वंदे भारत एक्सप्रेस: भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन, रेलवे कर रहा एक्सपोर्ट की तैयारी और भी बहुत कुछ पूरी जानकारी!

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भारत सरकार ने भारतीयों को प्रौद्योगिकी से युक्त विदेशी ट्रेनों के समान देशी ट्रेन में यात्रा करने का एक शानदार मौका दिया है, इस ट्रेन का नाम है वंदे भारत एक्सप्रेस, जो पूर्ण स्वदेशी होने के साथ-साथ सभी उन्नत उपकरणों से युक्त है, आज के इस दिलचस्प पोस्ट में हम वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी सभी जानकारी शेयर करने जा रहे हैं।

1.परिचय

i.वंदे भारत एक्सप्रेस का संक्षिप्त अवलोकन

वंदे भारत एक्सप्रेस प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे जोकी दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है को तकनीकी स्पर्श देना, मध्यम दूरी वाले शहरों के बीच की दूरी और यात्रा के समय को कम करना, पर्यटन की नई संभावनाओं को खोलना था।

वंदे भारत ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे करती है, वंदे भारत पूरी तरह से आरक्षित और पूर्ण एसी ट्रेन है। यह ट्रेन 800 किमी की औसत दूरी वाले मुख्य शहरों को कवर करती है। ट्रेन को एयरोडायनामिक मॉडल पर डिजाइन किया गया है, वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन है जोकी पूरी तरह से भारत में निर्मित है और भारत के लिए सम्मान और गर्व का विषय है।

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में वंदे भारत के कोचों की डिजाइनिंग और निर्माण हुआ है, ये ट्रेन-18 का संशोधित संस्करण है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की विशेषता इसकी उच्च गति है जोकी 160 किमी/घंटा तक संभव है।

ii.भारतीय रेलवे में वंदे भारत का महत्व 

वंदे भारत, भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक बड़ी उपलब्धि है जो इसे खास बना देती है वह है इस की स्पीड, ट्रेन की हाई स्पीड से 7 घंटे की यात्रा 3 घंटे में पूरी हो रही है यात्रा का परिवहन माध्यम अच्छा होने से यात्रा की आवृत्ति बढ़ती है और लोग ज्यादा बार यात्रा करते हैं जिससे पर्यटन का ग्राफ बढ़ता है और देश की अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मेक इन इंडिया के विजन को सफल बनाती है ये एक एसी हाई स्पीड ईएमयू ट्रेन है जो स्वदेशी डिजाइन पर बनी है, भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। वंदे भारत की लॉन्चिंग से मध्यम वर्ग के यात्रियों को आराम के साथ यात्रा करने का मौका मिल रहा है।

वंदे भारत की सुविधाओ को फ़्लाइट की सुविधाओ जैसा बनाने का प्रयास किया गया है जिसमें यात्रियों को फ़्लाइट जैसी आराम की सुखद अनुभूति हो और समय की बचत हो जिससे यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। वंदे भारत मेट्रो शहरों से चलकर गैर-मेट्रो शहरों और क्षेत्रों तक जाती है जिससे बिजनेस मैन का आवागमन होता है।

कई शहरों के बीच कनेक्टिविटी के कारण व्यापार बढ़ता है और सीधे रेलवे को इसका फायदा होता है। वंदे भारत पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ट्रेन है जिससे भारतीय रेलवे को ट्रेन मेंटिनेंस पर कम खर्च होता है और समय की बचत होती है। कुल मिलाकर वंदे भारत के आर्थिक संचालन से भारतीय रेलवे की दुनिया में प्रतिष्ठा बहुत बढी है।

वंदे भारत के कम लागत पर हाई टेक्नोलॉजी से युक्त रैक बनाना जिनका एडजस्टमेंट, मेंटिनेंस, मजबूती  प्रभावशाली लेकिन चुनौतीपूर्ण है, भारत और भारतीय रेलवे को भविष्य में दुनिया से नए बिजनेस ऑर्डर दिलाने में मदद मिलेगी।

2.वंदे भारत एक्सप्रेस का इतिहास

i.वंदे भारत एक्सप्रेस की उत्पत्ति और विकास

18 फरवरी 2019 को ट्रेन -18 के रूप में शुरू हुई इसके 80% कंपोनेट भारत में बने थे जिसे 970 मिलियन रुपये की लागत से बनाया गया था, ट्रेन का रूट नई दिल्ली से वाराणसी रखा गया वंदे भारत ने 843 किमी की दूरी को लगभग 8 घंटे में पूरा कर लिया।

