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मुंद्रा पोर्ट के लिए ऐतिहासिक दिन: एमएससी अन्ना सबसे बड़ा कंटेनर जहाज भारत के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा जानिए कितना है खास अडानी मुंद्रा पोर्ट!

मुंद्रा पोर्ट भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है, पोर्ट पर वेसल एमएससी अन्ना (आईएमओ 9777204 एमएमएसआई636017727) गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा एमएससी अन्ना दुनिया का सबसे बड़ा कंटेनर जहाज है, जहाज की कुल लंबाई (एलओए)399.98 मीटर और चौड़ाई 58.6 मीटर है, मुंद्रा पोर्ट से संबंधित सभी जानकारी आज के इस पोस्ट में शेयर की जा रही है-

1.परिचय

i.मुंद्रा बंदरगाह का संक्षिप्त अवलोकन

मुंद्रा बंदरगाह एक निजी बंदरगाह है, इसका आर्थिक महत्व है। ये 1998 में अडानी ग्रुप से संबध्द हुआ इसे गुजरात अडानी पोर्ट लिमिटेड का नाम दिया गया, मुंद्रा पोर्ट भारत का पहला प्राइवेट पोर्ट है, कंटेनर क्षमता के मामले में भी ये सबसे बड़ा है और सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट है, ये कच्छ जिले में मुंद्रा टाउन के पास कच्छ की खाड़ी में स्थित है।

मुंद्रा पोर्ट के चेयरमैन गौतम अडानी और करण अडानी मैनेजिंग डायरेक्टर हैं पहले इसका संचालन अडानी ग्रुप की स्वामित्व वाली मुंद्रा पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड द्वारा किया जाता था, बाद में इसका विस्तार करके अडानी पोर्ट एंड एसईजेड लिमिटेड में कन्वर्ट कर दिया गया मुंद्रा बंदरगाह वर्तमान में 155 मीट्रिक टन कार्गो को संभालता है, पोर्ट भारत के 33% कार्गो यातायात को नियंत्रित करता है।

ii.भारत के समुद्री उद्योग में मुंद्रा बंदरगाह का महत्व

  • भारत के कच्छ क्षेत्र में मुंद्रा पोर्ट स्थित है, भारत का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बंदरगाह है। मुंद्रा पोर्ट 36,000 एकड़ में फ़ैला हुआ है और डीप ड्राफ्ट और सभी मौसम सुविधाओं से युक्त है। मुंद्रा का सबसे खास फीचर इसका आसान कार्गो डिस्चार्ज और शॉर्ट वेसल स्टे-ऑन है जो वर्ल्ड शिपिंग इंडस्ट्री में इसकी ताकत को दिखाता है।
  • वर्तमान में मुंद्रा पोर्ट भारतीय समुद्री कार्गो के 11% भाग को संभालता है मुंद्रा के पास मल्टी ऑब्जेक्टिव टर्मिनल है, जिसमें गोदाम और खुले यार्ड हैं, जिनमें बड़े वॉल्यूम कार्गो को स्टोर करने का ज्यादा स्पेस मिल जाता है। कार्गो को एयर, रोड, पाइपलाइन, रेल, कन्वेयर के द्वारा अटेंड और डिस्चार्ज किया जा सकता है।
  1. मुंद्रा पोर्ट डीप ड्राफ्ट बर्थ के द्वारा पोर्ट के बहुउद्देशीय टर्मिनल जो विश्व के सबसे बड़े थोक वाहक हैं।  पोर्ट पर इन और आउट मूवमनेट को सपोर्ट मिलता है। मुंद्रा ओवरसाइज़्ड और ओवरवेट प्रोजेक्ट कार्गो को हैंडल करने में स्पेशलिटी रखता है।
  • मुंद्रा को विभिन्न प्रकार के कारगो जैसे उर्वरक, कृषि,खान एवं खनिज और स्टील प्रोजेक्ट कार्गो की हैंडलिंग और कंट्रोलिंग में महारत हासिल है बिना एलओए प्रतिबंध के मुंद्रा बंदरगाह पूरे साल के हर मौसम के लिए अनुकूल बंदरगाह है।
  • एपीएसईजेड के माध्यम से मुंद्रा स्टीवडोरिंग, बर्थिंग, डिस्पैच के लिए बैकअप हैंडलिंग से जुडी सभी गतिविधियों के लिए सिंगल विंडो सर्विस प्रदान करता है।

अडानी

2.ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

i. मुंद्रा बंदरगाह की स्थापना एवं विकास

मुंद्रा पोर्ट को सबसे पहले 1998 में विकसित किया गया, 12 साल के कम समय में, मुंद्रा ने 10 करोड़ मीट्रिक टन वाणिज्यिक कार्गो के लक्ष्य को एक वर्ष में प्राप्त किया, इसके  कारण इसे भारत के सबसे बड़े वाणिज्यिक बंदरगाह होने का गौरव प्राप्त हुआ।

1994 में गुजरात मेरिटाइम बोर्ड से मुंद्रा पोर्ट पर कैप्टिव जेट्टी स्थापित करने की मंजूरी मिलने के बाद संयुक्त क्षेत्र की कंपनी गुजरात अदानी लिमिटेड ने टर्मिनल पर मल्टीपर्पज बर्थ 1 और 2 पर काम शुरू किया, एमटी अल्फा -2 पहला टैंकर था जिसने मुंद्रा पोर्ट पर पहली बार लंगर डाला।

इसके बाद मल्टीपर्पज बर्थ 3 और 4 को शुरू किया गया, 2001 में पोर्ट के विकास, संरचना और संचालन के लिए जीएमबी के साथ डील हुई और मुंद्रा आदिपुर रेलवे लाइन को भारतीय रेलवे के साथ एकीकृत किया गया।

2002 में गुरु गोविंद सिंह लिमिटेड ने मुंद्रा पोर्ट पर कच्चे तेल की देखभाल करने के लिए मुंद्रा पोर्ट के साथ समझौता किया, इसी वर्ष सिंगल प्वाइंट मूरिंग सुविधा स्थापित करने और कच्चे तेल की पोर्ट पर देखभाल करने के लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ समझौता किया गया और टर्मिनल को शुरू कर दिया गया।

2005 में अडानी पोर्ट लिमिटेड और गुजरात अडानी पोर्ट लिमिटेड को मर्ज कर दिया गया और सिंगल पॉइंट मूरिंग स्टार्ट हो गई।

मुंद्रा विशेष आर्थिक क्षेत्र को शामिल किया गया और ये भारत का पहला बहु उत्पाद बंदरगाह आधारित विशेष आर्थिक क्षेत्र बन गया बल्क कार्गो को संभालने के लिए टर्मिनल II पर 2 नई बर्थ शुरू की गयी और मल्टी स्टैक कंटेनर ट्रेन प्रारम्भ की गई।

2003 में मुंद्रा स्पेशल इकोनोमिक जोन लिमिटेड और अदानी केमिकल्स लिमिटेड का गुजरात अदानी पोर्ट लिमिटेड में विलय कर दिया गया और कंपनी को मुंद्रा पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एमपीएसईजेड) नाम दिया गया।

2007 में बल्क कार्गो के संचालन के लिए 2 नई बर्थ जोड़ी गई और टर्मिनल ट्रायल रन ऑपरेशन शुरू हुआ। कोयला कार्गो आयात को संभालने के लिए बिजली उत्पादन के लिए टाटा पावर के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।

इसी साल एमपीएसईजेड के क्विटी शेयर कर्मचारी और जनता के सामने रखे गए और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग हुई एमपीएसईज़ेड ने अपने पोर्ट का विस्तार किया।

2012 में इसका नाम परिवर्तन करके”अडानी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड”(एपीएसईज़ेड) का दिया गया

ii. मील के पत्थर और उपलब्धियाँ

  • 1998 में मुंद्रा पोर्ट ने 1 बर्थ के साथ वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया।
  • 2006 में मुंद्रा के विशेष आर्थिक क्षेत्र के लिए अधिसूचना जारी की गयी।
  • 2007 में मुंद्रा पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड के 10 रुपये के 40,25,0000 इक्विटी शेयर के लिए जनता और कर्मचारियों के लिए 400 रुपये से 440 रुपये के प्राइस बैंड के साथ आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव) लाया गया।
  • 6 करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता वाला पूरी तरह से मशीनीकृत दुनिया का सबसे बड़ा कोयला आयात टर्मिनल ऑपरेशन में लाया गया।
  • 2011 में टर्मिनल 3 पर ऑपरेशन शुरू किया गया।
  • 2012 में पोर्ट का नाम बदलकर अडानी पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड कर दिया गया।
  • मुंद्रा और आदिपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी को दोगुना किया गया आज मुंद्रा के पास 117 किलोमीटर का निजी रेलवे नेटवर्क है।
  • 2014 में मुंद्रा पोर्ट ने एक साल में कार्गो हैंडलिंग का 100 एमएमटी का आंकड़ा पार कर लिया। मुंद्रा पोर्ट लिमिटेड भारत के सबसे बड़े पोर्ट डेवलपर और ऑपरेटर अदानी ग्रुप का हिस्सा है।

3.बुनियादी ढाँचा और सुविधाएँ

i.पोर्ट लेआउट और संरचना

मुंद्रा पोर्ट में कमोडिटी के लिए विशिष्ट भंडारण क्षेत्र है। पोर्ट में आयात या निर्यात कार्गो के भंडारण के लिए 2,25,000 वर्ग मीटर के बंद गोदाम और 31,50,000 वर्ग मीटर के खुले भंडारण यार्ड हैं।

एएसपीईज़ेड के तरल टर्मिनल में विभिन्न प्रकार के तरल भंडारण के लिए 4,25000 किलोलीटर की कुल भंडारण क्षमता के साथ विभिन्न आकार और विशेषता वाले 97 टैंक शामिल हैं।

मुंद्रा पोर्ट ने कार्गो की निकासी के लिए इनवर्टेड फ़नल थ्योरी पर आधारित बुनियादी ढांचे का विकास किया है।

मुंद्रा बंदरगाह ने कार्गो की हैंडलिंग, भंडारण और निकास के लिए विशेष वस्तु आधारित बुनियादी ढांचे का विकास किया है।

स्टील यार्ड, स्टील भंडारण क्षेत्र है जो 1,20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फ़ैला हुआ है इसमें स्टील कार्गो को संभालने के लिए उपकरण लगे हुए हैं।

मुंद्रा पोर्ट को हल्के और भारी इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट कार्गो, ऑटो घटक, कपड़े, फार्मासूटिकल्स, विशिष्ट रसायन, लकड़ी और फर्नीचर, कृषि उत्पाद, प्लास्टिक प्रोसेसिंग, ग्लोबल बिजनेस आदि के लिए एक बिजनेस सेंटर का रूप विकसित किया जा रहा है।

ii. टर्मिनल सुविधा और सेवाएँ

मुंद्रा पोर्ट पर टर्मिनल की नीचे दी गई सुविधाएं और सेवाएं कार्गो के लिए उपलब्ध हैं-

  • विशिष्ट वस्तु आधारित उन्नत सुविधा जिससे कार्गो की ग्रुपिंग में मदद मिलती है जिसका प्रत्यक्ष लाभ व्यवसायियों को कीमत में अंतर की स्थिति में लाभ मिलने में मदद करता है।
  • खुले क्षेत्र में ढेर लगाने के लिए हाई हीपिंग उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
  • बारिश के दिनों में कार्गो को पूरी तरह से कवर करने की सुविधा मिलती है।
  • औसत आकार से बड़े आकार के पोस्ट पेनामैक्स जहाजों और पलटने वाले जहाजों को संभालने के लिए बर्थ प्रदान की गई है।
  • स्टील पाइप की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संवेदनशील कार्गो की स्क्रैच फ्री हैंडलिंग की सुविधा मुंद्रा पोर्ट पर दी गई है, इसके लिए वैक्यूम लिफ्टर लगी हुई एडवांस टेक्नोलॉजी वाली गोलियथ क्रेन उपलब्ध है।
  • तटीय गतिविधियों के लिए सर्वोत्तम उपलब्ध बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया गया है।
  • उर्वरक के लिए तंत्र आधारित अर्ध- स्वचालित बैगिंग प्लांट पोर्ट पर लगे है जिससे प्रतिदिन 25000 मीट्रिक टन उर्वरक बैग में भरकर डिस्पैच करके डिस्ट्रीब्यूशन के लिए अपकंट्री भेजने की सुविधा है।
  • मुंद्रा पोर्ट पर डेडिकेटेड एग्री जोन बनाया गया है, यहां फूड ग्रेड ईडबल कार्गो की बैगिंग और स्टोरेज की सुविधा प्रदान की गई है।
  • मशीन आधारित कन्वेयर सिस्टम, जिससे फास्ट वेसल टीएटी के लिए उर्वरक को हैंडल किया जा सकता है।
  • मुंद्रा बंदरगाह पर 7 एलएमटी और कृषि क्षेत्र में 3 एलएमटी कार्गो के लिए कुल कवर भंडारण क्षेत्र दिया गया है।

4.आर्थिक प्रभाव

i.क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान

बंदरगाह रोजगार सृजन करके क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं बंदरगाह व्यापार निवेश को आकर्षित करके औद्योगिक विकास को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बंदरगाह केवल बंदरगाह के परिसर में रोजगार पैदा नहीं करते, लेकिन विनिर्माण, रसद और परिवहन जैसे अन्य क्षेत्रों में भी नए रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। बंदरगाहों की अंतरराष्ट्रीय व्यापार में महत्वपूर्ण भूमिका होती है बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार और राजस्व उत्पन्न करते हैं।

दो देशों के बीच में व्यापारिक कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को आसान बनाने की भूमिका पोर्ट्स निभाते हैं बंदरगाहों को किसी देश की अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा कहा जाता है जो देश की वृद्धि और विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मुंद्रा पोर्ट ग्राहक केंद्रित सेवाओं के लिए जाना जाता है मुंद्रा उच्च उत्पादकता और अभिनव लॉजिस्टिक समाधान ग्राहक को प्रदान करता है ये जहाज तेजी से मुडने और डबल स्टैक्ड ट्रेनों के माध्यम से बंदरगाह से कंटेनरों की तेजी से निकास सुविधा प्रदान करता है आयातित कच्चे तेल को 2 सिंगल पॉइंट मूरिंग स्ट्रेंथ के माध्यम से निकास किया जाता है।

मुंद्रा पोर्ट ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भरपूर समर्थन प्रदान किया है। पिछले 25 वर्षों में मुंद्रा ने 2.25 लाख करोड़ का राज्य और राष्ट्रीय खजाने के लिए राजस्व उत्पन्न करके दिया है, इससे मुंद्रा की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत मिलता है।

मुंद्रा ने अपनी स्थापना के बाद 7.5 करोड़ रोजगार उत्पन्न  किये हैं, 1998 में कुछ टन से इसकी शुरुआत से लेकर 2014 में 100 एमएमटी प्रबंधन करने का महत्वपूर्ण आँकड़ा प्राप्त किया है।

ii.रोजगार सृजन और व्यवसाय के अवसर

बंदरगाह क्षेत्र में शिपिंग, कार्गो, औद्योगिक गतिविधियों और सेवाओं में प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होता है, जिससे कर्मचारी के जीवन स्तर में सुधार होता है, मुंद्रा ने पिछले 25 वर्षों में 7.5 करोड़ रोजगार पैदा किए हैं, मुंद्रा बंदरगाह पर कर्मचारियों की संख्या लगभग 3000 है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: मुंद्रा पोर्ट में कितने टर्मिनल और बर्थ हैं?

उत्तर: मुंद्रा पोर्ट पर 10 टर्मिनल पर 30 बर्थ हैं। जिनमें 12 फ्राई कार्गो बर्थ, 4 लिक्विड बर्थ (एलपीजी और लिक्विड कार्गो के लिए) 10 कंटेनर बर्थ, 1 एलएनजी बर्थ, 2 एसपीएम और 1 बार्ज बर्थ शामिल है।

प्रश्न: मुंद्रा पोर्ट बर्थ होने वाला सबसे बड़ा जहाज कौन सा है?

उत्तर: एमएससी अन्ना, हाल ही में मुंद्रा पोर्ट पर बर्थ होने वाला सबसे बड़ा कंटेनर जहाज है।

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आरआईएल के वायाकॉम 18 का स्टार इंडिया में विलय: क्या भारत की मीडिया इंडस्ट्री के लिए बनेगा गेम चेंजर जानिए पूरी जानकारी!

आपको मुंद्रा पोर्ट के लिए ऐतिहासिक दिन पोस्ट में मुंद्रा पोर्ट से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध कराई गयी है यदि आपको जानकारी उपयोगी लगी हो तो इसे अपने मित्र मंडली में साझा करें और टिप्पणी करें।

आरआईएल के वायाकॉम 18 का स्टार इंडिया में विलय: क्या भारत की मीडिया इंडस्ट्री के लिए बनेगा गेम चेंजर जानिए पूरी जानकारी!

आरआईएल (रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड) के वायाकॉम 18 का वॉल्ट डिज़्नी के स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ विलय होने जा रहा है भारत की मीडिया इंडस्ट्री में यह अपनी तरह का पहला विलय है इसका मीडिया उद्योग पर क्या प्रभाव होगा और वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया से जुड़ी सभी जानकारी आज के इस पोस्ट में हम शेयर कर रहे हैं

1.परिचय

i.रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का संक्षिप्त अवलोकन

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह है जिसके द्वारा कई अन्य व्यवसायों को संचालित किया जाता है, आरआईएल आज कपड़े के अलावा पेट्रोकेमिकल्स, तेल रिफाइनिंग, ऊर्जा, मनोरंजन, प्राकृतिक गैस, खुदरा, दूरसंचार मास मीडिया के व्यवसाय में शामिल है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भारत की निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है जिसकी बिक्री 60 अरब डॉलर से अधिक है। कंपनी के पास 110 उत्पाद ब्रांड हैं आरआईएल की 40 अन्य कंपनियों के साथ साझेदारी है। आरआईएल भारत की सबसे ज्यादा राजस्व उत्पन्न करने वाली निजी कंपनी है वित्त वर्ष 2023-24 में आरआईएल का टर्नओवर बढ़कर 10 लाख करोड़ हो गया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी हैं, आरआईएल भारत और एशिया का सबसे बड़ा बिजनेस ग्रुप है, जबकी मुकेश अंबानी दुनिया के 13वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।आरआईएल फॉर्च्यून 500 ग्लोबल रेटिंग में स्थान पाने वाली पहली निजी स्वामित्व वाली भारतीय कंपनी थी।

ii.वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया का परिचय

वायाकॉम 18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड एक भारतीय मीडिया कंपनी है वायाकॉम 18 का स्वामित्व रिलायंस के पास है। वायाकॉम भारत के 40 टीवी चैनलों का एक नेटवर्क ऑपरेट करता है, जिन में एमटीवी और कॉमेडी सेंट्रल के प्रतिष्ठित नाम आते हैं।

वायाकॉम 18 का नेटवर्क काफी विस्तृत है, वायाकॉम 18 का प्रोग्राम 8 भाषाओं में 130 से अधिक देशों में 38 चैनलों के द्वारा प्रसारित होता है । भारत में ये चैनल ऑन एयर शो के द्वारा मनोरंजन से भरे हुए, आकर्षक, ज्ञानवर्धक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं।

स्टार इंडिया भारत में हिंदी में प्रसारित होने वाला टीवी चैनल है, स्टार इंडिया हर डीटीएच चैनल पर उपलब्ध है वॉल्ट डिज़्नी कंपनी के पास स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का स्वामित्व है स्टार इंडिया, भारत 8 भाषाओं में 70 टेलीविजन चैनलों को संचालित करता है, और प्रति माह 790 मिलियन दर्शक कवर करता है। इसका नेटवर्क 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है।

इसका ऑपरेशन डिसेनी स्टार के द्वारा किया जाता है। भारत में स्टार इंडिया के प्रारंभ होने के बाद स्टार फिल्में, स्टार समाचार और चैनल वी की शुरुआत हुई इसके बाद स्टार सीरीज में स्टार प्लस लॉन्च किया गया जिस पर अनेक लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों का प्रसारण किया गया।

iii.विलय की घोषणा और उसका महत्व

वायकॉम 18 और स्टार इंडिया के मर्ज होने की आधिकारिक घोषणा 28 फरवरी 24 को की गयी, डिज्नी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने मर्ज डील पर साइन किए, मर्ज स्कीम को ट्रिब्यूनल मुंबई बेंच के सामने मंजूर के लिया रखा गया जिसे मुंबई बेंच ने एडमिट कर लिया. हाल ही में दोनों कंपनियों के विलय के लिए सीसीआई (प्रतियोगिता आयोग ऑफ इंडिया) से अनुमति मांगी गई है।

ये देश की सबसे बड़ी मनोरंजन और मीडिया बिजनेस डील होगी जिसकी वैल्यू 8.5 बिलियन डॉलर होगी। स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कीमत 3-3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर है जबकी वायाकॉम 18 की वैल्यू 4 बिलियन डॉलर है।

वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया के विलय से भारत में 100 टीवी चैनल होंगे और जियो सिनेमा और डिज्नी-हॉटस्टार के माध्यम से दर्शक टीवी और इंटरनेट पर कार्यक्रमों को देख और सुन पाएंगे।

वायाकॉम और स्टार इंडिया का फ्यूजन 750 मिलियन से अधिक भारतीय और विदेश में बसे 29 मिलियन भारतीयों को अपनी सुविधाएं प्रदान करेगा नए संयोजन में रिलायंस कंपनी की 63% वित्तीय हिस्सेदारी होगी, जबकी बाकी हिस्से पर डिज्नी की स्वामित्व रहेगा।

