राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC)-Post Office Scheme FD से ज्यादा ब्याज और टैक्स में भी बचत,कैसे खरीदें

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भारत में किसी भी पोस्ट ऑफिस शाखा से निश्चित (Fixed income investment scheme )आय निवेश योजना ली जा सकती है जिसे राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के नाम से जाना जाता है भारत सरकार ने इस कार्यक्रम को मुख्य रूप से निम्न से मध्यम वर्ग की आय वाले निवेशकों के लिए शुरू किया है उनके निवेश को सुरक्षित रखने के लिए और आय टेक्स पर पैसा बचाने को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना को प्रारंभ किया गया है।

राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) क्या है?

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट एक टैक्स सेविंग इन्वेस्टमेंट है जिसे किसी भी पोस्ट ऑफिस ब्रांच से खरीदा जा सकता है। इस कार्यक्रम में निश्चित लाभ मिलता है और धन हानि की संभावना कम होती है।

अगर आप राष्ट्रीय बचत पत्र में निवेश करना चाहते हैं तो आप अपने नाम से खाता खोल सकते हैं या किसी बड़े (major) व्यक्ति के साथ संयुक्त खाता चला सकते हैं या परिवार के किसी छोटे (minor) सदस्य के नाम से निकटतम डाकघर में एनएससी के माध्यम से निवेश कर सकते हैं। एनएससी बचत पत्र 5 साल में परिपक्व हो जाता है, एनएससी के लिए खरीदारी करने की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, आप कितना भी पैसा इसमें निवेश कर सकते हैं।

बचत पत्र

एनएससी निवेश पात्रता (Eligebility)

1.एनएससी में हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), ट्रस्ट, सार्वजनिक और व्यक्तिगत लिमिटेड कंपनियां निवेश नहीं कर सकतीं।

2.निवेशक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है एनआरआई एनएससी में निवेश नहीं कर सकता।

3.कोई भी वयस्क (18 वर्ष से अधिक) एकल या संयुक्त रूप से एनएससी खरीद सकते हैं 10 साल के नाबालिग के नाम से माता-पिता एनएससी खरीद सकते हैं।

4.एनएससी खरीदने के लिए ऊपरी या निचली आयु सीमा नहीं रखी गई है।

एनएससी निवेश के लाभ

एनएससी को भारत सरकार सपोर्ट करती है एनएससी में निवेश जोखिम मुक्त होता है, एनएससी निवेश के लाभ नीचे दिए जा रहे हैं-

  • छोटी और लचीली शुरुआत

एनएससी में निवेश काफी आसान और सरल होता है आप न्यूनतम 100 या 1000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं रखी गई है।

 टैक्स

  •  निश्चित आय

एनएससी निवेश आय के निश्चित स्रोत के लिए अच्छा रिटर्न देता है, हाल ही में निवेशकों को उनके एनएससी निवेश के लिए 7.7% का रिटर्न दिया जा रहा है, दूसरे शब्दों में एनएससी में किया गया निवेश एफडी पर मिलने वाले ब्याज से ज्यादा रिटर्न देता है।

  • कर बचत

एनएससी योजना में निवेश करने पर वार्षिक कर पर छूट मिलती है आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के तहत सरकार समर्थित आयकर के रूप में 1.5 लाख रुपये का दावा(claim) किया जा सकता है।

  • उच्च ब्याज दर

एनएससी खरीदने पर एफडी की तुलना में उच्च ब्याज दर मिलती है। सरकार हर 3 महीने में बैंक ब्याज दर को संशोधित करती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पहली तिमाही में ब्याज दर 7.7% वार्षिक है। ये ब्याज एनएससी बचत पत्र के परिपक्व होने पर यौगिक रूप मिलता है।

Bachat interest

  • आसान नामांकन (Nomination)

निवेशक की मृत्यु हो जाने पर एनएससी को किसी पंजीकृत नामांकित व्यक्ति, परिवार के सदस्य या किसी नाबालिग के नाम पर भी ट्रांसफर किया जा सकता है।

  • अल्प परिपक्वता अवधि (Maturity Period)

एनएससी पत्र 5 साल में परिपक्व हो जाता है पहले 5 और 10 साल की परिपक्वता समय अवधि थी जिसमें सुधार करके 5 साल कर दिया गया।

  • संयोजन शक्ति (Compounding Power)