वंदे भारत में नई सुविधाएं और उपकरण लगाए गए हैं आज वंदे भारत के कोच पूरी तरह से वातानुकूलित हैं, ट्रेन स्वचालित दरवाजे, बायो वैक्यूम शौचालय, सेंसर आधारित पानी का नल, रोलर ब्लाइंड, ओवरहेड रैक, रीडिंग लैंप और ऑन-बोर्ड भोजन जैसी सुविधाओं से युक्त है।

ii.वन्दे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन और पहली यात्रा

18 फरवरी 2019 को प्रथम वंदे भारत एक्सप्रेस को राष्ट्र को समर्पित किया गया। नई दिल्ली और वाराणसी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत को रवाना कर इसका उद्घाटन किया।

iii.वंदे भारत एक्सप्रेस की उल्लेखनीय विशेषताएं और नवाचार

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में फ्लाइट के पैटर्न पर 2 प्रकार की क्लास में बैठने की व्यवस्था की गई है, इकोनोमिक क्लास और एसी चेयर कार, इकोनोमिक क्लास में 52 यात्री और एसी चेयर कार में 78 यात्री प्रति कोच बैठ सकते हैं।

एग्जीक्यूटिव क्लास में रोटेटिंग सीट सुविधा दी जाती है जबकी चेयर कार में यात्रियों को कुर्सी गाड़ी में बैठने की सुविधा दी गई है।सभी कोच पूरी तरह से वातानुकूलित हैं और इलेक्ट्रिक आउटलेट, जीपीएस सिस्टम आधारित यात्री सूचना प्रणाली, अगले स्टेशन की जानकारी देने के लिए उपकरण लगाए गए हैं।

भारत में 30 सितंबर 2022 को दूसरी पीढ़ी की वंदे भारत लॉन्च हुई वंदे भारत एक्सप्रेस कम दूरी (800 किमी के भीतर) के बीच चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है भविष्य में शताब्दी ट्रेनें जोकी वंदे भारत के समान मध्यम दूरी वाली ट्रेनें हैं, वंदे भारत के शताब्दी का स्थान लेने की संभावना है सीआईएफ, स्लीपर कारों के अलावा लंबी दूरी की वंदे भारत ट्रेनों के लॉन्चिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

3.तकनीकी विशिष्टता

i.डिज़ाइन और निर्माण

वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ट्रेन है इसका डिजाइन एयरोडायनामिक पैटर्न पर आधारित है जो कि हाई स्पीड पर वायु प्रतिरोध को घटाने में मदद करता है वंदे भारत का डिजाइन रेलवे के एक इंजीनियर सुधांशु मणि ने 18 महीने के कम समय में तैयार किया।

ट्रेन बिजली वितरण की टेक्नोलॉजी पर आधारित है, पुल एंड पुश टेक्नोलॉजी के तहत ट्रेन में 2 इंजन लगाए गए हैं, एक ट्रेन के फ्रंट में और दूसरा इंजन पीछे लगाया गया है। फ्रंट वाला इंजन ट्रेन को खींचता है जबकि पीछे वाला इंजन ट्रेन को आगे पुश करता है।

वंदे भारत भारतीय डिजाइन पर बनी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन है इसका प्रोडक्शन आईसीएफ चेन्नई और बीईएमएल बेंगलुरु के प्लांट में काम किया गया है। ट्रेन के इंजन को मोटरकोच कहते हैं जिनका आउटपुट 1000 किलोवाट है।

वंदे भारत की पावर आउटपुट 10700 हॉर्स पावर की है। टाटा स्टील ने ट्रेन के इंटीरियर पैनल और सीटों की मैन्युफैक्चरिंग की है और झारखंड की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी सफेद और नीली ट्रेन के 23 कोच के लिए हल्के वजन वाली सीटों की सप्लाई करेगी। ट्रेन के व्हील एक विशेष मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से बनाये जाते हैं।