मुकेश अंबानी

2.रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पृष्ठभूमि 

i.आरआईएल का इतिहास और विकास

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड का प्रारंभ रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन के रूप में 1958 में धीरूभाई अंबानी ने किया, धीरूभाई ने अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए मसाले और पॉलिएस्टर यार्न से शुरुआत की।

प्रारंभ में रिलायंस की साझेदारी दुष्यंत ग्रुप ऑफ कंपनी के साथ थी। साझेदारी को समाप्त करके 1966 में धीरूभाई ने रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज, प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र में शामिल किया, धीरूभाई ने गुजरात के नरोदा में सिंथेटिक कपड़ा मिल को स्थापित किया और इसे रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम दिया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का विस्तार हुआ और’ ‘विमल’ ब्रांड को लॉन्च किया गया। 1977 में रिलायंस का पहला आईपीओ आयोजित किया गया। रिलायंस ने अमेरिका स्थित कंपनी ईआई डु पोंट डी नेमार्स एंड कंपनी के वित्तीय और तकनीकी सहायता से पातालगंगा रायगढ़, महाराष्ट्र में पॉलिएस्टर यार्न फिलामेंट प्लांट को स्थापित किया।

  • 1985 में कंपनी को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का नाम दिया।
  • 1992 में हजीरा पेट्रोकेमिकल प्लांट की स्थापना की गई।
  • 1993 में रिलायंस ने पेट्रोलियम की फंडिंग के लिए विदेशी पूंजी बाजार में कदम रखा।
  • 1996 में रिलायंस को अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा बीबी+ और मूडीज द्वारा बीएए3 रेटिंग प्रदान की गई।
  • 1996 में रिलायंस ने यूएसए के साथ मिलकर टेलीकम्युनिकेशन में प्रवेश किया और भारत में रिलायंस टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।
  • 1998 में रिलायंस ने भारती पर्टोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड का अधिग्रहण किया।
  • 1999 में आरआईएल ने रिलायंस गैस ब्रांड के तहत 15 किलो के एलपीजी रिलायंस गैस सिलेंडर शुरू किया।
  • 2000 में गुजरात के जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी यूनिफाइड पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना हुई।
  • 2001 में रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड और रिलायंस पेट्रोलियम लिमिटेड का विलय कर दिया गया।
  • 2002 में रिलायंस ने कृष्णा गोदावरी बेसिन में भारत की सबसे बड़ी गैस खोज की घोषणा की, ये किसी भारतीय प्राइवेट कंपनी द्वारा की गई पहली खोज थी।
  • 2003 में रिलायंस ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी पर्टोकेमिकल कंपनी आईपीसीएल (इंडियन पेट्रोकेमिकल लिमिटेड) के अधिकांश शेयर खरीदे और आईपीसीएल का आरआईएल में विलय हो गया।
  • 2006 में रिलायंस ने बिजली उत्पादन, वितरण, वित्त सेवा और दूरसंचार सेवा में कदम रखा।
  • 2006 में रिलायंस ने ‘रिलायंस फ्रेश’ के नाम से अपने रिटेल स्टोर्स को शुरू किया।
  • 2017 में रिलायंस ने रूसी कंपनी सिबुर के साथ गुजरात के जामनगर में व्यू टाइल रबर प्लांट की स्थापना की।
  • 2019 में रिलायंस ने ई-कॉम क्षेत्र में ग्राहक व्यवसाय और मोबाइल फोन सेवाओं को ‘एफआईएनडी’से कनेक्ट किया  2024 में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर (जीपीटी) के साथ एलएलएम हनुमान के एआई सिस्टम को लॉन्च करने की घोषणा की, यह रिलायंस हेल्थ, एडमिनिस्ट्रेशन, फाइनेंस और एजुकेशन क्षेत्र के तहत 11 भाषाओं में काम करेगा।
  • 2024 में ही आरआईएल ने रिलायंस-डिज्नी ओटीटी प्लेटफॉर्म लॉन्च करने के लिए डिज्नी के साथ साझेदारी की।

ii.विभिन्न क्षेत्रों में आरआईएल के उद्यम

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय करती है जिनमें पेट्रोकेमिकल। ऊर्जा, मनोरंजन, प्राकृतिक गैस, रैटिल दूरसंचार, मास मीडिया, कपड़ा, नई ऊर्जा और सामग्री, डिजिटल सेवाएं है।

आरआईएल भारत के बाजार पूंजीकरण और राजस्व के आधार पर भारत कीपहली सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनी है और विश्व स्तर पर इसका स्थान 100वां है।

रिलायंस

iii.आरआईएल के पिछले अधिग्रहण और विलय

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अब तक 34  कंपनियों का अधिग्रहण किया है। कंपनी ने अधिग्रहण पर 2.52 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं।
  • आरआईएल ने पैरामाउंट ग्लोबल का वायाकॉम18 में अधिग्रहण किया है हाल ही में एक एग्रीमेंट साइन किया है।
  • 2010 में रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज को रिलायंस पावर के साथ जोड़ा गया।
  • 2017 में रिलायंस कम्युनिकेशन और एयरसेल का मर्ज हो गया।
  • 2023 में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने क्लॉथ फर्म सिंटेक्स इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया।
  • बुक माई शो को ऑपरेट करने वाली कंपनी बिगट्री एंटरटेनमेंट फंड जुटाने के लिए रिलायंस की नेटवर्क 18 में मर्ज होने के लिए सहमत है।
  • आरआईएल ने 2020 में नेटमेड्स का अधिग्रहण किया नेटमेड्स को आरआईएल ने 620 करोड़ में  खरीदा, नेटमेड्स भारत की शीर्ष ऑनलाइन फार्मेसी कंपनी है।
  • 2019 में आरआईएल ने हैमलीज़ को अधिग्रहीत किया, जिसे 68 मिलियन(620 करोड़) पाउंड में खरीदा गया। हैमलीज़ खिलौने की रिटेलर कंपनी है।
  • 2019 में ही आरआईएल ने टेसेरैक्ट को अधिग्रहीत किया जिसे 10 करोड़ में खरीदा गया, टेसेरैक्ट वर्चुअल रियलिटी स्टार्टअप है जोकी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर उत्पाद बनाती है।
  • 2019 में ही आरआईएल ने रेवेरी को टेकओवर किया, जिसे 190 करोड़ में खरीदा गया रिवेरी वॉयस सूट प्रदाता कंपनी है जो चैटबॉट और आईवीआर (इंटीग्रेटेड वॉयस रिस्पांस) के लिए इंटीग्रेटेड वॉयस सूट समाधान प्रदान करती है।
  • 2019 में ही आरआईएल ने हैप्टिक का अधिग्रहण किया जिसकी वैल्यू 700 करोड़ लगायी गई, हैप्टिक कस्टमर को संवादी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रदान करता है जिससे उन्हें अपने वॉयस असिस्टेंट से बात करने में मदद मिलती है।
  • आरआईएल ने 2019 में ही ग्रैब को अधिगृहित किया, जिसे 106 करोड़ में खरीदा गया ग्रैब लॉजिस्टिक सर्विस प्रदान करने वाली एक भारतीय कंपनी है जिसके बिगबास्केट, मिंत्रा और स्विगी जैसे बड़े ग्राहक हैं।

3.वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया

i.मीडिया उद्योग में प्रमुख खिलाड़ी

सबसे अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाली मीडिया कंपनियां कॉमकास्ट एनबीसीयूनिवर्सल, वॉल्ट डिज़नी कंपनी, वार्नर ब्रदर्स, डिस्कवरी और पैरामाउंट ग्लोबल हैं।

ii.वायाकॉम 18 के संचालन और भारत में उपस्थिति का अवलोकन

वायाकॉम 18 भारत का सबसे तेजी से बढ़ता मनोरंजन नेटवर्क है जिसे अनेक प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाता है जिसके पास अनेक पीढ़ी के द्वारा देखे जाने और अनेक संस्कृति कोदिखाने वाला ब्रांड होने का अनुभव है जिन्हे टेलीविजन, डिजिटल माडिया, लाइव इवेंट और फिल्मों में दिखाया जाता है।

वायाकॉम18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड भारतीय मीडिया कंपनी है वायाकॉम 18 का नेटवर्क 130 से अधिक देशों में 8 भाषाएँ उपलब्ध हैं। वायाकॉम 18 के एयर शो में सबसे मनोरंजक, हाई क्वालिटी कॉन्टेक्ट के साथ प्रोग्राम शो किये जाते हैं।

iii.भारतीय मीडिया परिदृश्य में स्टार इंडिया की प्रमुखता

भारत के टीवी प्रसारण में स्टार इंडिया का शेयर 30% है। स्टार इंडिया इंडियन मीडिया इंडस्ट्री में अच्छा नेटवर्क है, भारत में इसके कई चैनल लोकप्रिय हैं। स्टार स्पोर्ट चैनल सबसे लोकप्रिय टीवी चैनल है जिसे साप्ताहिक 2.6 मिलियन दर्शकों के द्वारा देखा जाता है। जबकी स्टार प्लस भारत में उच्चतम टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट) रेटिंग वाला चैनल है।

iv.वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया सहयोग का प्रभाव

वायकॉम 18 और स्टार इंडिया के मर्ज होने से भारतीय मीडिया उद्योग पर प्रभाव मीडिया पावरहाउस के रूप में सामने आने का अनुमान है, जिसमें 100 से अधिक टीवी चैनलों का व्यापक नेटवर्क होगा, 2 प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म और 750 मिलियन से अधिक दर्शक साझेदारी के द्वारा कवर किये जायेंगे जिससे कीमत प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, सामग्री की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ेगा।

4.वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया के विलय का विश्लेषण

i.विलय के पीछे रणनीतिक प्रेरणा

रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच होने वाला विलय का रणनीतिक लक्ष्य, 8.5 बिलियन डॉलर से एक मजबूत मीडिया प्लेटफॉर्म बनाना है, ये विलय केवल संपत्ति को संयुक्त करना नहीं है बल्की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और मीडिया पर हावी होने के लिए अपने विजन को भी एक साथ मिलाना है।

ii.आरआईएल, वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया के बीच संभावित तालमेल

वायाकॉम 18 और स्टार इंडिया के विलय के साथ कुछ समस्याएं और चुनौतियाँ भी हो सकती हैं, लेकिन दोनों पार्टियां सहयोग के लिए तैयार हैं, ये सहयोग अनेक विशिष्ट क्षेत्रों में हो सकता है जैसे सामग्री और वितरण में, बाजार के विस्तार में, उन्नत प्रौद्योगिकी को उपयोग में लाने में और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे।

स्टार इंडिया और आरआईएल के साथ एक लाभदायक साझेदारी से स्टार इंडिया को फायदा होगा, आरआईएल, डिज्नी को भारतीय बाजार में उतरने, अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाने में  मदद करेगी, जिससे बिजनेस ग्रोथ में मदद मिलेगी, और दोनों पक्षों को बिजनेस में जोखिम कम होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: रिलायंस का साइज़ कितना बड़ा है?

उत्तर: बाजार पूंजीकरण और राजस्व के दृष्टिकोण से रिलायंस भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक कंपनी है, ये भारत की सबसे बड़ी निजी करदाता है और सबसे बड़ी निर्यात करने वाली कंपनी है। रिलायंस भारत के कुल व्यापार निर्यात का 7% निर्यात करती है।

प्रश्न: रिलायंस क्या करती है

उत्तर: रिलायंस का कार्य क्षेत्र तेल और गैस की खोज से लेकर तेल और गैस के उत्पादन, पेट्रोलियम उत्पाद, पॉलिएस्टर उत्पाद, पॉलिएस्टर मध्यवर्ती, प्लास्टिक उत्पादन, पॉलिमर मध्यवर्ती, रसायन, सिंथेटिक कपड़े, और कपड़ा उत्पादन तक है, रिलायंस के सभी उत्पाद उनके ब्रांड की उत्कृष्टता को प्रूफ करते हैं।

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डीयू पीजी प्रवेश 2024: पंजीकरण की अंतिम तिथि आज ही ऑनलाइन आवेदन करें, जाने पूरी प्रवेश प्रक्रिया और भी बहुत कुछ!

डीयू(दिल्ली यूनिवर्सिटी) में प्रवेश की इच्छा हर छात्र की होती है, डीयू से पीजी करने के बाद करियर को एक नई दिशा मिल जाती है, भारत की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में प्रवेश की क्या प्रक्रिया है? ऑनलाइन पंजीकरण की लास्ट डेट क्या है? आज के इस पोस्ट में पूरी जानकारी साझा की जाएगी

1.परिचय

i. डीयू स्नातकोत्तर प्रवेश का अवलोकन

दिल्ली यूनिवर्सिटी हर साल अलग-अलग पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करता है। पंजीकरण करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय के मानदंड के अनुसार पीजी कोर्स के लिए सीट आवंटित कर दी जाती है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के 2 साल के पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन 25 अप्रैल 2024 से प्रारंभ हो चुका है। ये रजिस्ट्रेशन कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के अंतर्गत किया जाएगा।

भारत के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) का नाम लिया जाता है, जहां से पोस्ट ग्रेजुएशन करके छात्र अपना बेहतर करियर बना सकते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के पासआउट को दुनिया में सम्मान के साथ देखा जाता है, चाहे डिग्री किसी भी फील्ड में ली गयी हो उसकी मार्केट वैल्यू बढ़जाती है।

अगर आप भी डीयू से पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं तो आपको आखिरी तारीख 25 May 24 से पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा तभी आप सीट आवंटन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं

दिल्ली यूनिवर्सिटी

ii. डीयू से पीजी डिग्री का महत्व

  • दिल्ली यूनिवर्सिटी क्यूएस विश्व रैंकिंग विश्वविद्यालय में 407वें स्थान पर रैंक करती है।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी की शीर्ष दस भारतीय सार्वजनिक शैक्षिक संस्थानों/विश्वविद्यालयों में गिनती की जाती है।
  • इसके अलावा डीयू शीर्ष 25 केंद्रीय यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान पर रैंक करती है।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी की विश्व में शीर्ष पायदान के विश्वविद्यालयों में गिनती होती है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने का क्या महत्व है और एक उम्मीदवार के लिए पीजी डिग्री की क्या वैल्यू होती है इसकी डिटेल पॉइंट्स के रूप में प्रस्तुत की जा रही है-

  • डीयू अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विश्व स्तरीय प्लेसमेंट के लिए जानी जाती है।
  •  दिल्ली यूनिवर्सिटी का फीस स्ट्रक्चर उदार है जिसे मध्यम और निम्न वर्ग श्रेणी कक्षा के छात्र भी अफोर्ड कर सकते हैं।
  • डीयू में पीजी क्लास भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रोफेसरों और व्याख्याताओं के द्वारा ली जाती है जिससे छात्रों का मानसिक विकास होता है और भविष्य में बेहतर करियर की संभावनाएं बढ़ती हैं।
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी में दुनिया की मशहूर कंपनियाँ प्लेसमेंट के लिए आती है
    जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में परफॉर्म करने का मौका मिलता है।
  • पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री डीयू से लेने के बाद छात्र आगे के शोध कार्यक्रम की योजना बना सकते हैं, क्योंकि काफी अन्य विदेशी विश्वविद्यालय पीएचडी शोध कार्यक्रम की पेशकश करते हैं।
  • डीयू से पीजी कोर्स करने का सबसे बड़ा महत्व कौशल सुधार है क्योंकि डीयू की पीजी डिग्री उम्मीदवार को किसी विशिष्ट विषय की गहरी जानकारी देकर पेशेवर रूप से नौकरी उन्मुख बाजार के लिए तैयार करती है जिससे छात्र का कौशल और पेशेवर आधार तैयार होता है।

2.प्रमुख तिथियाँ और समय सीमाएँ

i.एप्लिकेशन विंडो खुली है

दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजी प्रोग्राम में रजिस्ट्रेशन के लिए विंडो 25 अप्रैल 2024 को ओपन हो चुकी है, उम्मीदवार डीयू की आधिकारिक वेबसाइट पीजीएडमिशन.यूओडी.एसी.इन पर जाकर पीजी कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के तहत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

ii.आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि

उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के सामान्य सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस पीजी) पोर्टल pgadmission.uod.ac.in पर शनिवार 25 मई 2024 11.59 बजे तक अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

iii.काउंसलिंग / प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण तिथियां

सीयूईटी (पीजी) परीक्षा में भाग लेने वाली यूनिवर्सिटीज ने सीयूईटी पीजी काउंसलिंग ऑनलाइन शुरू कर दी है। सीयूईटी पीजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों को पंजीकरण फॉर्म डीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भरना होगा, अंतिम तिथि 25 मई 2024 तक/ से पहले सबमिट करना होगा।

3.डीयू पीजी पात्रता मापदंड

i.शैक्षिक योग्यता

डीयू पीजी प्रवेश के लिए उम्मीदवार को  बी.कॉम, बी.कॉम (ऑनर्स) बी.ए (ऑनर्स) या अर्थशास्त्र में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय की डिग्री होनी चाहिए, सामान्य वर्ग के लिए 50%, ओबीसी के लिए 45% और एससी/एसटी के लिए 40% अंक होना अनिवार्य है।

गणित, गणित में बीएससी(ऑनर्स) बीए(ऑनर्स) सामान्य वर्ग के लिए 60%, 54% ओबीसी के लिए और एससी/एसटी के लिए 40% अंक अनिवार्य है।

ii.न्यूनतम प्रतिशत आवश्यकता

डीयू में प्रवेश के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों के प्रवेश मानदंड अलग-अलग हैं 2024 के लिए सीयूईटी कट ऑफ बिभिन्न कॉलेज और पाठ्यक्रमों  के लिए अलग-अलग रखा गया है। डीयू में प्रवेश के लिए-

  • एमए एप्लाइड साइकोलॉजी में न्यूनतम 60% अंकों की आवश्यकता होगी।
  • एमए अरबी भाषा में प्रवेश के लिए न्यूनतम 50% अंकों की आवश्यकता होगी।
  • एमए बंगाली भाषा में न्यूनतम 40% अंक होने पर प्रवेश मिल सकता है।
  • एमए तुलनात्मक भारतीय साहित्य में न्यूनतम 55% अंक चाहिए।
  • एमए पूर्व एशियाई अध्ययन में प्रवेश के लिए न्यूनतम 50% अंकों की आवश्यकता होगी।
  • एमए अर्थशास्त्र में प्रवेश के लिए न्यूनतम 60% अंक चाहिए।

iii.डीयू प्रवेश परीक्षा विवरण

शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजी कोर्स में प्रवेश सीयूईटी (पीजी) (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) में प्राप्त मार्क्स के आधार पर दिए जाएंगे। सीयूईटी परीक्षा, विभिन्न डोमेन (विषयों) जैसे विज्ञान, कला, वाणिज्य, भाषा इत्यादि में 2 साल के पीजी डिग्री प्रोग्राम में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है।

सीयूईटी (पीजी) परीक्षा के स्कोर और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर डीयू द्वारा पीजी सीटें छात्रों को आवंटित की जाती हैं। डीयू पीजी की 50% सीटें सीयूईटी के आधार पर भरी जाती हैं।

शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए सीयूईटी(पीजी) परीक्षा 300 अंक का रखा गया था, डीयू के शीर्ष कॉलेजों में एमए, एम.एससी,एम.सीए में प्रवेश के लिए कटऑफ 220-250/300 रहा।

4.दिल्ली यूनिवर्सिटी आवेदन प्रक्रिया

i.ऑनलाइन आवेदन करने के चरण

दिल्ली यूनिवर्सिटी के 2024-25 शैक्षणिक सत्र के 50% पीजी कार्यक्रम में प्रवेश, सीयूईटी(पीजी)2024 टेस्ट के आधार पर होंगे।

सभी पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीयूईटी (पीजी) में स्कोर किये गये, अंकों के आधार पर सीटों का आवंटन होगा, इसके लिए उम्मीदवार को डीयू की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा, जिसकी प्रक्रिया नीचे दी जा रही है-

  • डीयू की ऑफिशियल पोर्टल pgadmission.uod.ac.in पर विजिट करें
  • होम पेज पर दिये गये ‘न्यू रजिस्ट्रेशन’ लिंक पर क्लिक करें
  • सीयूईटी (पीजी) प्रवेश के लिए पंजीकरण फॉर्म खुला हो जाएगा
  • सीयूईटी (पीजी) परीक्षा का एप्लीकेशन नंबर भरें, सीयूईटी पीजी के अनुसार नाम, मेल आईडी, फोन नंबर दर्ज करें
  • जन्मतिथि और सत्यापन कैप्चा भरकर ‘रजिस्टर’ पर क्लिक करें
  • डीयू पीजी रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है

ii.आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

डीयू पीजी प्रवेश केवल सीयूईटी(पीजी) अंकों के आधार पर होगा, प्रवेश के लिए नीचे दिए गए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी

  • दसवीं कक्षा की अंक तालिका
  • बारहवीं कक्षा की अंक तालिका
  • 3 पासपोर्ट साइज फोटो
  • बारहवीं कक्षा के मूल दस्तावेज
  • सीयूईटी (पीजी) की मार्क्स शीट

iii. डीयू आवेदन शुल्क विवरण

डीयू पीजी प्रवेश, कॉमन सीट आवंटन प्रणाली(सीएसएएस पीजी) के आधार पर होंगे (सीएसएएस पीजी) के लिए फीस डिटेल नीचे दे जा रही है-

