलों के लिए सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी एनडीए- 1 परीक्षा है यह परीक्षा यूपीएससी, आईएनएसी(भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम और एनडीए(राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) थल सेना, वायु सेना और जल सेना के लिए आयोजित करती है।

iii.चयन प्रक्रिया

एनडीए में चयन लिखित परीक्षा और एसएसबी साक्षात्कार के आधार पर होता है, उम्मीदवार को लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

जो उम्मीदवार लिखित परीक्षा और साक्षात्कार क्लियर कर लेते हैं उन्हें शॉर्टलिस्ट कर लिया जाता है, शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की एक अलग सूची तैयार की जाती है।

iv.एनडीए प्रशिक्षण और तैयारी

एनडीए की कैडेट ट्रेनिंग 3 साल की होती है एनडीए में 3 साल और 1 साल आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) में, 3 साल एनडीए में 1 साल आईएनए (भारतीय नौसेना अकादमी) में और 3 साल एनडीए में और 1-1/2 साल एएफए(एयर फोर्स अकादमी) में होती है।

एनडीए की तैयारी एक परफेक्ट टाइम टेबल बनाकर की जानी चाहिए नीचे कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहे हैं-

  1. परफेक्ट टाइम टेबल बनाएं
  2. गणित के प्रश्न हल करें

3.नियमित पुनरीक्षण करें

4.न्यूज पेपर पढ़ें, करेंट अफेयर्स पर ध्यान दें

5.पिछले वर्ष के सैंपल पेपर हल करें

  1. फिजिकल फिटनेस पर ध्यान दें

5.एनडीए पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण

i.शैक्षणिक कार्यक्रमों की पेशकश

एनडीए में एकेडमिक और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है जिसके विषय थल सेना, वायु सेना और जलसेना तीनो के लिए एक जैसे होते हैं प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में सैन्य कानून, सैन्य अभियान और विशिष्ट सेवा शामिल होती है।

एनडीए जेएनयू और एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) से मान्यता प्राप्त संस्थान है जो एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी में बी.टेक डिग्री प्रदान करता है, वर्तमान में एनडीए एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार में बी.टेक. डिग्री प्रदान कर रहा है।

ii.एनडीए का सैन्य प्रशिक्षण मॉड्यूल

एनडीए का सैन्य मॉड्यूल आधुनिक युद्ध आवश्यकता पर आधारित होता है एनडीए उच्च मानक का प्रशिक्षण प्रदान करती है, प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम योजनाबद्ध और संरचित होता है जिसमें सैन्य कानून, हथियार संचालित करना, मानचित्र पढ़ना, इतिहास आदिशामिल है एनडीए से पासआउट होने से पहले एक कैडेट को 6 सत्रों में उत्तीर्ण होना होता है, कुल प्रशिक्षण अवधि 3 वर्ष होती है।

iii.पाठ्येतर गतिविधियाँ और कौशल विकास

एनडीए प्रशिक्षण अवधि में कैडेट को अन्य गतिविधियों में भी शामिल किया जाता है, कला, साहित्य, खेल और योग की गतिविधियां होती हैं, इनसे कैडेट का समग्र व्यक्तित्व विकास होता है। प्रशिक्षण में विभिन्न स्क्वाड्रन और प्रतिस्पर्धी गतिविधियाँ होती हैं जिनके माध्यम से एक कैडेट को नेतृत्व और टीम वर्क का प्रशिक्षण दिया जाता है।

Indian Air Force

6.सुविधा एवं बुनियादी ढाँचा

i.कैम्पस सिंहावलोकन

एनडीए कैंपस पुणे शहर से 17 किमी दूर खडकवासला झील के किनारे स्थित है, कैंपस का क्षेत्रफल 32.46 किमी है, कैंपस अरब सागर के पास है, इसके पास ही मिलिट्री के अन्य प्रतिष्ठान भी स्थित हैं, एनडीए कैंपस लोहागांव एयरबेस के पास मौजूद है।