दूसरी पीढ़ी की सोलह कार ट्रेनसेट का वजन 392 टन है। वंदे भारत के एक कोच की कीमत 8-9 करोड़ है, एक कोच की क्षमता 67 यात्रियों की है। ट्रेन के हर कोच में वाईफाई सुविधा, बायो वैक्यूम टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट दिया गया है, इसका ऑटोमैटिक गेट ट्रेन के स्टेशन पर पूरी तरह से रुकने पर ही ओपन होता है।

ii.गति और दक्षता

वंदे भारत, भारत की दूसरी हाई स्पीड ट्रेन है। वंदे भारत ट्रेन की सबसे खास सुविधा है इसकी हाई स्पीड, ये कुछ ही सेकंड में 160 किमी/घंटा की गति से दौड़ सकती है जिसमें दो शहरों के बीच का यात्रा समय कम हो जाता है।

हालांकि वंदे भारत को 180 किमी/घंटा की गति के लिए डिज़ाइन किया गया है लेकिन ट्रैक की स्थिति के कारण अभी भी ट्रेन को अधिकतम 150 किमी/घंटा की स्पीड से ही चलाया जा रहा है।

iii.अन्य ट्रेनों से तुलना

वंदे भारत ट्रेन में तेजस और राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में यात्री अनुकूल सुविधाएं ज्यादा हैं, हाई स्पीड ट्रेन की स्पीड ज्यादा है, इसके अलावा वंदे भारत में बेहतर बर्थ, सुगम यात्रा, उन्नत सुरक्षा सुविधाएं, खूबसूरत इंटीरियर काफी अलग है।

शताब्दी ट्रेन के कोच पारंपरिक कोच हैं और ये एक प्रीमियम इंटरसिटी ट्रेन है ये अधिकतम 130 किमी/घंटा की गति से चलती है जबकी वंदे भारत ईएमयू तकनीक आधारित उन्नत सुविधाओं से युक्त पूरी तरह से स्वचालित है जो 160 किमी/घंटा की गति से चलती है।है। वंदे भारत को शताब्दी से 30-40 मिनट तक तेजी से चलाया जाता है।

वंदे भारत

4.मार्ग और गंतव्य

i.वर्तमान रूट सेवा प्रदान की गई

वंदे भारत ट्रेनें मुख्य रूप से विभिन्न राज्यों में फेले इलेक्ट्रिक ब्रॉड गेज नेटवर्क पर चलती हैवंदे भारत ट्रेन के रूट के बारे में कुछ ताजा जानकारी नीचे शेयर की जा रही है-

  • वाराणसी – नई दिल्ली-वाराणसी
  • नई दिल्ली-एसएमवीडी
  • कटरा-नई दिल्ली
  • मुंबई सेंट्रल- मुंबई-गांधीनगर कैप
  • नई दिल्ली-अंब अंदौरा-नई दिल्ली
  • चेन्नई-मैसूरु-चेन्नई

ii.विस्तार योजनाएँ

  • रेलवे ने 2047 तक 4500 नई वंदे भारत ट्रेनें लॉन्च करके रेलवे का आधुनिकीकरण और विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • हाल ही में न्यू जलपाईगुड़ी को पटना से कनेक्ट करने के लिए न्यू जलपाईगुड़ी पटना वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन 12 मार्च 2024 को शुरू हो गया है।
  • जून 2025 तक भारतीय रेलवे, 16 स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ करेगा जिसमें सामान्य वंदे भारत ट्रेन से अधिक सुविधाएं होंगी।
  • 2024 में भारतीय रेलवे, 14 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 60 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लॉन्च करने की योजना बना रही है।

iii.कवर किये गये लोकप्रिय गंतव्य

वंदे भारत वर्तमान में 51 मार्गों पर सक्रिय है, इसने जिन गंतव्य को कवर किया है उसमें मुख्य है-

  • देहरादून टर्मिनल
  • अंब अंदौरा
  • तिरुअनंतपुरम
  • श्रीनगर-शिर्डी
  • श्री माता वैष्णो देवी कटरा
  • वाराणसी
  • न्यू जलपाईगुड़ी जंक्शन
  • गांधीनगर राजधानी
  • गुवाहाटी