  • यूआर/ओबीसी-एनसीएल/ईडब्ल्यूएस के लिए 250 रुपये का भुगतान करना होगा, शुल्क नॉन-रिफंडेबल होगा।
  • एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी के लिए डीयू पीजी शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।
  • स्पोर्ट्स सुपरन्यूमरेरी कोटा के लिए 100 रुपये का भुगतान करना होगा।
  • बी.पी.एड., एम.पी.एड., एम.ए., संगीत, एम.एफ.ए के लिए 400 रुपये का भुगतान करना होगा।

5.दिल्ली विश्वविद्यालय(पीजी) चयन प्रक्रिया

i.मैरिट आधारित चयन प्रक्रिया

दिल्ली यूनिवर्सिटी के विभिन्न पोस्ट ग्रेजुएशन कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए 50% सीट आवंटन सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी पीजी) में प्राप्त स्कोर के आधार पर किया जाएगा।

जबकी बाकी 50% सीटों का आवंटन दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए होगा जिन्हे मेरिट के आधार पर डायरेक्ट एडमिशन दिया जाएगाडीयू पीजी 2024-25 की मेरिट सूची जून 24 में प्रकाशित होने की सम्भावना है।

ये मेरिट सूची सीयूईटी पीजी परीक्षा के स्कोर के आधार पर होगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों की मेरिट सूची जुलाई 2024 में जारी हो सकती है।

 डीयू टाई ब्रेकर राउंड

सीयूईटी पीजी परीक्षा में समान अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के लिए डीयू टाई ब्रेकर राउंड की व्यवस्था करती है, जिसमें अंतिम क्वालीफाइंग 3 साल का डिग्री कोर्स के, पहले पांच सेमेस्टर में रिसीव किये गये औसत नंबर और प्रारंभिक(जिसका जन्म पहले हुआ है) जन्मतिथि के आधार पर उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाती है।

ii. डीयू पात्रता मानदंड

दिल्ली यूनिवर्सिटी सामान्य सीट आवंटन प्रणाली प्रक्रिया के द्वारा सीयूईटी पीजी परीक्षा के उम्मीदवारों के स्कोर के आधार पर विश्वविद्यालय के विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन किया जाता है। डीयू की 50% सीटें सीयूईटी पीजी परीक्षा के प्रतिभागियों द्वारा भरी जाती है और 50% सीटें यूनिवर्सिटी के छात्रों के आवंटित होती है।

नीचे दिया गया विवरण विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए पात्रता को चिह्नित करता है-

  • यदि अभ्यर्थी एमए में प्रवेश लेना चाहता है तो बीए पास होना अनिवार्य है।
  • एम.एससी में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को बी.एससी में समान स्ट्रीम में न्यूनतम 55% अंकों के साथ पास होना चाहिए।
  • एम.कॉम में प्रवेश के लिए इच्छुक उम्मीदवार को बी.कॉम क्लियर करना होगा।
  • एम.टेक में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के लिए बी.ई. या बी.टेक. समान विषय में उत्तीर्ण होना, न्यूनतम 60% या उससे अधिक नंबरों के साथउत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
  • एमसीए में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास 10+2 में गणित अनिवार्य विषय के रूप में होना चाहिए या 3 महीने का कंप्यूटर कोर्स सर्टिफिकेट होना चाहिए। उम्मीदवार के बीसीए में न्यूनतम 60% अंक होने चाहिए।
  • एलएलएम. में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के दिल्ली विश्वविद्यालय या अन्य समकक्ष विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण एलएलबी डिग्री में न्यूनतम 50% अंक होना अनिवार्य है।
  • एम.एड में प्रवेश के लिए बी.एड डिग्री न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी चाहिए।
  • जो उम्मीदवार एमपीएड में प्रवेश लेना चाहते हैं उन्हें बीपीएड या बीएससी (स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा में) डिग्री न्यूनतम 50% अंकों के साथ उत्तीर्ण होनी अनिवार्य है।

iii.डीयू पीजी प्रवेश 2024-25 की काउंसलिंग प्रक्रिया

दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा ऑफर किए जा रहे पीजी पाठ्यक्रम में, प्रवेश के लिए उम्मीदवार को काउंसलिंग में भाग लेना होगा, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन या पंजीकरण किया जा सकता है।

सीयूईटी पीजी 2024 काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए डीयू का ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल 25 मई 2024 तक खुला है। इच्छुक उम्मीदवार डीयू के सामान्य सीट आवंटन प्रणाली (पीजी) पोर्टल pgadmission.uod.ac.in पर आवेदन सह काउंसलिंग फॉर्म भर सकते हैं।

डीयू के पीजी प्रोग्राम के लिए काउंसलिंग ऑफलाइन आयोजित की जाती है। डीयू प्रवेश काउंसलिंग में आम तौर पर 3 राउंड होते हैं, डीयू द्वारा चयनित उम्मीदवारों की 3 मेरिट सूची जारी की जाती है काउंसलिंग में इंटरव्यू और ग्रुप डिस्कशन के बाद फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और चयनित उम्मीदवारों को मेरिट सूची के आधार पर सीट आवंटन कर दिया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: डीयू पीजी मै एडमिशन के लिए कितने मार्क्स चाहिए?

उत्तर: सामान्य श्रेणी के लिए 50%, ओबीसी के लिए 45% एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए डीयू के नियमों के अनुसार प्रवेश किया जाएगा।

प्रश्न: डीयू पीजी में एडमिशन के लिए सीयूईटी पीजी में कितने मार्क्स चाहिए?

उत्तर: दिल्ली विश्वविद्यालय के शीर्ष कॉलेजों में एमए, एम.एससी और एम.कॉम में प्रवेश के लिए सीयूईटी पीजी का अपेक्षित स्कोर 220-250/300 रहता है, 2024 के लिए सीयूईटी पीजी कुल 300 अंकों के लिए आयोजन किया गया था।

प्रश्न: डीयू पीजी के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए कितनी सीटें हैं?

उत्तर: डीयू पीजी कार्यक्रम के लिए 82 पाठ्यक्रमों की पेशकश करती है डीयू पीजी के लिए कुल 13,500 सीटों का आवंटन 2024-25 शैक्षणिक सत्र के लिए होना है।

प्रश्न: पीजी के लिए कौन सा कोर्स सबसे अच्छा है?

उत्तर: स्नातक डिग्री लेने के बाद एमए (परास्नातक)(मास्टर ऑफ आर्ट्स), एम.एससी (मास्टर ऑफ साइंस) एम.कॉम (मास्टर ऑफ कॉमर्स) और एम.टेक सबसे लोकप्रिय कोर्स माने जाते हैं।

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यूजीसी नेट जून सत्र परीक्षा 2024: रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 19 मई आज ही आवेदन करें जानें परीक्षा से जुड़ी सभी जानकारी!

यूजीसी नेट जून सत्र 2024 के लिए पंजीकरण खुला है, यूजीसी नेट पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई है। अगर आप किसी विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज में लेक्चररशिप या रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपको यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। आज के इस पोस्ट में भारत की सबसे कठिन परीक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

1.परिचय

i.यूजीसी नेट परीक्षा की परिभाषा

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट देश का सबसे बड़ा टेस्ट है जो कि साल में 2 बार ऑर्गनाइज होता है। एग्जाम लेक्चररशिप और जूनियर रिसर्च फेलोशिप पोस्ट के लिए कैंडिडेट की योग्यता को जांचने के लिएआयोजित किया जाता है।

ii.शिक्षा जगत में यूजीसी नेट का महत्व

एनटीए यूजीसी नेट परीक्षा एनटीए (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) के द्वारा आयोजित की जाती है यह परीक्षा सहायक प्रोफेसर की भर्ती और जूनियर रिसर्च फेलोशिप प्रदान करने के लिए आयोजित की जाती है यूजीसी नेट का महत्व केवल यहीं तक सीमित नहीं है इस परीक्षा को क्लियर करने करने वाले उम्मीदवारों को और भी कई मौके मिलते हैं।

यूजीसी क्वालिफाई करने के बाद भारत के किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में एक सहायक प्रोफेसर के रूप में शिक्षण प्रोफेशन को चुना जा सकता है। यूजीसी नेट पास करने के बाद अधिकतर उम्मीदवार टीचिंग लाइन में ही शामिल होना पसंद करते हैं।

2.यूजीसी नेट परीक्षा क्या है

i.इतिहास और पृष्ठभूमि

यूजीसी नेट परीक्षा का 2018 से एनटीए के द्वारा आयोजन किया जा रहा है, 2018 से पहले यूजीसी नेट सीबीएसई के द्वारा आयोजित कराया जाता था।2018 से एनटीए, यूजीसी नेट क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यूजीसी-नेट ई- प्रमाणपत्र और जेआरएफ पुरस्कार पत्र जारी करती है।

ii.यूजीसी नेट परीक्षा का उद्देश्य

यूजीसी नेट परीक्षा 2018 से एनटीए के द्वारा आयोजित की जा रही है ये परीक्षा वर्ष में 2 बार आयोजित की जाती है जून और दिसंबर में, परीक्षा का मुख्य उद्देश्य भारत के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट के लिए अभ्यर्थियों की पात्रता को निश्चित करना है।

तथा जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) प्रदान करना है यूजीसी नेट परीक्षा में जेआरएफ क्वालिफाई करने वाले कैंडिडेट फेलोशिप के लिए योग्य हो जाते हैं और वे संबंधित क्षेत्र में अपना शोध जारी रख सकते हैं।

यूजीसी नेट परीक्षा 83 विषयोंमें किसी भी विषय में दी जा सकती है एनटीए भारत में कई परीक्षाओं का संचालन करती है यूजीसी नेट परीक्षा उन ही परीक्षाओं में से एक है यूजीसी नेट एक कंप्यूटर आधारित टेस्ट है लेकिन जून 2024 सत्र के लिए ये ऑफ़लाइन आयोजित होगी।

iii.यूजीसी नेट के लिए पात्रता मानदंड

  • सामान्य अभ्यर्थी/सामान्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थीजिन्होने न्यूनतम 55% (बिना पूर्णांकित किये) अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन या यूजीसी से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज या संस्थान से  मानविकी (भाषा सहित) सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान और अनुप्रयोग, इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान आदि विषयों के साथ परास्नातक या समकक्ष डिग्री प्राप्त की हो ।
  • जबकी एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूडी अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50% अंकों के साथ मास्टर्स में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
  • जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) के लिए उम्मीदवार की उम्र 30 सालसे अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए उम्र का कोई प्रतिबंध नहीं है।
  • अभ्यर्थी को भारत का नागरिक होना चाहिए।

3.यूजीसी नेट परीक्षा पैटर्न

i.यूजीसी नेट परीक्षा की संरचना

एनटीए द्वारा आयोजित कराए जाने वाले यूजीसी नेट 2024 परीक्षा में 2 पेपर होंगे पेपर-1 और पेपर- 2 दोनों पेपर के प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे पेपर- 1 में 50 प्रश्न और पेपर- 2 में 100 प्रश्न होंगे। सभी प्रश्न प्रयास करना अनिवार्य होगा प्रश्न पत्र को उम्मीदवार को 3 घंटे में हल करना होगा, परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

ii.यूजीसी नेट जून सत्र 2024 प्रश्न प्रकार

यूजीसी नेट जून सत्र परीक्षा का 18 जून को आयोजन किया जाएगा। परीक्षा पेपर के सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, 4 विकल्प में से केवल 1 विकल्प सही होगा। परीक्षा को 2 पेपर में विभाजित किया गया है।

पेपर 1 में उम्मीदवार की शिक्षण और अनुसंधान क्षमता की जांच करने के लिए सामान्य जागरूकता, तर्क क्षमता, पढ़ने की समझ, अन्य विभिन्न सोच से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।

यूजीसी नेट पेपर 2 में उम्मीदवार द्वारा चयन किये गये, विशिष्ट विषय पर उम्मीदवार के शैक्षिक पृष्ठभूमि और ज्ञान की जांच से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।

iii.यूजीसी नेट जून सत्र 2024 अंकन योजना संक्षेप में

यूजीसी नेट परीक्षा उद्देश्य- विश्वविद्यालय/डिग्री कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर पद के लिए/जूनियर रिसर्च फेलोशिप पुरस्कार के लिए उम्मीदवारों की योग्यता की जांच करना।

  • परीक्षा मोड- यूजीसी नेट जून सत्र एनटीए द्वारा ऑफ़लाइन आयोजित किया जाएगा
  • परीक्षा अवधि-180 मिनट(3 घंटे)
  • पेपर 1-50 एमसीक्यू प्रश्न
  • पेपर 2-100 एमसीक्यू प्रश्न
  • प्रश्न अंकन-प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाएंगे
  • कोई नकारात्मक अंकन नहीं – गलत उत्तर के लिए अंक काटे नहीं जाएंगे
  • परीक्षा की भाषा – हिंदी और अंग्रेजी
  • परीक्षा के विषय- अभ्यर्थी 83 विषयों में से अपना विषय चयन कर सकते हैं

4.यूजीसी नेट जून सत्र 2024 तैयारी युक्तियाँ

यूजीसी नेट को भारत के सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में से एक माना जाता है, यूजीसी नेट क्लियर करना इतना आसान नहीं है लेकिन परफेक्ट प्लानिंग, दृढ़ संकल्प, समय प्रबंधन के साथ सेट किए गए टाइम टेबल को फॉलो करके इसे पहले प्रयास में भी क्रैक किया जा सकता है।

यूजीसी नेट की तैयारी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव

i.यूजीसी नेट सिलेबस की समीक्षा करें

अभ्यर्थी ने यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए मास्टर डिग्री के जिस विषय को चुना है उसके पाठ्यक्रम को सावधानी से पढ़ें, दिए गए अध्याय और विषयों की अपनी तैयारी को जज करें, अंक वितरण के अनुसार महत्वपूर्ण अध्यायों को हाइलाइट करें और उनकी एक अलग सूची तैयार करें, कमजोर विषयों की भी सूची बनाएं सभी विषयों की उनके अंकों के आधार पर प्राथमिकता सेट करें।

ii.समय प्रबंधन रणनीतियाँ

यूजीसी नेट के संबंध में समय प्रबंधन का महत्व

किसी भी परीक्षा को पास करने के लिए समय प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है समय प्रबंधन बताता है कि विभिन्न गतिविधियाँ आपके मूल्यवान समय को कैसे विभाजित कर सकती हैं। जिससे आप आसानी से अपने काम को बिना ज्यादा प्रयास किये कर सकें और सर्वोत्तम आउटपुट प्राप्त कर सकें।

यूजीसी नेट में 83 विषयों का संयोजन होता है जिसमें अलग-अलग अध्यायों और विषयों को शामिल किया जाता है जिसे केवल सही समय प्रबंधन के साथ तैयार किया जा सकता है, समय प्रबंधन को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है, पहले आपको विषय के पाठ्यक्रम, अंक वितरण और पेपर के लिए आवंटित समय की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

जिससे आप अपना टाइम टेबल, विषय का महत्व और अपनी तैयारी के आधार पर सेट कर सकते हैं और सही समय प्रबंधन के साथ परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

ii.महत्वपूर्ण विषय को प्राथमिकता दें

यूजीसी नेट का सिलेबस काफी विस्तृत है, सबसे पहले अपने विषय के अनुसार सिलेबस की जानकारी लें, महत्वपूर्ण विषय और अध्याय पर अपनी तैयारी का विश्लेषण करें और टाइम टेबल में, विषय का समय और प्राथमिकता सेट करें ऐसा करके आप अपने समय को अच्छे से मैनेज कर पाएंगे।

विषय के अनुसार अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन पाठ्यक्रम, मॉक टेस्ट पेपर पिछले वर्ष के पेपर से अभ्यास करके आप अध्याय/विषय का महत्व के अनुसार अपने समय का सर्वोत्तम उपयोग कर सकते हैं।

iii.परफेक्ट स्टडी शेड्यूल बनायें

सही अध्ययन कार्यक्रम आपकी उत्पादकता को बढ़ाने में सहायक होगा, जिस समय आपका ऊर्जा स्तर ऊंचा हो, उस समय को अपने अध्ययन कार्यक्रम में शामिल करे।

प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग समय तय करें, बीच में थोड़ा समय अंतराल रखें, इस प्रकार छोटे अध्ययन अवधि से सभी विषयों को संतुलित समय दिया जा सकेगा और आपको फिक्स टाइम में, अपना सिलेबस पूरा करने में मदद मिलेगी।

iv.छोटे अध्ययन काल को अपनायें

प्रत्येक विषय के लिए 30-45 मिनट का अध्ययन समय निर्धारित करें, जिससे आप विषय पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे, प्रत्येक विषय का प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित करें और आवंटित समय में लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करें।

v.अग्रिम अध्ययन तकनीकों को अपनायें

एक निश्चित समय में बेहतर आउटपुट प्राप्त करने के लिए अग्रिम अध्ययन तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है जिनमें विषय से संबंधित वीडियो ऑनलाइन ई पुस्तकें हो सकती हैं।

v.स्टडी ब्रेक लें

परीक्षा की तैयारी के समय प्रबंधन के लिए समय प्रबंधन की योजना बनाएं समय अध्ययन के लिए ब्रेक को रखना उतना ही जरूरी है जितना पढ़ाई करना, इससे आपको दिमाग को एकाग्र करने में मदद मिलेगी और याददाश्त भी तेज होगी, शाम के समय कुछ समय गेमिंग के लिए रख सकते हैं या अपनी पसंद के मुताबिक रिफ्रेश करने के लिए एक्टिविटी सेलेक्ट करें।

vi.एडवांस टूल्स का उपयोग करें

कामकाजी उत्पादकता बढ़ाने के लिए आप उन्नत उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाएं और अपनी प्रगति को ट्रैक करें, मार्केट में ऐसे ऐप्स और टूल्स हैं जिनकी मदद से आप किसी विषय को अलॉट किये गये टाइम को जज कर सकते हैं इसके लिए टाइम ट्रैकिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

vii.नियमित पुनरीक्षण करें

नियमित रिवीजन आपको आत्मविश्वास प्रदान करेगा और चैप्टर को कवर करने में भी कम समय लगेगा।

viii.मॉक टेस्ट पेपर और पुराने साल के पेपर से अभ्यास करें

अपनी प्रोग्रेस को चेक करने के लिए मॉक टेस्ट पेपर और पुराने साल के पेपर से प्रैक्टिस करना मददगार रहेगा, इससे कोर्स रिवीजन टाइम कम लगेगा और कॉन्सेप्ट क्लियर होगा।

5.यूजीसी नेट 2024 महत्वपूर्ण तिथियाँ और समय सीमाएँ

एनटीए द्वारा आयोजित यूजीसी नेट जून सत्र परीक्षा 2024 के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 19 मई 2024 है।

परीक्षा 18 जून 2024 को ऑफलाइन आयोजित  की जाएगी उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाकर अपना पंजीकरण  कर सकते हैं।

19 मई तक रजिस्ट्रेशन कराने वाले उम्मीदवार 20 मई तक परीक्षा शुल्क क्रेडिट कार्ड/डेबिट कार्ड/यूपीआई/नेट बैंकिंग के माध्यम से जमा कर सकते हैं।

6.यूजीसी नेट 2024 परीक्षा अनुसूची

  • यूजीसी नेट का आयोजन- एनटीए (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) द्वारा किया जा रहा है
  • पंजीकरण तिथि- 19 मई 2024
  • समय अवधि- 3 घंटे
  • शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि- 20 मई 2024
  • परीक्षा तिथि- 18 जून 2024
  • परीक्षा मोड- ओएमआर(ऑफ़लाइन)
  • परीक्षा शुल्क- सामान्य वर्ग के लिए-1150/-, ओबीसी/सामान्य-ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए- 600/-, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी के लिए- 325/-है

7.आवेदन प्रक्रिया के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका

यूजीसी नेट के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें-

  • यूजीसी नेट की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाएं
  • होम पेज पर दिए गए ‘यूजीसी नेट जून 2024 लिंक’ पर क्लिक करें
  • नए उम्मीदवार यहां रजिस्टर करें‘ पर क्लिक करें
  • आपको यूजीसी नेट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा
  • इससे पहले अपना पासवर्ड जनरेट करें और सुरक्षा प्रश्न का चयन करें
  • आपको सिस्टम जेनरेटेड एप्लिकेशन नंबर दिया जाएगा
  • एप्लीकेशन नंबर एंटर करते ही एप्लीकेशन फॉर्म ओपन हो जाएगा आवेदन पत्र भरें
  • सभी आवश्यक विवरण भरें
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
  • सबमिट‘ पर क्लिक करें
  • पंजीकरण शुल्क जमा करें
  • आपका फॉर्म भर चुका है

8.आवश्यक दस्तावेज़

यूजीसी नेट पंजीकरण के लिए नीचे दिये गये दस्तावेज़ की आवश्यकता होती है-

  • 12वीं बोर्ड, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन मार्क्स शीट
  • आधार कार्ड/मतदाता पहचान पत्र/
  • ओबीसी/एससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी श्रेणी प्रमाण पत्र
  • ईडब्ल्यूएस(आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र

9.यूजीसी नेट जून 2024 परीक्षा पाठ्यक्रम

यूजीसी नेट परीक्षा में 2 पेपर होते है पेपर- 1 जनरल पेपर होता है जोकी टीचिंग एंड रिसर्च एप्टीट्यूड पर आधारित होता है पेपर- 1 में विभिन्न विषयों में शिक्षण योग्यता, अनुसंधान नैतिकता, संचार, तार्किक तर्क, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी और डेटा व्याख्या शामिल हैं।