एनएससी निवेश से जो ब्याज मिलता है वह मुद्रास्फीति से कम होता है, लेकिन ब्याज के रूप में जो आय होती है वह स्वचालित रूप से डिफ़ॉल्ट तरीके से कंपाउंड होकर पुनर्निवेश हो जाती है।

  • परिपक्वता के बाद का संग्रह (Collection after Maturity)

एनएससी के परिपक्व होने पर जो परिपक्वता मूल्य होती उसको निवेशक को भुगतान कर दिया जाता है। एनएससी प्रतिपूर्ति(reimbursement) पर टीडीएस कटौती नहीं होती है, इसलिए निवेशक आवश्यक कर सरकार को भुगतान कर सकते हैं।

  • आपातकालीन वापसी (Emergency Withdrawal)

एनएससी के परिपक्वता अवधि से पहले निकासी लेना संभव नहीं होता है लेकिन आपातकालीन स्थिति जैसे निवेशक की मृत्यु या अदालत के आदेश के कारण एनएससी का आपातकालीन निकासी किया जा सकता है।

  • आसान दस्तावेज़ स्थानांतरण

आवश्यक दस्तावेज़ सबमिट करके और केवाईसी सत्यापन के बाद किसी भी निकटतम डाकघर से एनएससी को खरीदा जा सकता है। आवश्यकता होने पर एनएससी दस्तावेज़ को एक शाखा से दूसरी शाखा में स्थानांतरण भी आसानी से किया जा सकता है।

  • एनएससी निवेश के टैक्स लाभ

एनएससी में आप असीमित राशि निवेश कर सकते हैं। आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 सी के अनुसार निवेशक को सालाना 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट मिलती है और पहले 4 साल तक के निवेश से मिलने वाला ब्याज पर भी कर कटौती नहीं होती और ब्याज को प्रारंभिक निवेश मूल्य में वृद्धि कर दिया जाता है लेकिन 5वें साल में निवेशक के ब्याज पर लागू स्लैब के अनुसार टैक्स लागू होता है 5वें साल में ब्याज को शुरुआती मूल्य(Initial Invested Amt) में दोबारा ऐड नहीं किया जाता है।

टैक्स लाभ

एनएससी निवेश प्रक्रिया

2016 से पहले बैंकों और डाकघरों में भौतिक एनएससी जारी की जाती थी, लेकिन हाल में एनएससी की ऑनलाइन खरीदारी नहीं की जा सकती। किसी भी अधिकृत बैंक या डाकघर से आवश्यक केवाईसी दस्तावेज़ को सबमिट करके आसानी से बचत खाते के साथ एनएससी योजना को खरीदा किया जा सकता है. एनएससी खरीदने के लिए नीचे दी गई गाइडलाइन का पालन करना होगा।

1.एनएससी आवेदन फॉर्म भरें, इसे ऑनलाइन भी डाउनलोड कर सकते हैं।

2.आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति जमा करें।

  1. एनएससी निवेश राशि का नकद या चेक से भुगतान करें।
  2. एनएससी दस्तावेज पर निवेशित राशि पर मुहर लगवाएं, आपका एनएससी निवेश तैयार है।

एनएससी निवेश के लिए आवश्यक दस्तावेज़

  1. एनएससी फॉर्म ठीक से भरें
  2. हाल की तस्वीर
  3. पते का प्रमाण-आधार, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, बैंक विवरण
  4. आईडी प्रमाण-पेन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य आधिकारिक सरकारी आईडी
  5. निवेश की जाने वाली राशि नकद या चेक के रूप में जमा करें

एनएससी में निवेश करने के लिए इन दस्तावेज़ों को किसी भी पोस्ट ऑफिस में जमा करके एनएससी लिया जा सकता है।

FAQs:

Q: राष्ट्रीय बचत पत्र कौन जारी करता है?

A: इस भारत सरकार की डाकघर योजना के तहत जारी किया जाता है, राष्ट्रीय बचत पत्र किसी भी पोस्टऑफिस से खरीदा जा सकता है।

Q: एनएससी में कितना पैसा निवेश किया जा सकता है?

A: एनएससी खाता खोलने के लिए न्यूनतम राशि 1000 रुपये की आवश्यकता है, यदि आप अधिक राशि का निवेश करना चाहते हैं तो आप 100 रुपये का गुणा कर सकते हैं, आपके द्वारा जमा की जाने वाली राशि की कोई अधिकतम राशि नहीं है।

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आपको राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पोस्ट में एनएससी से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई गयी है यदि आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने मित्र मंडली में साझा करें।

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