इस लोकेशन को यहां की सुखद जलवायु के लिए चयन किया गया था, इसके पास ही संयुक्त बल प्रशिक्षण केंद्र भी मौजूद है, लेक के उत्तर में अप्रयुक्त लैंडिंग जहाज एचएमएस अंगोस्टुरा जिसको सैनिकों को प्रशिक्षण देने के लिए उपयोग किया जाता था, स्थान को सैन्य स्थल दिखाता है।

एनडीए कैडेट्स को ऑल राउंडर बनाने के लिए एनडीए के पास सर्वोत्तम बुनियादी ढांचा है, जिनमें बड़े आकार और अच्छी तरह से संरचित कक्षाएं, अच्छी तरह बनी और सुसज्जित प्रयोगशालाएं, क्रिकेट स्टेडियम, टेनिस कोर्ट, स्क्वैश सुविधा, 3 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल, 32 फुटबॉल खेल के मैदान, पोलो मैदान जैसी सुविधाएं उपलब्ध है।

ii.एनडीए प्रशिक्षण सुविधाएं

एनडीए में सभी टाइप की वॉटरमैनशिप की ट्रेनिंग दी जाती है कैडेट्स को सुरम्य बे में सीमैनशिप ट्रेनिंग इक्विपमेंट, सेलिंग बोट, स्पीड बोट, विंड सर्फर, वॉटर स्की, व्हेलर्स, डिंगीज़ और कटर के द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है।

iii.एनडीए आवास एवं सुविधाएँ

एनडीए क्लेयर करने के बाद कैडेट को वर्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर में, ट्रेनिंग के साथ-साथ मुफ्त आवास दिया जाता है, जिसमें स्वतंत्र कमरा, मुफ्त भोजन, वार्षिक ट्रेन से 2 बार मुफ्त यात्रा सुविधा, मुफ्त कॉलेज शिक्षा, मुफ्त खेल सुविधाएं, मुफ्त हथियार प्रशिक्षण शामिल है।

7.पूर्व छात्र और उल्लेखनीय स्नातक

i.प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों की प्रोफाइल

एनडीए के पूर्व छात्रों ने एनडीए की प्रतिष्ठा को बढ़ाया है और देश के हर संघर्ष और युद्ध में अपने शौर्य को गौरवान्वित किया है। एनडीए के पूर्व छात्रों में 3 परमवीर चक्रविजेता और 12 अशोक चक्र विजेता शामिल हैं, एनडीए ने देश को 36 सेना प्रमुख दिए हैं जिनमें सेना, नौसेना और वायुसेना के वर्तमान चीफ ऑफ स्टाफ शामिल हैं।

cadet training 1

सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल

सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल भारतीय सेना के अधिकारी थे जिन्हे दुश्मन के सामने बहादुरी दिखाने के लिए भारत के सर्वोच्च सम्मान परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया। खेत्रपाल ने 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध में भाग लिया था।

अरुण ने 1967 में एनडीए जॉइन किया उनका संबंध फॉक्सट्रॉट स्क्वाड्रन से था और वे 38वें बैच के स्क्वाड्रन कैडेट कैप्टन थे। 13 जून 1971 को खेत्रपाल को 17 पूना हॉर्स में नियुक्ति मिली।

1971 के भारत-पाक युद्ध में 17 पूना हॉर्स को 47वीं इन्फेंट्री ब्रिगेड के तहत नियुक्ति दी गई। युद्ध के समय 47वीं पुना हॉर्स ब्रिगेड शंकरगढ़ सेक्टर में उपस्थित थी।