यूजीसी नेट के पेपर- 1 में कुल 10 विषय होते हैं और 50 प्रश्न पूछे जाते हैं जबकी पेपर- 2 में 100 प्रश्न आते हैं प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाते हैं।

अभ्यर्थी को 83 विषयों में से 1 विषय का चयन करना होता है उम्मीदवार जिस विषय का चयन करता है उसके आधार पर, इस पेपर में अभ्यर्थी के विशिष्ट विषय की डोमिन नॉलेज की जांच की जाती है।

10.यूजीसी नेट जून 2024 परीक्षा सिलेबस

यूजीसी नेट परीक्षा में 2 पेपर होते है दोनों पेपरों का विवरण नीचे दिया जा रहा है-

i.यूजीसी नेट परीक्षा सिलेबस पेपर-1

यूजीसी नेट पेपर-1 टीचिंग रिसर्च और एप्टीट्यूड से संबंधित होता है, ये सामान्य पेपर होता है जो सभी श्रेणियों के लिए अनिवार्य होता है, प्रश्न पत्र में 10 विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं, प्रत्येक प्रश्न का वेटेज 2 अंक का होता है

इस प्रकार कुल 50 प्रश्न होते हैं। पेपर-1 100 अंकों का होता है, प्रत्येक विषय से 5 प्रश्न पूछे जाते हैं। यूजीसी नेट पेपर-1 के 10 विषयों का विवरण नीचे दिया जा रहा है-

  • शिक्षण योग्यता
  • अनुसंधान योग्यता
  • समझ, संचार
  • गणितीय तर्क और योग्यता
  • तार्किक विचार
  • डेटा व्याख्या
  • सूचना और संचार प्रौद्योगिकी
  • लोग विकास और पर्यावरण
  • उच्च शिक्षा प्रणाली

ii.यूजीसी नेट परीक्षा सिलेबस पेपर-2

यूजीसी नेट पेपर-2 में कुल 100 प्रश्न पूछे जाते हैं, जो अभ्यर्थी द्वारा चयन किये गये विषय पर आधारित होते हैं प्रत्येक प्रश्न का वेटेज 2 अंक होता है, नीचे सभी 83 विषयों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है-

  • अर्थशास्त्र/ग्रामीण अर्थशास्त्र,सहयोग/जनसांख्यिकी/विकास योजना/विकास अध्ययन/अर्थमिति/अर्थशास्त्र/विकास पारिस्थितिकी/व्यावसायिक अर्थशास्त्र
  • राजनीति विज्ञान, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, मानव विज्ञान, वाणिज्य, शिक्षा, सामाजिक कार्य, रक्षा और रणनीतिक अध्ययन, गृह विज्ञान, लोक प्रशासन, जनसंख्या अध्ययन, संगीत
  • प्रबंधन (व्यवसाय प्रशासन प्रबंधन/विपणन/विपणन प्रबंधन/औद्योगिक संबंध और व्यक्तिगत प्रबंधन/व्यक्तिगत प्रबंधन/वित्तीय प्रबंधन/सहकारी प्रबंधन सहित)
  • मैथिली, बंगाली, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, अरबी, अंग्रेजी, भाषा विज्ञान, चीनी, डोगरी, नेपाली, मणिपुरी, असमिया, गुजराती, मराठी, फ्रेंच, स्पेनिश, रूसी, फारसी, राजस्थानी, जर्मन, जापानी
  • प्रौढ़ शिक्षा/सतत शिक्षा/एंड्रैगॉजी/अनौपचारिक शिक्षा
  • व्यायाम शिक्षा, अरब संस्कृति और इस्लाम अध्ययन, भारतीय संस्कृति, श्रम-कल्याण/व्यक्तिगत-प्रबंधन/औद्योगिक क्षेत्र संबंध/श्रम तथा सामाजिक कल्याण/ मानवीय संसाधन प्रबंधन
  • कानून,पुस्तकालय और सामाजिक विज्ञान,बौद्ध, जैन, गांधीवादी और शांति अध्ययन, धर्मों का तुलनात्मक अध्ययन, जनसंचार और पत्रकारिता,कला-नृत्य, नृत्य, नाटक और रंगमंच का प्रदर्शन,संग्रहालय विज्ञान और संरक्षण, पुरातत्त्व, अपराध, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा/साहित्य,लोक साहित्य, तुलनात्मक साहित्य
  • संस्कृत पारंपरिक विषय (सहित) ज्योतिष/सिद्धांत, ज्योतिष नव्य व्याकरण/व्याकरण/मीमांसा/नव्य न्याय/सांख्य योग/तुलनात्मक दर्शन/शुक्ल यजुर्वेद/माधव वेदांत/धर्मशास्त्र/साहित्य/पुराणोतिहास/आगम
  • महिला अध्ययन, दृश्य कला (ड्राइंग और पेंटिंग / मूर्तिकला ग्राफिक्स / एप्लाइड आर्ट / कला का इतिहास सहित),भूगोल,सामाजिक चिकित्सा और सामुदायिक स्वास्थ्य ,फोरेंसिक विज्ञान, पाली/कश्मीरी/कोंकणी, कंप्यूटर विज्ञान और अनुप्रयोग, इलेक्ट्रॉनिक विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंध/रक्षा/रणनीतिक अध्ययन, पश्चिम एशियाई अध्ययन, दक्षिण पूर्व एशियाई अध्ययन, अफ्रीकी अध्ययन, दक्षिण एशियाई अध्ययन, सोवियत अध्ययन, अमेरिकी अध्ययन सहित अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन सहित राजनीतिक शास्त्र
  • प्राकृत, मानवाधिकार एवं कर्तव्य, पर्यटन प्रशासन एवं प्रबंधन, बोडो, संथाली, योग सिंधी, हिंदू अध्ययन, भारतीय नॉलेज प्रणाली

पूछे जाने वाले प्रश्न:

प्रश्न: यूजीसी नेट 2024 क्वालिफाई करने के लिए कितने प्रयास किए जा सकते हैं?

उत्तर: यूजीसी नेट के लिए प्रयासों का कोई प्रतिबंध नहीं है एनटीए दिशानिर्देश के अनुसार शैक्षिक और आयु मानदंड उम्मीदवार द्वारा पूरा किया जाना चाहिए।

प्रश्न: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए यूजीसी नेट 2024 के दोनों पेपर के लिए न्यूनतम योग्यता अंक कितने हैं?

उत्तर: सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए दोनों पेपर के लिए न्यूनतम योग्यता अंक 40% है जबकीएससी/एसटी/पीडब्ल्यूडी/ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर और ट्रांसजेंडर के लिए दोनों पेपर का कुल योग 35% होना चाहिए।

प्रश्न: क्या यूजीसी नेट क्वालिफाई करना मुश्किल है?

उत्तर: हाँ! यूजीसी नेट पास करना थोड़ा चुनौतीपूर्ण और कठिन है, अगर कोई उम्मीदवार परफेक्ट टाइम टेबल और तैयारी रणनीति के साथ तैयारी करता है तो पहले प्रयास में ही यूजीसी नेट क्लियर करने का मौका बढ़ जाता है, यूजीसी नेट की तैयारी के लिए न्यूनतम 6 महीने का समय लेकर तैयारी शुरू करनी चाहिए यानी अगले दिसंबर सत्र के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

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एचओएसी फूड्स आईपीओ: सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन का जीएमपी और वह सब कुछ जो आपको जानना चाहिए

एचओएसी (हरिओम आटा एंड स्पाइसेस) ने अपना आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए जनता के सामने रखा है, सब्सक्रिप्शन का दूसरा दिन काफी उत्साहजनक रहा है आज के पोस्ट में आपको एचओएसी आईपीओ से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।

1.परिचय

i.एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड का संक्षिप्त अवलोकन

एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड ”हरिओम” ट्रेड मार्क के अंतर्गत दिल्ली-एनसीआर को जैविक आटा, दालें, सरसों का तेल, मसाले, अनाज की आपूर्ति करता है, एचओएसी बिना कृत्रिम परिरक्षक उपयोग के हस्तमिश्रित कच्चे मैटरेल को प्रोसेस करता है, एचओएसी अपने व्यवसाय फील्ड में विशेषज्ञ है और इनके उत्पाद ताजगी और गुणवत्ता के कारण पसंद किये जाते हैं।

ii.एचओएसी आईपीओ की व्याख्या और इसका महत्व

हरिओम आटा चक्की (एचओएसी) 16 मई को अपना आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए लेकर आई है जोकी 21 मई तक ओपन रहेगा, ये 11,55,000 शेयर का एक ताजा इश्यू है जिसका प्रति शेयर मूल्य 10 रुपये है।

कंपनी के शेयर की कुल वैल्यू 5.54 करोड़ रुपये है कंपनी आईपीओ से प्राप्त फंड को कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं और अन्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आईपीओ लाना चाहती है।

एचओएसी आईपीओ की इक्विटी में वृद्धि हुई है, कंपनी की ऋण निर्भरता कम हुई है। लाभ में वृद्धि होने के साथ-साथ ईपीएस को बढ़ोतरी मिली है लेकिन आरओएनडब्ल्यू में गिरावट आई है, कंपनी की कुल संपत्ति में वृद्धि हुई है तरलता को मजबूती मिली है।

नीचे एचओएसी का राजस्व रुझान दिया जा रहा है

मार्च 2022 में राजस्व 1,087.27 लाख से बढ़कर मार्च 2023 में 1208.56 लाख हो गया।

एचओएसी का कुल राजस्व दिसंबर 2023 में 11.49 करोड़ था, कंपनी को कर पश्चात लाभ(पीएटी) हर साल डबल हुआ है, वित्त वर्ष 2021 में 12.85 लाख था जोकी वित्त वर्ष 2022 में 27.33 लाख हो गया, वित्त वर्ष 2023 में एचओएसी का राजस्व बढ़कर 58.79 लाख हो गया।

2.एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड की पृष्ठभूमि

i.एचओएसी का इतिहास और पृष्ठभूमि

कंपनी ने 2009 में एमपी शरवती आटा और एमपी देसी आटा से अपना बिजनेस शुरू किया, 2011 में एचओएसी ने अपने उत्पादों में मसाले और दालों को ऐड किया।

2014 में एचओएसी हरिओम मसालों के नाम से प्राकृतिक और शुद्ध मसाले लेकर आई, 2015 में कंपनी ने अपने ”हरिओम आटा चक्की” को पंजीकृत करवाया।

2018-19 में कंपनी इनकॉर्पोरेट हुई, खाना पकाने के मसाले औरस्वास्थकारक आटा बाजार में कंपनी लेकर आई कंपनी ने अपना पहला रिटेल स्टोर गुरुग्राम में खोला और बी2बी बिजनेस में प्रवेश किया।

वर्ष 2023-24 में एचओएसी की नई फ्रेंचाइजी आउटलेट्स के रूप में प्रगति हो गई, क्वालिटी को कंपनी ने अपना एक मजबूत आधार बनाया, कंपनी अपना आईपीओ लॉन्च कर रही है और अपने बिजनेस को पूरे भारत में विस्तार कर रही है।आईपीओ के द्वारा देश भर में उपस्थिति और मार्केट लीडरशिप में एचओएसी एक नया मील का पत्थर स्थापित कर रही है।

एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड

ii.एचओएसी के संचालन, उत्पादों और सेवाओं का अवलोकन

2009 में प्रोग्रेसिव रामबाबू ठाकुर और गायत्री ठाकुर पोषण संबंधी उत्कृष्टता के साथ किचन में कुछ नया करना चाहते थे, शुरुआत में इन्होने एमपी नॉर्मल और शरवती आटे को अपने बिजनेस मॉडल का बेस बनाया, आज 14 साल के लंबे समय के बाद उनके पास 11 रिटेल आउटलेट और मध्य और उत्तरी भारत में एक आधुनिक विनिर्माण संपत्ति उपलब्ध है।

रामबाबू और गायत्री ठाकुर ने अपने उत्पाद की उत्कृष्टता और गुणवत्ता पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए शुरुआत की। गुणवत्ता के प्रति उनके दृढ़ प्रतिबद्धता ने एचओएसी को भारत की अग्रणी एफएमसीजी कंपनी बना दिया जिसकी वजह से कंपनी लगातार विकास और प्रगति कर रही है।

एचओएसी ने अपनी शुरुआत बहुत छोटे स्केल से की, लेकिन रामबाबू और गायत्री ठाकुर काफी महत्वाकांक्षी थे,अपने पहले उत्पाद के रूप में एमपी देसी आटे से बाजार में शुरुआत की गई, जल्दी ही इन्होने एमपी शरवती और मल्टीग्रेन आटा लॉन्च किया और अपनी उत्पाद रेंज को बढ़ाया, जिससे बाजार में ब्रांड के अच्छे होने का संकेत गया।

इसके कुछ समय के बाद एचओएसी ने 100% शुद्ध जड़ी-बूटियाँ, बिना पॉलिश की हुई दालें, शुद्ध मसाले, अनाज और हाल ही में 100% शुद्ध सरसों का तेल लॉन्च करके अपनी उत्पाद श्रृंखला का विस्तार किया है।

एचओएसी ने अपने मूल्यवान ग्राहकों के बीच में एक ब्रांड के रूप में अपनी पहचान बनाई है, ग्राहक एचओएसी को वन स्टॉप टर्मिनस के रूप में देखते हैं जहां से उनकी किराना आवश्यकताएं पूरी होती हैं, एचओएसी ने अपनी सभी गतिविधियों को ग्राहकों को केंद्र में रख कर सेट किया, जिसके परिणाम के रूप में कई ब्रांडों के बाजार में उन्हें अलग पहचान मिली और वे लोकप्रियता के अगले स्तर पर पहुंचें।

आज एचओएसी अपने 50 से अधिक समर्पित टीम सदस्यों के माध्यम से 40,000 से अधिक ग्राहकों को उत्पाद सेवा प्रदान कर रहे हैं जिसका मुख्य उद्देश्य ग्राहक संतुष्टि है।

3.एचओएसी आईपीओ घोषणा

i.आईपीओ घोषणा का विवरण

एचओएसी आईपीओ एक फिक्स्ड प्राइस इश्यू है जिसका टारगेट 5.40 करोड़ कलेक्ट करना है। कंपनी ने 11.55 लाख शेयरों का सब्सक्रिप्शन 16 मई को पब्लिक के सामने रखा है। आईपीओ का प्राइस बैंड 48 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

कंपनी द्वारा जारी किए गए ऑफर डॉक्युमेंट के अनुसार, न्यूनतम आईपीओ लॉट साइज 3000 शेयर का है खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1,44,000 रुपये है।

ii.आईपीओ लाने का कारण

एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड जिसे ‘हरिओम आटा एंड स्पाइसेस’ के नाम से जाना जाता है 11,55,000 शेयर का एक ताजा इश्यू लेकर आ रही है जिसके एक शेयर की कीमत 10 रुपये है। शेयर की वैल्यू 5.54 करोड़ है। आईपीओ से इकट्ठा किये गये फंड से कंपनी कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट लक्ष्यों को प्राप्त करना चाहती है।

4.कंपनी विश्लेषण

i.वित्तीय प्रदर्शन और प्रक्षेपण

वित्तीय प्रदर्शन

  • एचओएसी का टैक्स के बाद मुनाफा (पीएटी) मार्च 2022 में 27.33 लाख था जो कि दिसंबर 2023 में 74.50 लाख हो गया प्रॉफिट वृद्धि होने से निवेशकों का विश्वास बढ़ने का अनुमान है।
  • नेटवर्थ रिटर्न (आरओएनडब्ल्यू) 27.87% से बढ़कर 23.60% हो गया, इससे पता चलता है कि कंपनी की शेयरधारक के लिए रिटर्न जेनरेट करने की क्षमता कम है।
  • कंपनी की संपत्ति में वृद्धि हुई है ये बताती है कि कंपनी के व्यवसाय में वृद्धि करने की क्षमता है, वर्तमान अनुपात में वृद्धि हुई है जिससे तरलता मजबूत होने का अनुमान है।

एचओएसी संपत्ति ग्राफ

5.एचओएसी आईपीओ प्रक्रिया

i.आईपीओ प्रक्रिया में शामिल चरण

एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड के आईपीओ प्रक्रिया के चरण नीचे दिए जा रहे हैं-

  • आईपीओ खुलने की तिथि – 16 मई 2024
  • आईपीओ अंतिम तिथि- 21 मई 2024
  • आईपीओ आवंटन तिथि- 22 मई 2024
  • रिफंड आरंभ-23 मई 2024
  • डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट-23 मई 2024
  • एनएसई, एसएमई पर लिस्टिंग-24 मई 2024

ii.आईपीओ के लिए समय सीमा

एचओएसी (हरिओम आटा एंड स्पाइसेस) का आईपीओ सब्सक्रिप्शन 16 मई को ओपन हो चुका है आईपीओ की टाइम डिटेल नीचे दी जा रही है-

  • एचओएसी आईपीओ  खुलने की तारीख – गुरुवार 16 मई 2024
  • एचओएसी आईपीओ लिस्टिंग तिथि – शुक्रवार 24 मई 2024
  • एचओएसी आईपीओ मूल्य – 48 रुपये प्रति शेयर
  • एचओएसी आईपीओ लॉट साइज-3000 शेयर
  • एचओएसीआईपीओ इश्यू साइज- 5.54 करोड़ रुपये
  • एचओएसी आईपीओ आवंटन तिथि- बुधवार 22 मई
  • एचओएसी रिफंड आरंभ- गुरुवार 23 मई 2024
  • डीमैट खाते में एचओएसीआईपीओ क्रेडिट-गुरुवार 23 मई 2024
  • एचओएसी आईपीओ जारी करने का प्रकार- निश्चित मूल्य आईपीओ
  • एचओएसी आईपीओ -एनएसई, एसएमई पर सूचीबद्ध होगा

6.एचओएसी फ़ूड इंडिया लिमिटेड का स्वोट विश्लेषण

शक्ति

i.स्थापित ब्रांड उपस्थिति

एचओएसी फूड्स दिल्ली- एनसीआर क्षेत्र में एक स्थापित और मजबूत ब्रांड है, लगभग 15 साल पुराना ब्रांड है, कंपनी का स्थानीय नेटवर्क मजबूत है, स्थानीय ग्राहकों का एचओएसी फूड्स में अच्छी गुणवत्ता और उत्पाद की शुद्धता पर विश्वास है, एचओएसी में समर्पित कर्मचारी मूल्यवान ग्राहक तक उत्पाद और सेवा आपूर्ति करने का काम करते है।

ii.विविध उत्पाद पोर्टफोलियो

हरिओम आटा और मसालों की उत्पाद विविधता काफी विस्तृत है इनका एमपी देसी आटा, मल्टीग्रेन और शर्वती आटे की विविधता है एचओएसी फूड्स के लगभग 156 एसकेयू(स्टॉक कीपिंग इकाइयां) बाजार में उपलब्ध हैं जिनमें बिना पॉलिश की हुई दालें, पीसकर और हाथ से संसाधित की गई और एक ही छत के नीचे शुद्ध रूप से तैयार किये गये मसाले, 100% शुद्ध पीली सरसों का तेल, अनाज हैं।

मालिक द्वारा गुणवत्ता और शुद्धता की गारंटी के कारण लोग एचओएसी फूड्स उत्पादों को पसंद करते हैं। एचओएसी फूड्स के 40,000 से अधिक नियमित ग्राहक हैं।

iii.मजबूत वितरण नेटवर्क

एचओएसी फूड्स अपने उत्पाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्र में ‘हरिओम’ ब्रांड के नाम से सप्लाई करती है कंपनी का मुख्य फोकस डी2सीमॉडल के अनुसार सीधे ग्राहक को मैटरेल सप्लाई करना है।

वर्तमान में 11 रिटेल ब्रांड आउटलेट, 4 कंपनी के स्वामित्व वाले आउटलेट और 6 फ्रैंचाइज़ी आउटलेट्स के दवारा बिजनेस को चलाने का काम कर रही है। एचओएसी का अपना 50 समर्पित कर्मचारियों का स्टाफ है।

iv.प्रभावशाली वित्तीय वृद्धि

एचओएसी फूड्स का पिछले तीन वर्षों का राजस्व तेजी के साथ बढ़ा है, जिससे कंपनी की लगातार वृद्धि और लाभप्रदता बनी है, इसके साथ ग्राहक का विश्वास भी बना हुआ है।