5.यात्री अनुभव

i.आराम और सुविधाएं

  • वंदे भारत एक्सप्रेस को फ्लाइट जैसी सुविधाएं दी गई हैं, हर कोच में स्वचालित दरवाजे हैं और जलवायु नियंत्रण सिस्टम दिया गया है जिससे यात्रियों को सुखद यात्रा का अनुभव होता है।
  • ट्रेन में बायो वैक्यूम टॉयलेट दिए गए हैं भारतीए ट्रेन में पहली बार ये सुविधा दी गई है जिनसे कोच में स्वच्छता और आराम का एहसास आता है।
  • प्रत्येक कोच में जीपीएस प्रौद्योगिकी आधारित यात्री सूचना प्रणाली और वाईफाई लगाया गया है जिसमें यात्रा के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी बनी रहती है।
  • बैठने की अच्छी व्यवस्था हर कोच में दी गई है, ऑनबोर्ड खानपान की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें शाकाहारी और गैर-शाकाहारी भोजन परोसा जाता है।
  • यात्री के मनोरंजन के लिए मनोरंजन प्रणाली लगायी गयी है।

ii.टिकटिंग और आरक्षण

वंदे भारत ट्रेन का टिकट आसानी से बुक कर सकते हैं, इसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा-

  • आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in पर जाएं
  • अपना आईआरसीटीसी अकाउंट लॉगिन करें
  • अपना टिकट बुक करें‘ अनुभाग ‘टू‘ और ‘फ्रॉम‘ में अपने आने और जाने के स्टेशनों के नाम भरें।
  • रूट के अनुसार वंदे भारत ट्रेन की लिस्ट ओपन हो जाएगी, लिस्ट से वंदे भारत ट्रेन का चयन करें
  • क्लास टाइप में एक्जीक्यूटिव या एसीचेयर कार में से एक का चयन करें
  • आपका टिकट बुक हो जाएगा

टिकटिंग

6.भारतीय रेलवे पर प्रभाव

i.रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण

18 फरवरी 2019 में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन प्रारंभ हुआ इसके बाद से भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण शुरू हो गया। वंदे भारत ट्रेन टेक्नोलॉजी में परफेक्शन और आधुनिकता का प्रतीक बनकर उभरी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, वंदे भारत बुलेट ट्रेन लॉन्च पर भी कार्य तेजी से चल रहा है।

चेन्नई में आईसीएफ एक्सपोर्ट के लिए स्टैंडर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनों को विकसित करेगा

ii.आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

वंदे भारत ट्रेन ने तकनीकी प्रगति के नए मापदण्ड को स्थापित किया है, बल्की पर्यावरण के लिए जागरुकता का नया मानक भी बनाया है वंदे भारत ट्रेन को  निरंतर विकास की अवधारणा पर बनाया गया है।

वंदे भारत पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से युक्त है। ट्रेन में रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है जिससे गतिज ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है जिससे ऊर्जा की बचत होती है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस धीमी क्यों है?

उत्तर: वंदे भारत ट्रेन एक मशीन के तौर पर 180 किमी/घंटा की गति से चलने में सक्षम है, लेकिन 160 किमी/घंटा से 200 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की औसत गति के लिये भारत के, किसी भी ट्रैक को अपग्रेड नहीं किया गया है।

प्रश्न: भारत में कितनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन है?

उत्तर: भारतीय रेलवे मई 82 वंदे भारत ट्रेन सेवा संचलित हो रही है जो ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क वाले राज्यों को कनेक्ट करती है।

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस के संस्थापक कौन हैं?

उत्तर: बिना इंजन के सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का सुधांशु मणि का सपना वंदे भारत ट्रेन की लॉन्चिंग के साथ पूरा हो गया, सुधांशु का 38 साल का रेलवे में करियर रहा है ये एक मैकेनिकल ऑफिसर है, सुधांशु मणि को वंदे भारत की ट्रेनों का पिता माना जाता है और भारत के रेलवे के विकास में उनके योगदान को हमेशा सम्मान मिलेगा।

प्रश्न: कौन सी वंदे भारत एक्सप्रेस सबसे तेज़ है?

उत्तर: सबसे तेज़ औसत नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा मेंटेन किया गया है, भारतीय रेलवे द्वारा संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस एक इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन है।

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस की टेक्नोलॉजी क्या है?

उत्तर: भारत की वंदे भारत ट्रेनों ने रेलवे तकनीक में एक नए युग की शुरुआत की है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और आराम को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये हाई स्पीड ट्रेन सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक सुविधाएं से युक्त होती हैं।

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