अपनी भारतीय सेना में नियुक्ति के 6 महीने बाद ही अरुण खेत्रपाल ने देश के बलिदान दिया दे दिया अरुण खेत्रपाल के साहसी बलिदान के लिए 1972 में सर्वोच्च सम्मान ‘परमवीरचक्र’ से सम्मानित किया गया।

ii.सशस्त्र बलों और समाज में योगदान

भारतीय सेना दुनिया की सबसे मजबूत सशस्त्र सेना है, सेना का मुख्य योगदान सीमाओं की सुरक्षा और युद्ध के समय दिखता है, एक सैनिक निस्वार्थ भाव से देश की सेवा करता है, सशस्त्र बल किसी भी अचानक हुए हमले का जवाब देने के लिए हर समय सतर्क रहते हैं, सेना पूरे देश में शांति और सद्भाव को बनाए रखने के लिए कार्य करती है।

भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहां सेना का बहुत सम्मान है और सेना की सामान्य रूप से सामाजिक गतिविधि नहीं होती है, किसी प्राकृतिक आपदा के समय या अन्य किसी गंभीर स्थिति में सशस्त्र बलों को शामिल किया जाता है, सशस्त्र बलों की मुख्य जिम्मेदारी सीमा पर शांति और सद्भावना और सबसे पहले अपनी सीमा की सुरक्षा करना है।

समाज के लिए सेना हमेशा एक सहयोगी, एक अवतार के रूप में सामने आई है, किसी आंतरिक संकट के समय सेना किसी भी असंभव कार्य को संभव कर सकती है, समाज और सेना का रिश्ता बहुत मजबूत और भावनात्मक होता है किसी आपातकाल के समय पर जब कोई वित्तीय आवश्यकता होती है तोसमाज की तरफ से सेना को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न: एनडीए परीक्षा में क्या अनुमति नहीं है?

उत्तर: यूपीएससी एनडीए- 1 परीक्षा का संचालन करती है आयोग ने एनडीए-1 परीक्षा दिवस के लिए गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार अभ्यर्थियों को कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, स्लाइड नियम, लॉग टेबल, लिखित मैटरेल, पेपर कटिंग, पेज या कोई संचार उपकरण परीक्षा देनी होगी। रूम में लाने की इजाजत नहीं है।

प्रश्न: क्या मैं एनडीए परीक्षा, 1 महीने में क्लियर कर सकता हूं?

उत्तर: अगले 1 महीने के लिए आप किस विषय को कितना समय देंगे, यह तय करना होगा अपने शेड्यूल के अनुसार अध्ययन करने वाले विषयों की तैयारी करनी होगी।

आपको विषय के कठिनाई स्तर और अपने विशिष्ट विषय की तैयारी, शेड्यूल के अनुसार तैयार करनी होगी और हर विषय के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी। एक बार अगर आपने अपना संकल्प कर लिया और विषय आधारित रणनीति बना ली तो आप सफल हो सकते हैं।

प्रश्न: क्या एनडीए क्रैक करना मुश्किल है?

उत्तर: एनडीए क्वालिफाई करना कठिन है लेकिन एक देखभाल और सही योजनाबद्ध कार्यक्रम को सही रणनीति और समर्पण के साथ फॉलो किया जाए तो एनडीए  पास किया जा सकता है, एनडीए क्वालिफाई करने के लिए उम्मीदवार को अच्छी तैयारी करनी चाहिए और अच्छी गुणवत्ता का स्टडी मैटरेल का उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न: एनडीए  के लिए कौन सा विषय सबसे अच्छा है?

उत्तर: एनडीए के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवार के पास +12 में  भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषय होना अनिवार्य है, जीव विज्ञान के   छात्र केवल ‘आर्मी विंग’ के लिए एनडीए में आवेदन कर सकते है।

Cadet Training 2

इन्हें भी पढ़े:

वंदे भारत एक्सप्रेस: भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन, रेलवे कर रहा एक्सपोर्ट की तैयारी और भी बहुत कुछ पूरी जानकारी!

आपको राष्ट्रीय रक्षा अकादमी: भविष्य के लीडर्स को प्रशिक्षण पोस्ट में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई गयी है यदि आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने मित्र मंडली में साझा करें। और टिप्पणी करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here