एचओएसी आईपीओ

कमजोरी

i.मौसमी मांग निर्भरता

खाद्य उत्पाद खंड काफी प्रतिस्पर्धी है, ग्राहक एक विशेष सीजन में खाद्य उत्पादों का भंडारण कर लेता है, खाद्य पदार्थों की मांग में सीजन के अनुसार बदलाव होता है एक विशेष सीजन में खाद्य उत्पाद की खपत में वृद्धि होती है जिससे इन्वेंटरी करने में प्रॉब्लम आती है जैसे मल्टी ग्रेन आटा जिसका उपभोग सर्दियों में ज्यादा होता है।

ii.विशिष्ट भौगोलिक उपस्थिति

एचओएसी का बिजनेस एरिया काफी लिमिटेड है ये केवल दिल्ली-एनसीआर रीजन में ही सेल ऑपरेशन चलाता है जिस के कारण अन्य बड़े ब्रांड के साथ कंपेरिजन में प्रोडक्ट सेल काफी कम है जैसा चक्की आटा, नेशनल प्लेयर आशीर्वाद, पतंजलि, फॉर्च्यून आदि के कंपेरिजन में सेल भी लिमिटेड है अगर एचओएसी का कार्य क्षेत्र बढ़ाया जाए तो आपूर्ति बाधित हो सकती है।

iii.बाहरी आपूर्तिकर्ता का समर्थन

एचओएसी रॉ मैटरेल के लिए बाहरी सप्लायर पर निर्भर है, जैसे गेहूं के लिए एमपी सप्लायर पर निर्भर है उत्पाद की मांग में वृद्धि हो या अन्य किसी बाधा के आने की स्थिति में आपूर्ति श्रृंखला में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

iv.प्रतिस्पर्धी बाजार

फूड सेगमेंट में एक ही प्रोडक्ट के अनेक ब्रांड बाजार में हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है, स्थानीय या राष्ट्रीय खिलाड़ी, समान प्रोडक्ट में, एचओएसी को, प्रोडक्ट रेंज, गुणवत्ता और अन्य मानकों को ध्यान में रखकर चुनौती दे सकता है।

अवसर

i.नये बाज़ार में विस्तार

एचओएसी के उत्पाद दिल्ली एनसीआरमें लोकप्रिय हैं, कंपनी आईपीओ लिस्ट होने के साथ-साथ प्राइवेट से पब्लिक कंपनी में परिवर्तित हो जाएगी, जिससे एचओएसी को राष्ट्रीय स्तर पर परफॉर्म करने का मौका मिलेगा, कंपनी फ्रेंचाइजी संख्या, आउटलेट्स का विस्तार करके अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकती है।

ii.उत्पाद विकास में नवाचार

ग्राहक की पसंद के अनुसार अपनी उत्पाद श्रृंखला को विस्तृत या किसी पुराने उत्पाद को संशोधित किया जा सकता है, जिससे ग्राहक संतुष्टि बढ़ती है और बाजार का आकार बढ़ता है।

iii.रणनीतिक साझेदारी

एक ही क्षेत्र के बड़े ब्रांड/कंपनी से साझेदारी या सहयोग करके नए व्यवसाय और उत्पाद विचारों को पिकअप किया जा सकता है, किसी बड़े ब्रांड से जुड़ने से उत्पाद और ब्रांड छवि में सुधार होता है, नए व्यवसायिक विचार मिलते हैं, व्यवसाय क्षमता बढ़ती है।

iv.स्वस्थ भोजन की मांग

एचओएसी गुणवत्ता आधारित उत्पाद बनाती है, ऐसे ही कुछ स्वस्थ एसकेयूउपभोक्ता रुझान के अनुसार जोड़ कर अधिक ग्राहकों को स्वस्थ भोजन प्रवृत्ति से जोड़ा जा सकता है, इससे उत्पाद की मांग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

धमकी

i.सख्त सरकारी विनियमन

सरकार समय-समय पर खाद्य उद्योग के लिए दिशानिर्देश जारी करती है जिसमें स्वच्छता, खाद्य संदूषण, खाद्य और औषधि सुरक्षा शामिल है, एचओएसी को खाद्य उत्पादों और ग्राहक स्वास्थ्य सुरक्षा पर विचार करके उत्पाद की गुणवत्ता पर काम करना होगा।

ii.आर्थिक अस्थिरता

किसी देश की अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव होते हैं तब  इसका ग्राहक के उत्पाद को खरीदने के मूड/व्यवहार पर सीधा प्रभाव पड़ता है जिसका प्रत्यक्ष प्रभाव कंपनी के राजस्व पर पड़ता है।

iii.पंक्ति सामग्री की कीमत में अस्थिरता

कच्चेमटेरेल के मूल्य में उतार-चढ़ाव होने से, उत्पादन लागत प्रभावित होती है, जिस से कंपनी का लाभ मार्जिन कम हो जाता है।

बाज़ार विश्लेषण

एचओएसी (हरिओम आटा एंड स्पाइसेस) का प्रीमियम ग्रे मार्केट पर मजबूत है, आज का ग्रे मार्केट प्रीमियम 100 रुपये बढ़ गया है। ये बताता है कि एचओएसी फूड्स का इक्विटी शेयर ग्रे मार्केट में इश्यू प्राइस से 100 रुपये ऊंचे पर ट्रेडिंग कर रहा है।

एचओएसी फूड्स आईपीओ जीएमपी बताता है कि एचओएसी फूड्स के शेयर ग्रे मार्केट में 148 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, इश्यू प्राइस 48 रुपये प्रति शेयर के मुकाबले 208.33% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।

एचओएसी फूड्स आईपीओ के बुक रनिंग मैनेजर जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड है जबकी आईपीओ के रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज हैं।

एचओएसी आईपीओ बुकिंग के लिए आवश्यक

एचओएसी आईपीओ शेयरों में निवेश करने के लिए आपको नीचे दी गई आवश्यकताएं होंगी-

  • डीमैट खाता
  • ट्रेडिंग खाता
  • यूपीआई आईडी
  • पैन नंबर
  • सक्रिय बैंक खाता

7.आईपीओ शेयर खरीद प्रक्रिया

एचओएसी फूड्स इंडिया लिमिटेड के आईपीओ खरीदने की आखिरी तारीख 21 मई है, आईपीओ शेयर खरीदने के लिए आपको नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा।

  • अपना ऑनलाइन अकाउंट लॉगिन करें
  • आईपीओ सेक्शन में जाकर जिस आईपीओ में निवेश करना चाहते हैं उसे चुनें
  • आईपीओ स्टॉक नंबर और स्टॉक मूल्य का चयन करें
  • यूपीआई आईडी टाइप करके सबमिट करें
  •  अपने यूपीआई ऐप पर ट्रांजैक्शन को अप्रूव करें
  •  एक्सचेंज आपकी बोली को मंजूरी दे देगा
  • यूपीआई ऐप पर आपको नोटिफिकेशन मिलेगा
  •  आवंटन तिथि का इंतजार करें

सामान्य प्रश्न:

प्रश्न: आईपीओ अलॉटमेंट हुआ है या नहीं कैसे चेक करें?

उत्तर: निवेशक रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जाकर आवंटन जांच कर सकते हैं। नए आईपीओ आवंटन स्थिति के बारे में एनएसई, बीएसई, एनएसडीएल और सीडीएसएल द्वारा एसएमएस और ईमेल से भी सूचित किया जा सकता है।

एचओएसी आईपीओ के बुक रनिंग मैनेजर कौन है?

उत्तर: एचओएसी आईपीओ के लिए बुक रनिंग मैनेजर जीवाईआर कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड है।

प्रश्न: एचओएसी का फुल फॉर्म क्या है?

उत्तर: हरिओम चक्की आटा

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रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का आगामी आईपीओ: 16 मई को ओपन हो रहा है, जानें पूरी जानकारी!

आज कल रोजाना नए आईपीओ मार्केट में आ रहे हैं ऐसा ही एक आईपीओ है रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड आईपीओ जिसे 16 मई को सब्सक्रिप्शन के लिए कंपनी लेकर आ रही है अगर आप भी शेयर में निवेश करने का सोच रहे हैं तो ये पोस्ट आईपीओ सेलेक्ट करने में आपकी मदद कर सकता है, आज हम इस पोस्ट में रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड आईपीओ की सभी जानकारी शेयर करेगे।

1.परिचय

i.रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का संक्षिप्त अवलोकन

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड 2013 से बाजार में सक्रिय है कंपनी ग्राहकों को इलेक्ट्रिकल्स और अग्निशमन समाधान प्रदान करने के लिए जानी जाती है कंपनी मुख्य रूप से बी2बी ग्राहक प्रारूप पर काम करती है। कंपनी की सेवाएँ सौर ईपीसी अनुबंध, विद्युत भंडारण परियोजनाएँ, सौर दंड, डेटा और वॉयस केबलिंग स्थापना, रखरखाव आदि हैं।

ii.विद्युत उद्योग में कंपनी का महत्व

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की उत्कृष्ट और विश्वसनीय सेवाओं के लिए सराहना की गई है, रुल्का की इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री में नीचे दी गई सेवाओं और गतिविधियों का महत्व बताया गया है।

  • निर्धारित और लागत प्रभावी प्रक्रिया, कंपनी के ग्राहक को पहले दिन से आखिरी दिन तक एक प्रोजेक्ट के शेड्यूल का तरीका और प्रक्रिया किफायती होने की गारंटी दी जाती है।
  • कंपनी के पास मार्केटिंग और सर्विसिंग के लिए तकनीकी रूप से प्रशिक्षित इंजीनियर हैं। कंपनी प्रोजेक्ट एप्लिकेशन के लिए पहले अध्ययन करती है, इसके बाद आवश्यकता के अनुसार कार्यान्वयन करती है।
  • कंपनी अपने ग्राहकों की अंतिम उत्पाद के लिए उनकी उम्मीदें पूरी करती है और गारंटी देती है।
  • कंपनी अपनी सेवा में ईमानदारी से काम करना, सत्यनिष्ठा और कार्य के प्रति महान मूल्यों को महत्व देती है कंपनी व्यक्तिगत सेवा प्रदान करती है।

2.कंपनी का इतिहास और पृष्ठभूमि

i.रुल्का इलेक्ट्रिकल्स की स्थापना

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स को 30 मई 2013 को कंपनी अधिनियम 1956 के प्रावधान के अनुसार कंपनी रजिस्ट्रार मुंबई महाराष्ट्र  में रुलका इलेक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड’ के रूप में पंजीकृत किया गया, अगस्त 2023 में कंपनी को लिमिटेड कंपनी में कन्वर्ट कर दिया गया और कंपनी रजिस्ट्रार में ‘रुलका इलेक्ट्रिकल्स’ लिमिटेड’ का नाम दिया गया।

ii.रुल्का इलेक्ट्रिकल लिमिटेड का विकास और मील के पत्थर

इलेक्ट्रिकल्स सेवा प्रदाता कंपनियों में रुल्का इलेक्ट्रिकल्स एक जाना माना नाम है, ये मुंबई स्थित एकीकृत इलेक्ट्रिकल सर्विस कंपनी है, रुल्का को 2024 के लिए 16 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर भारत की शीर्ष कंपनियों से प्राप्त हुए हैं, ये ऑर्डर इलेक्ट्रिकल्स और अग्निशमन क्षेत्रों के ऑर्डर है और आंध्र, गुजरात, हरियाणा राज्यों की कंपनियों के हैं।

रुल्का एक अग्रणी परियोजना ठेकेदार कंपनी है जो इलेक्ट्रिक सॉल्यूशंस, अग्निशमन प्रणाली और सौर ईपीसी अनुबंध सेवा देती है, कंपनी इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक और औद्योगिक सेवा भी प्रदान करती है। कंपनी ने रखरखाव सेवा और डेटा और वॉयस केबलिंग इंस्टालेशन में भी एक मील का पत्थर स्थापित किया है जिसमें औद्योगिक, वाणिज्यिक, रिटेल और थिएटर शामिल हैं।

कंपनी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए बाजार क्षेत्रों में अपना बिजनेस ले जाने के लिए प्रयास कर रही है, सफलता के इसी चरण में रूलका अपना आईपीओ लेकर आ रही है, आईपीओ से इकट्ठा किये फंड को अपने बिजनेस को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बूस्टअप करने में उपयोग करने की योजना बना रही है।

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स

iii.उल्लेखनीय उपलब्धियाँ और मान्यताएँ

वित्तीय वर्ष 2023 के पहली छमाही में रुलका ने 36.44 करोड़ रुपये और 3.05 करोड़ का राजस्व और PAT (टैक्स के बाद लाभ) प्राप्त किया। जबकी वित्तीय वर्ष 2022-23 के पहली छमाही में रुलका का मुनाफा 46.89 करोड़ रहा, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 36.27 करोड़ से काफ़ी ज़्यादा था. वित्तीय वर्ष 2022-23 का PAT 2.80 करोड़ वित्तीय वर्ष 2021-22 के 1.12 करोड़ की तुलना में बढ़ गया।

3.उत्पादों और सेवाओं की पेशकश

i.विद्युत उत्पादों की रेंज

कंपनी एचवी और एलवी पैनल के लिए नवीनतम तकनीक के साथ डिजाइन और इलेक्ट्रिकल सर्विस देती है। कंपनी विद्युत सेवा क्षेत्र में अपना मजबूत हाथ रखती है इसकी मुख्य विद्युत सेवाओ में विद्युत पैनल, वेयर हाउसिंग प्रोजेक्ट ठेकेदार, औद्योगिक विद्युतीकरण, संरचना केबलिंग, एलटी केबलबिछाने  की सेवा, विद्युत ऊर्जा ऑडिट और सौर पैनल शामिल हैं।

ii.नवीन समाधान और प्रौद्योगिकी

कंपनी 1 दशक से विद्युत सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है, किसी भी संगठन के विकास में नवीनतम सुविधा और प्रौद्योगिकी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

  • कंपनी ने ग्राहकों की मांग के अनुसार उच्च प्रौद्योगिकी आधारित बुनियादी ढांचे का विकास किया है, जिससे ग्राहक के ऑर्डर उनकी आवश्यकता के अनुसार पूरा किये जा सके।
  • रुल्का ने सभी इलेक्ट्रिक उत्पादों के उत्पादन और परीक्षण के लिए आवश्यक मशीनें और उपकरण लगाए हैं, सभी मशीनों को नवीनतम तकनीक के अनुसार नियमित अपडेट किया जाता है जिससे ग्राहक को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप नवीनतम तकनीक से सम्पन्न उत्पाद समय पर वितरित किये जा सके।

iii.ग्राहक वर्ग और बाज़ार उपस्थिति

रुल्का का सेवा क्षेत्र काफी बड़ा है इसके ग्राहक गोदाम, खुदरा, औद्योगिक और होटल/अस्पताल क्षेत्रों से हैं।

  • वेयरहाउस ग्राहक

वेयरहाउस क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों के ग्राहकों में होंडा, रिलायंस, एफएम लॉजिस्टिव, आरजीएल, मेट्रो, बिग बास्केट, राइटर, इंडोस्विफ्ट, फर्स्टक्राई, डीसीबी बैंक आदि शामिल हैं।

  • खुदरा ग्राहक

खुदरा क्षेत्र में नामी गिरामी कंपनियों से ट्रेडिंग होती है कंपनी के खुदरा ग्राहक डी मार्ट, पीवीआर आईनॉक्स, लाइफस्टाइल, बिगबास्केट, सिनेलाइन, शॉपर्स स्टॉप, ईआरओएस इंटरनेशनल आदि हैं।

  • औद्योगिक ग्राहक

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी सेवाएँ प्रदान करती है कंपनी के औद्योगिक ग्राहक है जेएसडब्ल्यू, फाइन ऑर्गेनिक्स, एपलैब, रुनवाल ग्रुप, आईवीपी, एमएएस, टीजी ग्रुप, मास्टेक, उर्मि ग्रुप शामिल हैं।

  • होटल/अस्पताल ग्राहक

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स होटल और अस्पताल में इलेक्ट्रिकल पहलू से संबंधित सेवाएँ प्रदान करती है, कई नामी-गिरामी होटल इसके ग्राहक हैं जिनमें से खास है ओबेरॉय, रेडिसन ब्लू, नानावटी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर, हिंदुजा, सोमैया जैसे भारत के टॉप ग्रुप शामिल हैं।

बाजार में उपस्थिति

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड गुरुवार 16 मई को अपना आईपीओ सदस्यता के लिए जनता के सामने रख रही है, आईपीओ में 21 मई तक निवेश किया जा सकता है, आईपीओ शुक्रवार 24 मई को एनएसई, एसएमई पर सूची होगा।

4.उद्योग प्रभाव और योगदान

i.विद्युत क्षेत्र को आगे बढ़ाने में रुल्का इलेक्ट्रिकल्स की भूमिका

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड वर्तमान में इंजीनियरिंग, इंस्टालेशन, कमीशनिंग, आगामी परियोजनाओं और संयंत्रों के लिए संचालन और रखरखाव सेवा प्रदान करती है। रुल्का वाणिज्यिक, औद्योगिक, आवासीय परिसर, उपयोगिताएँ और दूरसंचार की विद्युत सेवा प्रदान करती है।

विद्युत क्षेत्र में कंपनी के पास समर्पित और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित स्टाफ है जिन्हें समय-समय पर ट्रेंड के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है, इलेक्ट्रिकल सर्विसेज की फील्ड में रुल्का आज एक जाना माना ब्रांड है, इसके बड़े ग्राहक हैं आईटीसी लिमिटेड, टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड, ऑडी, एसबीआई बैंक, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, डी मार्ट जैसे ब्रांड शामिल है।

5.वित्तीय प्रदर्शन और बाज़ार स्थिति

i.वित्तीय डेटा और प्रदर्शन मेट्रिक्स का विश्लेषण

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का 31 मार्च 21-22 और 23 को वित्तीय वर्ष के अंत में राजस्व 9.82 करोड़ रुपये से बढ़कर 19.19 करोड़ रुपये हो गया और 28.27 करोड़ रुपये हो गया जबकी टैक्स के बाद लाभ 0.54 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.81 करोड़ रुपये हो गया।

ii.बाजार हिस्सेदारी और प्रतिस्पर्धी परिदृश्य

कंपनी अपना बुक बिल्डिंग रूट आईपीओ जोकी 1123200 इक्विटी शेयर का है 16 मई को लेकर आ रही है जिसका प्रति शेयर मूल्य 10 रुपये होगा कंपनी आईपीओ से 26.40 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है।

इस इश्यू में 842400 फ्रेश इक्विटी शेयर है जिनकी लागत 19.80 करोड़ रुपये है और 280800 ओएफएस शेयर है जिनकी लागत 6.60 करोड़ रुपये है, प्रति शेयर मूल्य बैंड 223-235 होगा, न्यूनतम 600 शेयर के लिए आवेदन किया जा सकता है, आईपीओ खुलने की तारीख 16 मई और समापन 21 मई को होगा।

नवीनतम परियोजनाएँ

6.आईपीओ का विवरण

  • आईपीओ सदस्यता खुलने की तिथि- 16 मई 2024
  • आईपीओ सदस्यता बंद होने की तिथि- 21 मई 2024
  • अंकित मूल्य- 10 रुपये प्रति शेयर
  • मूल्य बैंड- 223-235 रुपये प्रति शेयर
  • लॉट साइज- 600 शेयर
  • कुल इश्यू साइज- 1123200 शेयर
  • ताज़ा अंक- 842400 शेयर
  • इश्यू टाइप- बुक बिल्ट इश्यू आईपीओ
  • रुल्का इलेक्ट्रिकल्स आवंटन तिथि – 22 मई 2024
  • एनएसई एसएमई लिस्टिंग- 24 मई 2024

i.रणनीतिक साझेदार या अधिग्रहण

रुल्का इक्विटी शेयर नियुक्ति

  • योग्य संस्थागत क्रेता – शुद्ध निर्गम 50%
  • गैर संस्थागत निवेशक-नेट इश्यू का 15%
  • खुदरा व्यक्तिगत निवेशक-नेट इश्यू का 35%

7.आईपीओ लाने का कारण

i.विस्तार योजनाएँ

रुल्का आईपीओ से इकट्ठा किया गया फंड नीचे दी गई आवश्यकताओं के लिए उपयोग करना चाहती है-

आरएचपी दस्तावेजों के अनुसार आईपीओ से प्राप्त शुद्ध आय के 14 करोड़ का उपयोग कंपनी अपनी वाणिज्यिक गतिविधि के विस्तार के लिए और कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग करना चाहती है।

बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड रुल्का इलेक्ट्रिकल्स के बुक रनिंग लीड मैनेजर है जबकी बिगशेयर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड इश्यू के रजिस्ट्रार हैं रुल्का इलेक्ट्रिकल्स के बाजार निर्माता सूरजमुखी ब्रोकिंग है।

8.कॉर्पोरेट संस्कृति और मूल्य

i.नैतिक मानक और कॉर्पोरेट प्रशासन

अनुपालन और विनियमन

किसी कंपनी को सरकार के व्यापार कानूनों के अनुसार व्यापार करना होता है और संबंधित विभाग की नियामक निकायों के दिशानिर्देश व्यापार निकायों के लिए समय-समय पर जारी की जाती है।

व्यापार/व्यापार इकाइयों को बीआईएस अधिनियम (भारतीय मानक ब्यूरो) का पालन करना होता है जो उत्पाद और मैटरेल की गुणवत्ता को मॉनिटर करता है। बीआईएस द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा मानक को बनाए रखने के लिए समय-समय पर रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को सूचित किया जाता है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियमन 2010, सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति को मापता है, विद्युत लाइनों और उपकरणों की हैंडलिंग और संचालन के अनुसार प्रशिक्षण सत्र चलाता है।

हितधारक जुडाव

रुल्का ने सेबी लिस्टिंग विनियमन 2015 के अनुसार हितधारक संबंध समिति बनाई है-

  • श्री संदीप जानू सावंत-अध्यक्ष- स्वतंत्र निदेशक
  • निशि जयंतीलाल जैन-सदस्य- स्वतंत्र निदेशक
  • मिलिंद रामनाथ धूमल-सदस्य- स्वतंत्र निदेशक
  • नितिन इंद्रकुमार अहेर-सदस्य- पूर्णकालिक निदेशक

रुल्का प्रत्येक ग्राहक के साथ व्यक्तिगत आकार के अनुसार व्यवहार करती है और कंपनी के लिए प्रत्येक कर्मचारी महत्वपूर्ण संपत्ति है।

ट्रैक रिकॉर्ड और प्रदर्शन

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स का प्रदर्शन और ट्रैक रिकॉर्ड टेबल के द्वार शो किया गया है-

राजस्व विवरण

कॉर्पोरेट गवर्नेंस फ्रेमवर्क

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड की बोर्ड संरचना विवरण नीचे दिया जा रहा है-

  • आज़ाद अशोक जीनवाल- मुख्य वित्तीय अधिकारी
  • केजल निकेन शाह- सह सचिव एवं शिकायत अधिकारी
  • मिलिंद रामनाथ धूमल- स्वतंत्र निदेशक
  • निशि जयंतीलाल जैन- स्वतंत्र निदेशक
  • नितिन इंद्रकुमार अहेर- पूर्णकालिक निदेशक
  • रूपेश लक्ष्मण कसावकर- अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक
  • संदीप जानू सावंत- स्वतंत्र निदेशक
नैतिक आधार

राष्ट्रीय पर्यावरण नीति के कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं जिनका व्यावसायिक इकाइयों को पालन करना होता है वायु प्रदूषण की रोक थाम और नियंत्रण के लिए वायु अधिनियम 1981, जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जल अधिनियम 1974 का पालन करना होता है किसी भी राज्य में व्यवसाय चलाने के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति लेनी होती है।

9.नवीनतम परियोजनाएँ और साझेदारी

i.अग्रिम परियोजनाएँ

रुल्का इलेक्ट्रिकल लिमिटेड ने इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में नए परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नए प्रोजेक्ट की एक, सीरीज शुरू की है, कंपनी को साल की शुरुआत में 16 करोड़ के वर्क ऑर्डर मिले हैं। बिजली क्षेत्र की सबसे तेजी से बढ़ती कंपनी बिजली समाधान दे रही है, इसके साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी भी इम्प्लीमेंट कर रही है जिससे नए प्रोजेक्ट के माध्यम से प्रगति के साथ स्थिरता भी आ रही है।

ii.सामरिक भागीदारी

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड बिजनेस लीडर्स और नए इनोवेटर्स की रणनीतिक साझेदारी के कारण सफल है, रणनीतिक सहयोग की मदद से रुल्का इलेक्ट्रिकल्स अपनी क्षमताओं में सुधार करती है अपनी तकनीकी पहुंच को बढ़ाती है और प्रगति और नवाचार के अवसरों को उजागर करती है।

iii.नए इनोवेशन पर फोकस

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के अनुसंधान के केंद्र में, नए नवाचार है। उन्नत प्रौद्योगिकी और रचनात्मकता की मदद से कंपनी, विद्युत क्षेत्र जो सर्वोत्तम संभव है, उसके लिए प्रयास कर रही है।

iv.बाजार पर प्रभाव

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स की सफ़लता बाज़ार पर इसके प्रभाव को प्रदर्शित करती है, मार्केट की टॉप-नोच कंपनियां, होटल इसके बिजनेस क्लाइंट हैं, इसके नए प्रोजेक्ट और पार्टनरशिप मार्केट पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।

10.बाज़ार विश्लेषण

रुल्का इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का आईपीओ जीएमपी +100 है ये बताता है कि रुल्का इलेक्ट्रिकल्स का शेयर मूल्य ग्रे मार्केट में 100 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेंड कर रहा है; ग्रे मार्केट में मौजूदा प्रीमियम और आईपीओ प्राइस बैंड को देखते हुए रुल्का इलेक्ट्रिकल्स का संभावित लिस्टिंग मूल्य 335 रुपये प्रति पीस होने का अनुमान है जोकि आईपीओ की कीमत 235 रुपये से 42.55% ज्यादा है।

सामान्य प्रश्न

प्रश्न: एनएसई पर आईपीओ कब लिस्ट होता है?

उत्तर: आईपीओ लिस्टिंग की तारीख पर सुबह 9.00 बजे सूची होता है। स्टॉक एक्सचेंज पर पहले 60 मिनट के लिए बेहतर मूल्य की खोज के लिए विशेष प्री-ओपन सत्र होता है, सुबह 10 बजे। आईपीओ शेयरों की नियमित ट्रेडिंग शुरू हो जाती है।

प्रश्न: लिस्टिंग के तुरंत बाद क्या आईपीओ शेयर को बेचा जा सकता है?

उत्तर: एक खुदरा निवेशक जिसे आईपीओ में आवंटन मिला है, लिस्टिंग की तारीख पर या उसके बाद, कभी भी अपने शेयरों को बेच सकता है।

प्रश्न: आईपीओ किस समय आवंटित किया जाता है?

उत्तर: लागू शेयरों को उनके ट्रेडिंग और डीमैट खातों में सफलतापूर्वक जमा करने को आईपीओ आवंटन कहा जाता है। इस प्रक्रिया में 1 सप्ताह का समय लगता है, इस अवधि में आवंटन होता है।

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अस्वीकरण

आईपीओ में पैसा निवेश करने से पहले शेयर बाजार विशेषज्ञ से सुझाव जरूर लें।

वेरिटास एडवरटाइजिंग, सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड, मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज के आईपीओ की पूरी जानकारी !

आज कल कई कंपनियों के आईपीओ बाजार में आ रहे हैं जिनके बारे में जानकारी जिनमें से कुछ के बारे में जानकारी आप से शेयर करेंगे ये हैं वेरिटास एडवरटाइजिंग कंपनी और सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड आइए प्रारंभ करते हैं।

1.परिचय

i.वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड का अवलोकन

किसी भी ब्रांड की सफलता में विज्ञापन का सबसे महत्वपूर्ण रोल होता है चाहे वह डिजिटल विज्ञापन हो या आउटडोर विज्ञापन, मुख्य है ट्रेंड में बने रहना। वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड आउटडोर विज्ञापन सेवा प्रदान करती है, अपना संचालन ये कंपनी दिल्ली, मुंबई पुणे, शिलॉन्ग और गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल के अपने कार्यालयों के माध्यम से चलाती है।

वेरिटास विभिन्न तरीकों से विज्ञापन और ब्रांडिंग करती है जैसे बिल बोर्ड, ट्रैफिक बाधाएं, बस शेल्टर के लिए विज्ञापन/ब्रांडिंग का काम करती हैवेरिटास एडवरटाइजिंग कंपनी का आईपीओ 13 मई 24 को निवेशकों के लिए ओपन हो रहा है।

ii.आईपीओ की व्याख्या और इसका महत्व

आईपीओ या आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव वह प्रक्रिया है जिसमें कोई निजी कंपनी अपने शेयरों को जनता के सामने पेश करती है, इच्छुक जनता शेयरों को खरीदने के लिए आती है, शेयर खरीदने वाले कंपनी के निवेशक कहलाते हैं और कंपनी निजी से सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तित हो जाती है।

सार्वजनिक रूप से बिजनेस करने का अधिकार मिल जाता है प्रक्रिया का मुख्य भाग शेयरों को स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध करना होता है जिसमें कंपनी को निवेशकों के साथ बिजनेस करने की अनुमति मिल जाती है।

आईपीओ किसी निजी कंपनी को निवेशकों से इक्विटी पूंजी एकत्र करने की अनुमति देता है, संक्षेप में आईपीओ किसी निजी कंपनी का सार्वजनिक कंपनी में रूपांतरण होता है किसी प्राइवेट कंपनी को अपना पहला आईपीओ लाने के ये फायदे होते हैं।

  • शेयर बाजार में लिस्टिंग से मीडिया से संपर्क बढ़ता है जिससे नाम और ब्रांड को लोकप्रियता मिलती है।
  • आम जनता, और निवेशक के सामने ब्रांड इमेज में सुधार होता है।

veritaas

2.वेरिटास विज्ञापन की पृष्ठभूमि

i.कंपनी का इतिहास और मील का पत्थर

वेरिटास विज्ञापन आउटडोर मार्केटिंग करने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है जोकी मीडिया प्लानिंग, क्रिएटिव सर्विसेज आदि सेवाओ  में विशेषज्ञता रखती हैकंपनी को 31 जुलाई 2018 को वेरिटास एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम से शामिल किया गया।

वेरिटास को कंपनी अधिनियम 2013 के तहत निजी कंपनी का स्टेटस मिला हुआ है 23 दिसंबर 2023 को वेरिटास को प्राइवेट कंपनी से पब्लिक कंपनी में कन्वर्ट कर दिया गया, जिसके बाद वेरिटास को वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड का नाम दिया गया।

ii.प्रस्तावित प्रमुख उत्पाद/सेवाएँ

वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड का सर्विस एरिया काफी चौड़ा है, ये रिटेल ब्रांडिंग, ट्रांजिट मीडिया, सिनेमा ब्रैडिंग सर्विस प्रदान करती है। वेरिटास एडवरटाइजिंग हाई एंड इकोसिस्टम और एंड टू एंड विज्ञापन समाधान ग्राहकों को प्रदान करती है।

सेवाओं में मुख्य आकर्षणके रूप में  ब्रांड रणनीति, ब्रांड इवेंट और आउटडोर मीडिया सेवाएं प्रदान की जाती हैं जिनमें  कैब ब्रांडिंग, समाचार पत्र लेखन, यातायात बाधाये शामिल है।

3.आईपीओ का विवरण

i.आईपीओ की तारीख और आवंटन

वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड का आईपीओ 13 मई से 15 मई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। वेरिटास एक इंटीग्रेटेड एडवरटाइजिंग कंपनी है, आईपीओ 8.48 करोड़ के 744000 शेयरों का ताजा इश्यू है, शेयर अलॉटमेंट 16 मई 24 को होना है और 21 मई 24 को शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होगा।

ii.प्रस्ताव विवरण: मूल्य सीमा, शेयरों की संख्या

वेरिटास विज्ञापन एक एकीकृत एजेंसी है आईपीओ की मूल्य सीमा और शेयर की संख्या विवरण नीचे दिया जा रहा है-

  • आईपीओ शेयर का मूल्य- 8.48 करोड़ रुपये
  • शेयरों की संख्या- 7,44,000
  • शेयर आवंटन तिथि- 16 मई 24
  • स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की तारीख- 21 मई
  • शेयर प्राइस बैंड- 109 से 114 रुपये
  • लॉट साइज- 1200 शेयर

iii.अपेक्षित मूल्यांकन और जुटाया गया फंड

  • अंकित मूल्य- 10 रुपये प्रति शेयर
  • मूल्य प्रति लॉट- 136800 रुपये
  • इश्यू प्रकार- बुक बिल्ट इश्यू आईपीओ
  • रजिस्ट्रार- मास सर्विसेज लिमिटेड

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4.आईपीओ के पीछे कारण

i.विस्तार योजनाएँ

वेरिटास विज्ञापन कंपनी आईपीओ से प्राप्त फंड को भविष्य के पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए प्राप्त करना चाहती है।

छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई) पहली बार स्टॉक एक्सचेंज पर शेयर जनता के लिए पेश करके पूंजी जुटाते हैं, कंपनियों के अपने शेयरों को जनता के लिए स्टॉक एक्सचेंज पर पेश कर पूंजी जुटाने का एक प्रमुख साधन है।

वेरिटास विज्ञापन कंपनी आईपीओ से प्राप्त फंड को भविष्य के पूंजीगत व्यय को पूरा करने के लिए और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए करना चाहती है वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड ओपीआई से फंड इकट्ठा कर के नीचे दिए गए विवरण के अनुसार निवेश करना चाहती है-

  • कोलकाता, मुंबई और पुणे के लिए कंपनी ट्रैफिक सिग्नल प्वाइंट डिस्प्ले बनाना चाहती है।
  • वेरिटास पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में नई पुलिस बूथ बनाने पर विचार कर रही है।

ii.रणनीतिक साझेदार या अधिग्रहण

वेरिटास एडवरटाइजिंग एजेंसी, आईपीओ से ऊपरी बैंड पर 8.48 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। शेयर 21 मई 24 को एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे।

आईपीओ से इक्विटी का आवंटन कंपनी के भागीदारों में नीचे दी गई डिटेल के अनुसार किया जाएगा-

  • योग्य संस्थागत क्रेता एंकर भाग- 17,40,00 इक्विटी शेयर
  • योग्य संस्थागत क्रेता- 17,76,00 इक्विटी शेयर
  • गैर संस्थागत निवेशक- 10,68,00 इक्विटी शेयर
  • खुदरा व्यक्तिगत निवेशक (एनआईआई)- 248400 इक्विटी
  • मार्केट मेकर- 37,200 इक्विटी शेयर

5.बाज़ार विश्लेषण

वेरिटास विज्ञापन आईपीओ जीएमपी या ग्रे मार्केट प्रीमियम आज +75 रुपये है, इसका मतलब है कि वेरिटास विज्ञापन शेयर की कीमत 189 रुपये है, प्रीमियम पर ग्रे मार्केट में ट्रेंड कर रहा है । ऊपरी आईपीओ प्राइस बैंड के अनुसार वेरिटास विज्ञापन का लिस्टिंग मूल्य प्रति पीस 189 रुपये है।

वेरिटास एडवरटाइजिंग लिमिटेड के आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर होराइजन मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड हैं, जबकी मास सर्विस लिमिटेड इश्यू के रजिस्ट्रार हैं, होराइजन फाइनेंशियल कंसल्टेंट आईपीओ की मार्केटिंग कर रहे हैं।

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर इंडिया लिमिटेड आईपीओ

1.परिचय

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स एसडीएन द्वारा बनाया गया कपड़ा प्रिंटिंग स्याही और पानी आधारित लकड़ी कोटिंग पॉलिमर की बिक्री करता है, कंपनी 108 कपड़ा प्रिंटिंग उत्पाद और 51 लकड़ी कोटिंग पॉलिमर उत्पाद बनाती है कंपनी की क्षमता 1000 टन प्रति माह है।

i.सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर इंडिया आईपीओ की व्याख्या

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड का आईपीओ, 18.11 करोड़ का एक निश्चित मूल्य वाला इश्यू है और इसमें 32.84 लाख शेयरों का ताजा इश्यू शामिल है। सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स ने आईपीओ का मूल्य 52 रुपये प्रति शेयर तय किया है खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 2000 शेयर का है निवेशक को न्यूनतम 104000 रुपये का निवेश करना होगा।

2.सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स की पृष्ठभूमि

i.कंपनी का इतिहास और मील का पत्थर

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड की स्थापना 13 मई 2016 को हुई थी सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड एक मलेशिया ब्रांड सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स एसडीएन बीएचडी द्वारा उत्पादित कपड़े की छपाई, स्याही और पानी आधारित लकड़ी कोटिंग पॉलिमर की ट्रेडिंग करता है।

कंपनी का पंजीकृत कार्यालय पश्चिम बंगाल में है, इसके अलावा कंपनी के भारत में 5 और राज्यों में कार्यालय हैं ये हैं तमिलनाडु, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और महाराष्ट्र।

silkflex

ii.सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर इंडिया के प्रमुख उत्पाद/सेवाएँ

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर के उत्पादों पर डील करते हैं। ये 108 कपड़ा प्रिंटिंग स्याही उत्पाद और 51 लकड़ी कोटिंग पॉलिमर उत्पाद बनाते हैं, सिल्कफ्लेक्स मलेशिया के साथ सिल्कफ्लेक्स इंडिया का वितरण समझौता है, इसलिए इनको भारत में पानी आधारित कपड़ा प्रिंटिंग स्याही और लकड़ी कोटिंग पॉलिमर बिक्री करने की अनुमति मिल गई है।

3.आईपीओ का विवरण

i.सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर इंडिया लिमिटेड की तिथि और स्थान

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड का आईपीओ आवंटन 13 मई 24 को हो रहा है, आईपीओ एनएसई, एसएमई पर 15 मई को लिस्ट होगा।

ii.ऑफ़र विवरण: मूल्य सीमा और शेयरों की संख्या

  • आईपीओ का मूल्य 18.11 करोड़ रुपये
  • आईपीओ 3482000 शेयरों का फ्रेश इश्यू है
  • प्राइस बैंड 52 रुपये है।
  • लॉट साइज 2000 शेयरों का है
  • शेयर अलॉटमेंट 13 मई सोमवार को होगा
  • 15 मई 24 को आईपीओ स्टॉक एक्सचेंज एनएसई, एमएसई पर लिस्ट होगा

iii.सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर का अपेक्षित मूल्यांकन और जुटाया गया फंड

आईपीओ के फ्रेश इश्यू हिस्से के रूप में सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड 3482000 शेयर जारी कर रहा है जिसमें 52 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर आईपीओ वैल्यू के बराबर 18.11 करोड़ का फ्रेश फंड कलेक्शन करेगा।

4.आईपीओ के पीछे का कारण

i.विस्तार योजना

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स इंडिया लिमिटेड के आईपीओ का मुख्य उद्देश्यनीचे दिये गये है-

  • एक नई विनिर्माण इकाई के लिए वडोदरा में भूमि अधिग्रहण करना है जिसकी कीमत 5.53 करोड़ रुपये है।
  • बिक्री में वृद्धि करने के लिए मशीनरी और संयंत्र की खरीद करना जिसकी कीमत 2.07 करोड़ रुपये है।
  • पूंजी की आवश्यकता पूरी करनी है जिसका मूल्य 4.68 करोड़ रुपये है।

ii.रणनीतिक साझेदारी या अधिग्रहण

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर आईपीओ 34,82,000 शेयरों को सदस्यता के लिए जनता के सामने रख रहा है।

  • जिनमें से 1652000 गैर संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) के लिए होंगे।
  • जबकी 1652000 खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए रखे जाएंगे।
  • एंकर निवेशकों के लिए शेयर
  • मार्केट मेकर्स के लिए शेयर-178000(5.11%)
  • अन्य शेयर -1652000(47.44%)
  • खुदरा शेयर-1652000(47.44%)
  • कुल शेयर-3482000

5.बाज़ार विश्लेषण

i.कंपनी आईपीओ रुझान और पूर्वानुमान

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर के शेयर ग्रे मार्केट में अपने इश्यू प्राइस से 12 रुपये अधिक पर ट्रेंड कर रहा है आज के जीएमपी और आईपीओ प्राइस पर ध्यान दें, सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर की संभावित लिस्टिंग कीमत 64 रुपये प्रति शेयर है जो 52 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य से 23.08% ज्यादा है।

सिल्कफ्लेक्स पॉलिमर्स का बुक रनिंग लीड मैनेजर श्रेनी शेयर्स लिमिटेड है जबकी बिगशेयर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड आईपीओ रजिस्ट्रार है।

मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड आईपीओ

1.परिचय

i.मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अवलोकन

मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज ट्रैक्टर, ऑटोबाइल्स, मिलिट्री मशीन टूल्स और रेलपथ क्षेत्रों के लिए मशीन घटकों, ऑटोपार्ट्स, शीट मेटल घटक बनाती है। निगम अपनी विनिर्माण सुविधा के अनुसार इनका निर्माण करती है।

ii.मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज आईपीओ की व्याख्या और इसका महत्व

वर्तमान आईपीओ को कंपनी मशीनरी और उपकरण प्राप्त करने के लिए, फरीदाबाद और हरियाणा में वर्तमान उत्पादन सुविधा का विस्तार करने और वर्तमान विनिर्माण इकाई के पास एक नई इमारत का निर्माण करने के लिए फर्म आईपीओ इश्यू लाना चाहती है।

2.मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज की पृष्ठभूमि

i.मंदीप ऑटो का इतिहास और मील का पत्थर

मनदीप ऑटो इंडस्ट्री की स्थापना 2000 में हुई स्थापना के बाद से ही मनदीप ऑटो ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता और उत्कृष्टता को बनाये  रखा और शीर्ष ऑटोमोटिव और औद्योगिक घटक निर्माता कंपनियों में अपना स्थान बनाया

मनदीप ऑटो आईएसओ प्रमाणित कंपनी है, फर्म ने लंबे समय तक विशेषज्ञों की देखरेख में, उच्च गुणवत्ता वाले प्रेस और मशीनरी घटकों को बनाकर अपने ग्राहक तक पहुंचाया इससे पहले मनदीप ऑटो ने ऑटोमैटिक गियर हॉबलिंग और सीएनसी सिस्टम को शामिल करके अपनी क्षमता बढ़ाई।

Mandeep

ii.प्रमुख उत्पाद और सेवा की पेशकश

मनदीप ऑटो लिमिटेड शीट मेटल कंपोनेंट्स, ऑटोपार्ट्स, स्प्रोकेट गियर और मशीनरी कंपोनेट्स जैसे विभिन्न उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है, उत्पादों का अर्थ मूविंग इक्विपमेंट, रेलवे, रक्षा, डीआईवाई उद्योग आदि में उपयोग किया जाता है।

कंपनी की ग्राहक सूची में घरेलू और वैश्विक मूल उपकरण निर्माता कंपनीया शामिल हैं कंपनी के कुछ प्रसिद्ध ग्राहकों में जेएल ऑटोपार्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ट्यूब इन्वेस्टमेंट ऑफ इंडिया लिमिटेड, रॉकमैन इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मानवी ऑटोमोबाइल्स आदि शामिल हैं।

3.मनदीप ऑटो आईपीओ का विवरण

i.आईपीओ की तारीख और स्थान

मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज का आईपीओ 13 मई को खुल कर 15 मई को बंद होगा।

  • आईपीओ खुलने की तारीख- सोमवार 13 मई 2024
  • आईपीओ बंद होने की तारीख- बुधवार 15 मई 2024
  • आईपीओ आवंटन तिथि – गुरुवार 16 मई 2024
  • एनएसई, एसएमई लिस्टिंग की तारीख- मंगलवार 21 मई 2024

ii.प्रस्ताव विवरण: मूल्य सीमा, शेयरों की संख्या

  • आईपीओ की तारीख- 13 मई से 15 मई
  • अंकित मूल्य- 10 रुपये प्रति शेयर
  • लॉट साइज- 2000 शेयर
  • प्रति शेयर कीमत – 67 रुपये प्रति शेयर
  • कुल इश्यू साइज- 3768000 शेयर
  • ताज़ा अंक- 3768000 शेयर

iii.अपेक्षित मूल्यांकन और जुटाया गया धन

मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज का एसएमई आईपीओ से 25.5 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। आईपीओ 15 मई तक एनएसई, एसएमई प्लेटफॉर्म पर 67 रुपये प्रति शेयर पर सब्सक्रिप्शन के लिए उपलब्ध रहेगा, शुद्ध लाभ 2.14 रुपये और आईपीओ 50% खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है।

4.आईपीओ लाने का कारण

i.विस्तार योजनाएँ

मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज का इक्विटी शेयर इश्यू लाने के पीछे उद्देश्य है-

मंदीप ऑटो आईपीओ से इकट्ठा किये फंड को फ़रीदाबाद हरियाणा में स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के पास में एक नई बिल्डिंग के निर्माण में लगाना चाहती है

  • विनिर्माण इकाई के लिए मशीन और उपकरण खरीदने के लिए
  • कंपनी द्वारा ली गई उधारी को चुकाने के लिए
  • कार्यशील पूंजी को पूरा करने के लिए
  • कॉर्पोरेट उद्देश्य के लिए

ii.रणनीतिक साझेदारी या अधिग्रहण

मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज, 34,68,000 शेयर्स सब्सक्रिप्शन के लिए जनता के सामने रख रही है जिसमें-

  • 17,89,000 इक्विटी शेयर (एनआईआई)गैर संस्थागत निवेशक के लिए और
  • 17,89,000 (आरआईआई) खुदरा व्यक्तिगत निवेशक के लिए होंगे
  • मार्केट मेकर शेयर- 19,000 इक्विटी शेयर
  • अन्य(एनआईआई)शेयर ऑफर- 17,89,000
  • रिटेल शेयर ऑफर- 17,89,000
  • कुल शेयर ऑफर- 37,68,000

5.बाज़ार विश्लेषण

मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज का आईपीओ जीएमपी या ग्रे मार्केट प्रीमियम +30 है यानी मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज का शेयर प्राइस ग्रे मार्केट में 30 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेंड कर रहा था।

आईपीओ प्राइस बैंड और ग्रे मार्केट प्रीमियम के अनुसार मंदीप ऑटो इंडस्ट्रीज के शेयरों का लिस्टिंग मूल्य 97 रुपये प्रति शेयर था जोकी आईपीओ मूल्य से 44.78% ज्यादा है।

कैमियो कॉरपोरेट सर्विस लिमिटेड मनदीप ऑटो इंडस्ट्रीज के रजिस्ट्रार हैं जबकी जावा कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।

मंदीप ऑटो के पार्टनर्स क्रांति इंडस्ट्रीज लिमिटेड, पोरवाल ऑटो कंपोनेंट्स लिमिटेड और ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज लिमिटेड हैं।

सामान्य प्रश्न

प्रश्न: क्या मैं लिस्टिंग के बाद आईपीओ वापस ले सकता हूं?

उत्तर:आईपीओ बोली केवल 2 लाख रुपये तक के निवेश मूल्य वाले निवेशक ही रद्द कर सकते हैं सब्सक्रिप्शन के लिए इश्यू बंद होने से पहले इश्यू रद्द करने की अनुमति होती है, सब्सक्रिप्शन के लिए इश्यू बंद होने के बाद निवेशक अपनी बोली वापस या रद्द नहीं कर सकते।

प्रश्न: क्या आईपीओ का पैसा रिफंडेबल है?

उत्तर:आईपीओ का पैसा केवल नीचे दी हुई स्थिति में वापस लिया जा सकता है

1.आईपीओ सदस्यता के लिए ओपन होने पर खुदरा निवेशक द्वारा बोली रद्द करना।

2.आवंटन, लिस्टिंग या ट्रेडिंग की अनुमति ना मिलना।

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जगद्गुरु आदि शंकराचार्य: हिंदू धर्म के सशक्त मार्गदर्शक की जन्म जयंती पर विशेष

भारत के महान संत और दार्शनिक, हिंदू धर्म के ध्वजा वाहक जगद्गुरु भगवान आदि शंकराचार्य की आज जयंती है  जिसे शंकर जयंती के नाम से जाना जाता है, आज के पोस्ट में हम आदि शंकराचार्य के जीवन से जुड़े अनेक प्रसंगो एवं उनके सिद्धांतों का उल्लेख करने का प्रयास करेगे

1.परिचय

i.आदि शंकराचार्य का संक्षिप्त अवलोकन

कलियुग के प्रथम चरण में प्राय विलुप्त प्राय वैदिक ज्ञान को अपने विचारों से विशुद्ध कर दार्शनिक एवं वैज्ञानिक आधार देकर समृद्ध करने वाले भारत के चारो कोनो में चार मठों के संस्थापक शिवस्वरुप भगवत्पाद शंकराचार्य सदैव अनुकरण करने योग्य है

हिंदू धर्म में आदि गुरु शंकराचार्य का सर्वोच्च स्थान है जब भारत में हिंदू धर्म को सिद्धांतों का भ्रम फेलाकर समाप्त करने का प्रयास किया गया और अनेक नये पंथ जैन, बौद्ध आदि सक्रिय हुए तब हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना के लिए आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ

अपने 32 वर्ष के अल्प जीवन काल में आदि शंकर ने अनेक अविश्वसनीय कार्य किए धर्म को मजबूत आधार प्रदान किया, नकली संप्रदाय और मत को जो हिंदू धर्म से बैरभाव रखते थे उन्हें समाप्त किया

आदि शंकर महान दार्शनिक और अदभुत मेधा सम्पन्न थे इन्होने अद्वैत वेदांत पर विलक्षण टीका लिखी श्रीमद्भगवद्गीता, उपनिषद और वेदांत सूत्र पर लिखी टीका को आज भी सर्वश्रेष्ठ टीका माना जाता है

भारत के चारों कोनो में स्थापित चार मठ को धर्म की सर्वोच्च सत्ता के रूप में मान्यता प्राप्त है चारों मठ के प्रमुखों को शंकराचार्य नाम से सम्बोधित किया जाता है

आदि शंकर को भगवान शंकर का अवतार माना जाता है, इनके ब्रह्मसूत्र पर लिखी व्याख्या को विदुत्ता की सीमा माना जाता है शास्त्रार्थ में मतभेद होने पर आदि शंकर के लिखी टीकाओ और व्याख्याओं को प्रमाण माना जाता है

आदि शंकराचार्य

ii.भारतीय दर्शन और अध्यात्म में उनके योगदान का महत्व

आदि शंकराचार्य को सनातन धर्म की पुन: स्थापना का गौरव प्राप्त है, उनका जन्म ऐसे समय में हुआ जब हिंदू धर्म का दार्शनिक आधार कमजोर हो चुका था और सामान्य जनता में मूर्ति पूजा को पाखंड माना जाने लगा था

उन्होंने हिंदू धर्म और मूर्ति पूजा पर लगे सभी प्रश्नो और भ्रमो के उत्तर देकर उसे नया जीवन देने का कार्य किया और मूर्ति पूजा का विरोध करने वालों को प्रमाणिक उत्तर देकर फिर से स्थापित किया

2.प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

i.जन्म और पालन-पोषण

आदि शंकर का जन्म केरल के कालड़ी गांव में 507 ई पूर्व हुआ था पिता शिवगुरु ने शिव अराधना करके इन्हें पुत्र रूप में पाया था इसलिए इनका नाम शंकर रखा गया। शंकर जन्म से ही प्रतिभासम्पन्न थे, कम उम्र में ही पिता के देहांत के बाद इन्होने माता से संन्यास लेने की अनुमति मांगी।

ये कितने गुणी थे इसका ये प्रमाण है कि 6 साल की उम्र में ही ये संपूर्ण शास्त्र के विद्वान हो गए। मां से संन्यास की अनुमति मिलने पर गोविंदनाथ से संन्यास की दीक्षा ली इन्हे भगवान शंकर का अवतार माना जाता है भगवान शंकर के रूप में इनके जन्म के शास्त्रीय प्रमाण भी मिलते हैं।

व्याकुर्वन् व्याससूत्रार्थं श्रुतेरर्थं यथोचिवान l

श्रुतेर्न्यायः स एवार्थः शंकरः सविताननः ll

अर्थ: सूर्य के समान प्रतापी श्री शिवावतार आचार्य शंकर श्री वादरायण वेदव्यास रचित ब्रह्मसूत्रों पर श्रुति सम्मत युक्ति से पूर्ण भाष्य की रचना करते हैं।

ii.शिक्षा एवं आध्यात्मिक यात्रा

आदि शंकराचार्य शिव के अवतार थे इसीलिये वे बचपन से ही मेधावी थे केवल 8 वर्ष की आयु में वेदों में पारंगत हो गए 12 वर्ष की आयु में सभी शास्त्रों में निपुण हो गए 16 वर्ष की आयु में ब्रह्मसूत्र पर भाष्य लिखा और 32 वर्ष की आयु में शरीर त्याग दिया।

8 वर्ष की आयु गोविंदनाथ से संन्यास की दीक्षा ग्रहण की, 16 वर्ष की अवस्था में बद्रिकाश्रम में ब्रह्मसूत्र पर भाष्य लिखा, आदि शंकर ने अपने 32 वर्ष की अल्पायु में बहुत आश्चर्यजनक कार्य किया जो एक साधारण मनुष्य के लिए सोचना भी असंभव है।

आदि शंकर ने संन्यास लेने के बाद संपूर्ण भारत में पेडल घूमकर अद्वैत वेदांत का प्रचार किया, दरभंगा बिहार जाकर मंडन मिश्र से शास्त्रार्थ करके उसे परास्त किया और संन्यास दीक्षा दी, उस समय भारत में बहुत सी कुरितियां प्रचलित थी आदि शंकर ने उन सबको समाप्त किया और समभावदर्शी धर्म की स्थापना की, दशनाम गोस्वामी समाज की स्थापना की।

दशनाम संन्यास के 10 सरनेम होते हैं जो सन्यासी के गुरुप्रदत्त नाम के बाद लगाया जाता है जिससे संन्यासी के संप्रदाय का ज्ञान होता है ये दशनाम है सरस्वती गिरि, पुरी, बन, भारती, तीर्थ, सागर, अरण्य,, पर्वत और आश्रम, आदि शंकर ने इन दशनाम गोस्वामी को हिंदू धर्मगुरु के रूप में अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया और धर्म प्रचार का कार्य सोपा।

आदि शंकर ने भाष्य, प्रकरण एवं स्तोत्रग्रंथों की रचना करके हिंदू धर्म विरोधियो को शास्त्रार्थ के लिए ललकारा। नारदकुंड से अर्चाविग्रह श्री बद्रीनाथ को प्रकट किया और भूगर्भ से अर्चाविग्रह श्रीजगन्नाथ दारुब्रह्म को प्रकट किया एवं कठिन परिश्रम करते हुए चार मठो की स्थापना की आदि शंकर ने नीति शास्त्र, उपासना एवं ज्ञानकांड का धर्माचार्यो से प्रचार प्रसार करवाया।

शंकराचार्य ने संपूर्ण भारत में शक्तिपीठों की स्थापना की, नील पर्वत पर स्थित माता चंडी देवी मंदिर की स्थापना की शिवालिक पर्वत श्रृंखला में माता शाकंभरी देवी की पूजा अर्चना की, आसाम में स्थित कामाक्षी देवी मंदिर की स्थापना भी आदि शंकर ने की।

इस प्रकार आदि शंकर ने धर्म का खूब प्रचार प्रसार करवाया, मात्र 32 वर्ष की अल्प आयु में केदारनाथ में संबत 475 ई पूर्व आदि शंकर ने प्रथ्वीलोक को छोड़ दिया।

3.आदि शंकराचार्य का दार्शनिक योगदान

i.आदि शंकराचार्य का अद्वैत वेदांत

आदि शंकर ने बहुत कम समय में सनातन हिंदू धर्म का मार्गदर्शन किया आदि शंकर के अनुसार ज्ञान दो प्रकार का होता है परा विद्या और अपराविद्या सगुण ब्रह्म ही परा विद्या है और निर्गुण ब्रह्म ही अपरा विद्या है।

आदि शंकर के अनुसार ब्रह्म और जीव तत्वतः और मूलतः एक ही है इनमे भेद देखना ही अविद्या है, जीव की मुक्ति ज्ञान के बिना संभव नहीं है, जीव की मुक्ति ब्रह्म में लीन हो जाने पर होती है।

ii.अद्वैत वेदांत: मूल सिद्धांत और शिक्षाएँ

आदि शंकर ने अद्वैत वेदांत के सिद्धांत का प्रतिपादन किया “ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या जीवो ब्रह्मैब नापरः” आदि शंकर केवल ब्रह्म को सत्य मानते हैं, जीव भ्रमवश ही संसार को सत्य मानता है जबकी संसार केवल कल्पना मात्र है।

अद्वैत सिद्धांत के प्रतिपादक आदि शंकर को माना जाता है ब्रह्म सूत्र के भाष्य में शंकर ”अहम ब्रह्मास्मि” सूत्र से अद्वैत सिद्धांत को प्रस्तुत करते हैं जिसके अनुसार जीव और ब्रह्म अलग नहीं है, अज्ञान वश जीव ब्रह्म को पहचान नहीं पाता है पहचान लेने पर जीव ब्रह्म ही हो जाता है। आदि शंकर के अनुसार अद्वैत सिद्धांत से संपूर्ण सृष्टि बंधी हुई है। अद्वैत वेदांत, वेदांत की एक शाखा है।

iii.आदि शंकराचार्य के आलोचक और विवाद

आदि शंकर का बौद्ध धर्म के साथ-साथ अपने समय के सभी विधर्मी विचारधारा वाले लोगों से विवाद हुआ और अपने अकाट्य तर्कों से सभी विरोधियो को शास्त्रार्थ में पराजित किया अपने शास्त्र सम्मत तर्को से आदि शंकर ने शेब वैष्णवों के विचारों को नष्ट कर दिया।

उनका ईश्वर को ना मानने वाले बौद्ध धर्म और अन्य पंथों ने विरोध किया। उन्होंने रुधिवादी हिंदू और गैर हिंदू परंपरा दोनों से तर्क वितर्क के माध्यम् से अपने सिद्धांत का प्रचार करने के उद्देश्य से संपूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा की और सभी को अपने दर्शन सिद्धांत और विचारो से पराजित किया।

4.मठ की स्थापना

i.चार शंकराचार्य मठों की स्थापना 

आदि शंकर ने भारत के चारों कोनों पर चार आध्यात्मिक मठों की स्थापना की

  • दक्षिण में श्रगेरी शंकराचार्यपीठ
  • पूर्व में जगन्नाथ पुरी में गोवर्धन पीठ
  • पश्चिम में द्वारका में शारदा मठ
  • उत्तर में बद्रिकाश्रम में ज्योतिर्मठ

ii.विरासत को संरक्षित करने में इन संस्थानों का महत्व

आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों मठ वर्तमान शंकराचार्य के नेतृत्व में सनातन परंपरा का प्रचार प्रसार  कर रहे हैं, धर्म से संबंधित कोई विवाद होने पर ये चारों मठ समाज और राष्ट्र का मार्गदर्शन करते हैं।

आदि शंकर ने अपने 32 वर्ष के जीवन काल में 116 रचनाओ का निर्माण किया जिनमें 10 उपनिषदो पर लिखे भाष्य, स्तुति ग्रंथ भगवद्गीता पर लिखी टीका आदि सभी, भारत और आध्यात्मिक जगत के लिए अंधकार में सूर्य की रोशनी के समान है।

शंकराचार्य ने ज्ञान के लिये भक्ति को अनिवार्य बताया था और भक्ति प्राप्त करने का फल ज्ञान है ऐसा आदि शंकर ने निर्देश किया, उनके लिखे सभी ग्रंथ और चारों मठ हिंदू समाज के लिए युगो युगो तक आध्यात्मिक उन्नति का पथ प्रशस्त करते रहेंगे।

5.आदि शंकराचार्य का प्रभाव और विरास

i.अद्वैत वेदांत का प्रसार और उसका प्रभाव

आदि शंकर ने अद्वैत वेदांत का सिद्धांत भारत को दिया, अद्वैत, वेदांत का एक भाग है, जो वेदों का अंतिम उपदेश है वही वेदांत है, वेदों का अंतिम उपदेश उपनिषद है, अद्वैत उपनिषद पर आधारित ज्ञान है जो जीव और ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है।

अद्वैत, वेदांत के छोटे-छोटे सूत्र देता है जिन पर विचार करके जीव ब्रह्म को जान सकता है, ‘ब्रह्म सत्यम जगन्मिथ्या‘,’अहम् ब्रह्मास्मि‘, ‘एको ब्रह्मास्मि‘ सूत्र ब्रह्म और जीव की एकता की ओर संकेत करते है।

जहां द्वैत नहीं है वही अद्वैत है इसी सिद्धांत को आदि शंकर ने पूरे भारत में घूमकर इसका उपदेश दिया, भारत में आध्यात्मिक जगत में सबसे ऊंचा और कठिन सिद्धांत अद्वैत वेदांत को माना जाता है।

ii.आदि शंकराचार्य का भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म पर स्थिर प्रभाव

आदि शंकर ने अपनी जीवन यात्रा में ज्ञान और भक्ति दोनों पर ही प्रमुखता से लिया, भक्ति और ज्ञान दोनों को एक दूसरे का उदाहरण बताया और एक के अनुभव से दूसरे की प्राप्ति को बताया। भारत भक्ति प्रधान देश है यहां हर गली में मंदिर स्थापित है जहां मूर्ति पूजा होती है और आदी शंकर के अनुसार मूर्ति में सगुण ब्रह्म का वास होता है इसलिए हिंदू धर्म सगुण ब्रह्म उपासक है।

आदि शंकर ने मूर्ति पूजा को जरूरी बताया। उनके अनुसार सगुण ब्रह्म से निर्गुण ब्रह्म की प्राप्ति होती है जोकी अद्वैत वेदांत का मूल वाक्य है। आदि शंकर के रचे हुए स्तोत्र का पाठ भारत में हर मंदिर और विशेष अनुष्ठान के समय किया जाता है। आदि शंकर के सिद्धांत का भारत और हिंदू संस्कृति पर गहन प्रभाव है।

आदि शंकर जिन्हे जगद्गुरु शंकराचार्य भी कहा जाता है उनका जन्म ऐसे समय हुआ जब हिंदू धर्म भ्रमित था और बौद्ध धर्म का बोल बाला था, मूर्ति पूजा से विश्वास समाप्त हो चुका था, उस समय आदि शंकर ने हिंदुओं को मूर्ति पूजा के लिए सजग किया।

आदि शंकराचार्य जयंती हर वर्ष वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है, आज 12 मई 2024 दिन रविवर को जगद्गुरु शंकराचार्य जी की 1236वीं वर्षगाँठ मनाई जा रही है।

6.आदि शंकराचार्य की विश्व प्रसिद्ध रचनाएँ

आदिशंकराचार्य ने अनेक रचनाएँ लिखीं जो मूलतःअद्वैत वेदांत का आधार मानी जाती हैं। उनकी रचनाओं को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है-

  • भाष्य
  • प्रकरण ग्रंथ
  • स्तोत्र

भाष्य: आदि शंकराचार्य के विभिन्न ग्रंथों पर लिखे गए भाष्य मिलते हैं, जिन्‍हें मुख्यतः उपनिषदों पर लिखा गया है, उनके उपनिषदों पर लिखे गए भाष्य को प्रमाणिक माना जाता है, मुख्य कृतियों का नीचे उल्‍लेख किया जा रहा है-

ब्रह्मसूत्र पर लिखा गया ब्रह्मसूत्रभाष्य उनका सबसे प्रसिद्ध भाष्य है

अत्रेय उपनिषद

वृहदारण्यक उपनिषद

केनोपनिषद (सामवेद)

ईश उपनिषद (शुक्ल यजुर्वेद)

भगवद्गीता

विष्णुसहस्त्रनाम

प्रकरण ग्रंथ: आदि शंकर ने विश्व प्रसिद्ध प्रकारण ग्रंथ लिखे हैं जिनमें

विवेक चूणामणि

आत्मबोध

अपरोक्षानुभूति

शतश्लोकी

उपदेशसाहस्त्री मुख्य है

स्तोत्र: ग्रंथों में आदि शंकराचार्य ने विभिन्न स्तुतियां लिखी हैं जिन मै, गणेश स्तुति, शिव स्तुति, शक्ति स्तुति, विष्णु स्तुति  है, मुख्य स्तुति ग्रंथों में-

महिषासुरमर्दनी स्तोत्र, आनंदलहरी, कनकधारा स्तोत्र आदि हैं।

सामान्य प्रश्न

प्रश्न:आदि शंकराचार्य क्यों प्रसिद्ध है?

उत्तर: प्राचीन भारतीय सनातन परंपरा के विकास और धर्म के प्रचार प्रसार में आदि शंकराचार्य का महान योगदान है। उन्होनें सनातन परंपरा को पूरे देश में फैलाया है भारत के चरणों कोनो में चार मठों की स्थापना की।आदि शंकराचार्य अद्वैत वेदांत के अग्रणी दूत,संस्कृत के परम विद्वान, उपनिषद के भाष्यकार और धर्म सुधारक थे।

प्रश्न: आदि शंकराचार्य के दर्शन का मूल क्या है?

उत्तर:आदि शंकराचार्य के दर्शन का मूल एकात्मता है। उनके द्वारा जितने भी ग्रंथ रचे गए सभी का आधार एकात्मता है आदि शंकर की आध्यात्मिक दिग्विजय यात्रा का उद्देश्य किसी धर्म या संप्रदाय का विरोध करना नहीं था। बल्की भारतीय जीवन मूल्यों, हिंदू धर्म, मत और संप्रदायों में आई विसंगतियों को दूर कर धर्म की पुनर्स्थापना करना था।

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वंदे भारत एक्सप्रेस: भारत की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन, रेलवे कर रहा एक्सपोर्ट की तैयारी और भी बहुत कुछ पूरी जानकारी!

भारत सरकार ने भारतीयों को प्रौद्योगिकी से युक्त विदेशी ट्रेनों के समान देशी ट्रेन में यात्रा करने का एक शानदार मौका दिया है, इस ट्रेन का नाम है वंदे भारत एक्सप्रेस, जो पूर्ण स्वदेशी होने के साथ-साथ सभी उन्नत उपकरणों से युक्त है, आज के इस दिलचस्प पोस्ट में हम वंदे भारत ट्रेन से जुड़ी सभी जानकारी शेयर करने जा रहे हैं।

1.परिचय

i.वंदे भारत एक्सप्रेस का संक्षिप्त अवलोकन

वंदे भारत एक्सप्रेस प्रारंभ करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेलवे जोकी दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है को तकनीकी स्पर्श देना, मध्यम दूरी वाले शहरों के बीच की दूरी और यात्रा के समय को कम करना, पर्यटन की नई संभावनाओं को खोलना था।

वंदे भारत ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे करती है, वंदे भारत पूरी तरह से आरक्षित और पूर्ण एसी ट्रेन है। यह ट्रेन 800 किमी की औसत दूरी वाले मुख्य शहरों को कवर करती है। ट्रेन को एयरोडायनामिक मॉडल पर डिजाइन किया गया है, वंदे भारत सेमी हाई स्पीड ट्रेन है जोकी पूरी तरह से भारत में निर्मित है और भारत के लिए सम्मान और गर्व का विषय है।

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) चेन्नई में वंदे भारत के कोचों की डिजाइनिंग और निर्माण हुआ है, ये ट्रेन-18 का संशोधित संस्करण है वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की विशेषता इसकी उच्च गति है जोकी 160 किमी/घंटा तक संभव है।

ii.भारतीय रेलवे में वंदे भारत का महत्व 

वंदे भारत, भारत के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की एक बड़ी उपलब्धि है जो इसे खास बना देती है वह है इस की स्पीड, ट्रेन की हाई स्पीड से 7 घंटे की यात्रा 3 घंटे में पूरी हो रही है यात्रा का परिवहन माध्यम अच्छा होने से यात्रा की आवृत्ति बढ़ती है और लोग ज्यादा बार यात्रा करते हैं जिससे पर्यटन का ग्राफ बढ़ता है और देश की अर्थव्यवस्था पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मेक इन इंडिया के विजन को सफल बनाती है ये एक एसी हाई स्पीड ईएमयू ट्रेन है जो स्वदेशी डिजाइन पर बनी है, भारतीय रेलवे के लिए वंदे भारत एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। वंदे भारत की लॉन्चिंग से मध्यम वर्ग के यात्रियों को आराम के साथ यात्रा करने का मौका मिल रहा है।

वंदे भारत की सुविधाओ को फ़्लाइट की सुविधाओ जैसा बनाने का प्रयास किया गया है जिसमें यात्रियों को फ़्लाइट जैसी आराम की सुखद अनुभूति हो और समय की बचत हो जिससे यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी और रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। वंदे भारत मेट्रो शहरों से चलकर गैर-मेट्रो शहरों और क्षेत्रों तक जाती है जिससे बिजनेस मैन का आवागमन होता है।

कई शहरों के बीच कनेक्टिविटी के कारण व्यापार बढ़ता है और सीधे रेलवे को इसका फायदा होता है। वंदे भारत पूरी तरह से इलेक्ट्रिक ट्रेन है जिससे भारतीय रेलवे को ट्रेन मेंटिनेंस पर कम खर्च होता है और समय की बचत होती है। कुल मिलाकर वंदे भारत के आर्थिक संचालन से भारतीय रेलवे की दुनिया में प्रतिष्ठा बहुत बढी है।

वंदे भारत के कम लागत पर हाई टेक्नोलॉजी से युक्त रैक बनाना जिनका एडजस्टमेंट, मेंटिनेंस, मजबूती  प्रभावशाली लेकिन चुनौतीपूर्ण है, भारत और भारतीय रेलवे को भविष्य में दुनिया से नए बिजनेस ऑर्डर दिलाने में मदद मिलेगी।

2.वंदे भारत एक्सप्रेस का इतिहास

i.वंदे भारत एक्सप्रेस की उत्पत्ति और विकास

18 फरवरी 2019 को ट्रेन -18 के रूप में शुरू हुई इसके 80% कंपोनेट भारत में बने थे जिसे 970 मिलियन रुपये की लागत से बनाया गया था, ट्रेन का रूट नई दिल्ली से वाराणसी रखा गया वंदे भारत ने 843 किमी की दूरी को लगभग 8 घंटे में पूरा कर लिया।

वंदे भारत में नई सुविधाएं और उपकरण लगाए गए हैं आज वंदे भारत के कोच पूरी तरह से वातानुकूलित हैं, ट्रेन स्वचालित दरवाजे, बायो वैक्यूम शौचालय, सेंसर आधारित पानी का नल, रोलर ब्लाइंड, ओवरहेड रैक, रीडिंग लैंप और ऑन-बोर्ड भोजन जैसी सुविधाओं से युक्त है।

ii.वन्दे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन और पहली यात्रा

18 फरवरी 2019 को प्रथम वंदे भारत एक्सप्रेस को राष्ट्र को समर्पित किया गया। नई दिल्ली और वाराणसी के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने वंदे भारत को रवाना कर इसका उद्घाटन किया।

iii.वंदे भारत एक्सप्रेस की उल्लेखनीय विशेषताएं और नवाचार

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में फ्लाइट के पैटर्न पर 2 प्रकार की क्लास में बैठने की व्यवस्था की गई है, इकोनोमिक क्लास और एसी चेयर कार, इकोनोमिक क्लास में 52 यात्री और एसी चेयर कार में 78 यात्री प्रति कोच बैठ सकते हैं।

एग्जीक्यूटिव क्लास में रोटेटिंग सीट सुविधा दी जाती है जबकी चेयर कार में यात्रियों को कुर्सी गाड़ी में बैठने की सुविधा दी गई है।सभी कोच पूरी तरह से वातानुकूलित हैं और इलेक्ट्रिक आउटलेट, जीपीएस सिस्टम आधारित यात्री सूचना प्रणाली, अगले स्टेशन की जानकारी देने के लिए उपकरण लगाए गए हैं।

भारत में 30 सितंबर 2022 को दूसरी पीढ़ी की वंदे भारत लॉन्च हुई वंदे भारत एक्सप्रेस कम दूरी (800 किमी के भीतर) के बीच चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है भविष्य में शताब्दी ट्रेनें जोकी वंदे भारत के समान मध्यम दूरी वाली ट्रेनें हैं, वंदे भारत के शताब्दी का स्थान लेने की संभावना है सीआईएफ, स्लीपर कारों के अलावा लंबी दूरी की वंदे भारत ट्रेनों के लॉन्चिंग प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

3.तकनीकी विशिष्टता

i.डिज़ाइन और निर्माण

वंदे भारत एक्सप्रेस पूरी तरह से इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ट्रेन है इसका डिजाइन एयरोडायनामिक पैटर्न पर आधारित है जो कि हाई स्पीड पर वायु प्रतिरोध को घटाने में मदद करता है वंदे भारत का डिजाइन रेलवे के एक इंजीनियर सुधांशु मणि ने 18 महीने के कम समय में तैयार किया।

ट्रेन बिजली वितरण की टेक्नोलॉजी पर आधारित है, पुल एंड पुश टेक्नोलॉजी के तहत ट्रेन में 2 इंजन लगाए गए हैं, एक ट्रेन के फ्रंट में और दूसरा इंजन पीछे लगाया गया है। फ्रंट वाला इंजन ट्रेन को खींचता है जबकि पीछे वाला इंजन ट्रेन को आगे पुश करता है।

वंदे भारत भारतीय डिजाइन पर बनी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन है इसका प्रोडक्शन आईसीएफ चेन्नई और बीईएमएल बेंगलुरु के प्लांट में काम किया गया है। ट्रेन के इंजन को मोटरकोच कहते हैं जिनका आउटपुट 1000 किलोवाट है।

वंदे भारत की पावर आउटपुट 10700 हॉर्स पावर की है। टाटा स्टील ने ट्रेन के इंटीरियर पैनल और सीटों की मैन्युफैक्चरिंग की है और झारखंड की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी सफेद और नीली ट्रेन के 23 कोच के लिए हल्के वजन वाली सीटों की सप्लाई करेगी। ट्रेन के व्हील एक विशेष मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस से बनाये जाते हैं।

दूसरी पीढ़ी की सोलह कार ट्रेनसेट का वजन 392 टन है। वंदे भारत के एक कोच की कीमत 8-9 करोड़ है, एक कोच की क्षमता 67 यात्रियों की है। ट्रेन के हर कोच में वाईफाई सुविधा, बायो वैक्यूम टॉयलेट, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट दिया गया है, इसका ऑटोमैटिक गेट ट्रेन के स्टेशन पर पूरी तरह से रुकने पर ही ओपन होता है।

ii.गति और दक्षता

वंदे भारत, भारत की दूसरी हाई स्पीड ट्रेन है। वंदे भारत ट्रेन की सबसे खास सुविधा है इसकी हाई स्पीड, ये कुछ ही सेकंड में 160 किमी/घंटा की गति से दौड़ सकती है जिसमें दो शहरों के बीच का यात्रा समय कम हो जाता है।

हालांकि वंदे भारत को 180 किमी/घंटा की गति के लिए डिज़ाइन किया गया है लेकिन ट्रैक की स्थिति के कारण अभी भी ट्रेन को अधिकतम 150 किमी/घंटा की स्पीड से ही चलाया जा रहा है।

iii.अन्य ट्रेनों से तुलना

वंदे भारत ट्रेन में तेजस और राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में यात्री अनुकूल सुविधाएं ज्यादा हैं, हाई स्पीड ट्रेन की स्पीड ज्यादा है, इसके अलावा वंदे भारत में बेहतर बर्थ, सुगम यात्रा, उन्नत सुरक्षा सुविधाएं, खूबसूरत इंटीरियर काफी अलग है।

शताब्दी ट्रेन के कोच पारंपरिक कोच हैं और ये एक प्रीमियम इंटरसिटी ट्रेन है ये अधिकतम 130 किमी/घंटा की गति से चलती है जबकी वंदे भारत ईएमयू तकनीक आधारित उन्नत सुविधाओं से युक्त पूरी तरह से स्वचालित है जो 160 किमी/घंटा की गति से चलती है।है। वंदे भारत को शताब्दी से 30-40 मिनट तक तेजी से चलाया जाता है।

वंदे भारत

4.मार्ग और गंतव्य

i.वर्तमान रूट सेवा प्रदान की गई

वंदे भारत ट्रेनें मुख्य रूप से विभिन्न राज्यों में फेले इलेक्ट्रिक ब्रॉड गेज नेटवर्क पर चलती हैवंदे भारत ट्रेन के रूट के बारे में कुछ ताजा जानकारी नीचे शेयर की जा रही है-

  • वाराणसी – नई दिल्ली-वाराणसी
  • नई दिल्ली-एसएमवीडी
  • कटरा-नई दिल्ली
  • मुंबई सेंट्रल- मुंबई-गांधीनगर कैप
  • नई दिल्ली-अंब अंदौरा-नई दिल्ली
  • चेन्नई-मैसूरु-चेन्नई

ii.विस्तार योजनाएँ

  • रेलवे ने 2047 तक 4500 नई वंदे भारत ट्रेनें लॉन्च करके रेलवे का आधुनिकीकरण और विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • हाल ही में न्यू जलपाईगुड़ी को पटना से कनेक्ट करने के लिए न्यू जलपाईगुड़ी पटना वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन 12 मार्च 2024 को शुरू हो गया है।
  • जून 2025 तक भारतीय रेलवे, 16 स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का शुभारंभ करेगा जिसमें सामान्य वंदे भारत ट्रेन से अधिक सुविधाएं होंगी।
  • 2024 में भारतीय रेलवे, 14 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 60 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लॉन्च करने की योजना बना रही है।

iii.कवर किये गये लोकप्रिय गंतव्य

वंदे भारत वर्तमान में 51 मार्गों पर सक्रिय है, इसने जिन गंतव्य को कवर किया है उसमें मुख्य है-

  • देहरादून टर्मिनल
  • अंब अंदौरा
  • तिरुअनंतपुरम
  • श्रीनगर-शिर्डी
  • श्री माता वैष्णो देवी कटरा
  • वाराणसी
  • न्यू जलपाईगुड़ी जंक्शन
  • गांधीनगर राजधानी
  • गुवाहाटी

5.यात्री अनुभव

i.आराम और सुविधाएं

  • वंदे भारत एक्सप्रेस को फ्लाइट जैसी सुविधाएं दी गई हैं, हर कोच में स्वचालित दरवाजे हैं और जलवायु नियंत्रण सिस्टम दिया गया है जिससे यात्रियों को सुखद यात्रा का अनुभव होता है।
  • ट्रेन में बायो वैक्यूम टॉयलेट दिए गए हैं भारतीए ट्रेन में पहली बार ये सुविधा दी गई है जिनसे कोच में स्वच्छता और आराम का एहसास आता है।
  • प्रत्येक कोच में जीपीएस प्रौद्योगिकी आधारित यात्री सूचना प्रणाली और वाईफाई लगाया गया है जिसमें यात्रा के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी बनी रहती है।
  • बैठने की अच्छी व्यवस्था हर कोच में दी गई है, ऑनबोर्ड खानपान की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें शाकाहारी और गैर-शाकाहारी भोजन परोसा जाता है।
  • यात्री के मनोरंजन के लिए मनोरंजन प्रणाली लगायी गयी है।

ii.टिकटिंग और आरक्षण

वंदे भारत ट्रेन का टिकट आसानी से बुक कर सकते हैं, इसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा-

  • आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in पर जाएं
  • अपना आईआरसीटीसी अकाउंट लॉगिन करें
  • अपना टिकट बुक करें‘ अनुभाग ‘टू‘ और ‘फ्रॉम‘ में अपने आने और जाने के स्टेशनों के नाम भरें।
  • रूट के अनुसार वंदे भारत ट्रेन की लिस्ट ओपन हो जाएगी, लिस्ट से वंदे भारत ट्रेन का चयन करें
  • क्लास टाइप में एक्जीक्यूटिव या एसीचेयर कार में से एक का चयन करें
  • आपका टिकट बुक हो जाएगा

टिकटिंग

6.भारतीय रेलवे पर प्रभाव

i.रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण

18 फरवरी 2019 में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन प्रारंभ हुआ इसके बाद से भारतीय रेलवे का आधुनिकीकरण शुरू हो गया। वंदे भारत ट्रेन टेक्नोलॉजी में परफेक्शन और आधुनिकता का प्रतीक बनकर उभरी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है, वंदे भारत बुलेट ट्रेन लॉन्च पर भी कार्य तेजी से चल रहा है।

चेन्नई में आईसीएफ एक्सपोर्ट के लिए स्टैंडर्ड गेज वंदे भारत ट्रेनों को विकसित करेगा

ii.आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ

वंदे भारत ट्रेन ने तकनीकी प्रगति के नए मापदण्ड को स्थापित किया है, बल्की पर्यावरण के लिए जागरुकता का नया मानक भी बनाया है वंदे भारत ट्रेन को  निरंतर विकास की अवधारणा पर बनाया गया है।

वंदे भारत पर्यावरण अनुकूल सुविधाओं से युक्त है। ट्रेन में रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है जिससे गतिज ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है जिससे ऊर्जा की बचत होती है।

पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस धीमी क्यों है?

उत्तर: वंदे भारत ट्रेन एक मशीन के तौर पर 180 किमी/घंटा की गति से चलने में सक्षम है, लेकिन 160 किमी/घंटा से 200 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों की औसत गति के लिये भारत के, किसी भी ट्रैक को अपग्रेड नहीं किया गया है।

प्रश्न: भारत में कितनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन है?

उत्तर: भारतीय रेलवे मई 82 वंदे भारत ट्रेन सेवा संचलित हो रही है जो ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क वाले राज्यों को कनेक्ट करती है।

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस के संस्थापक कौन हैं?

उत्तर: बिना इंजन के सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने का सुधांशु मणि का सपना वंदे भारत ट्रेन की लॉन्चिंग के साथ पूरा हो गया, सुधांशु का 38 साल का रेलवे में करियर रहा है ये एक मैकेनिकल ऑफिसर है, सुधांशु मणि को वंदे भारत की ट्रेनों का पिता माना जाता है और भारत के रेलवे के विकास में उनके योगदान को हमेशा सम्मान मिलेगा।

प्रश्न: कौन सी वंदे भारत एक्सप्रेस सबसे तेज़ है?

उत्तर: सबसे तेज़ औसत नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा मेंटेन किया गया है, भारतीय रेलवे द्वारा संचालित वंदे भारत एक्सप्रेस एक इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट ट्रेन है।

प्रश्न: वंदे भारत एक्सप्रेस की टेक्नोलॉजी क्या है?

उत्तर: भारत की वंदे भारत ट्रेनों ने रेलवे तकनीक में एक नए युग की शुरुआत की है, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा और आराम को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ये हाई स्पीड ट्रेन सुरक्षित और निर्बाध यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक सुविधाएं से युक्त होती हैं।

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बिटसैट सत्र -1 परीक्षा 2024: स्लॉट बुकिंग विवरण, सत्र-2 पंजीकरण विवरण, बिटसैट से बीई करने का महत्व और भी बहुत कुछ!

भारत में जेईई इंजीनियरिंग एंट्रेंस के बाद सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को बिटसैट एंट्रेंस को माना जाता है। बिटसैट परीक्षा का सत्र-1 20 मई से 24 मई 2024 तक आयोजित होगा जोकी ऑनलाइन टेस्ट होगा आज के इस पोस्ट में आपसे बिटसैट परीक्षा 2024 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करेंगे।

1.परिचय

i.बिटसैट परीक्षा का संक्षिप्त अवलोकन

हर साल बिटसैट परीक्षा आयोजित की जाती है ये एक कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन टेस्ट है जो कि बिट्स (बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस) द्वारा कंडक्ट किया जाता है, परीक्षा एकीकृत पहले डिग्री प्रोग्राम के रूप में बिट्स के 3 कैंपस, पिलानी, हैदराबाद और गोवा की बीई, बी फार्मा और एमएससी प्रोग्राम की सीटों के लिए आयोजित की जाती है।

बिटसैट ने टेस्ट की तारीख के अनुसार स्लॉट बुकिंग की तारीख घोषित कर दी है, जो अभ्यर्थी ऑनलाइन टेस्ट के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं वे6 मई से 10 मई 2024 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं।

ii.बिट्स पिलानी के प्रवेश के संदर्भ में बिटसैट परीक्षा का महत्व

उम्मीदवार बिटसैट ऑनलाइन टेस्ट में प्राप्त स्कोर के आधार पर प्रवेश के लिए योग्य होगा। बिटसैट प्रवेश पात्रता का आधार +12 परीक्षा में प्राप्त कई गए न्यूनतम मार्क्स भी होते हैं।

2.बिटसैट परीक्षा क्या है?

i.बिटसैट (बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस एडमिशन टेस्ट) की व्याख्या

बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस प्रवेश परीक्षा (बिटसैट) बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और साइंस बिट्स पिलानी द्वारा अपने 3 कैंपस पिलानी हैदराबाद और गोवा की इंजीनियरिंग कोर्स (बीई) के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा है  ये परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन होती है।

बिट्स

ii.बिट्स परीक्षा का इतिहास और महत्व

बिट्स पिलानी की स्थापना 1964 में की गई, प्रारंभ में बिट्स की एक रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में शुरुआत की गई, रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज से विश्व मानक शिक्षा गुणवत्ता वाली राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के विकास में घनश्याम दास बिड़ला की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

यूनिवर्सिटी ने पिलानी के बाद में मुंबई, गोवा, हैदराबाद और दुबई में अपनी शाखाएं खोली बिटसैट परीक्षा छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है क्योंकि बिट्स के किसी भी कैंपस से बीई करने पर छात्रों को दुनिया की प्रसिद्ध कंपनियों में भारी पैकेज के साथ प्लेसमेंट मिलता है।

बिटसैट का पाठ्यक्रम काफी लचीला है और इंडस्ट्री एकेडेमिया रिलेशन को मजबूत करने के कॉन्सेप्ट पर बनाया गया है, इसीलिये दुनिया की शीर्ष कंपनियां बिटस प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लेती हैं और उम्मीदवार को रिच पैकेज प्रदान करती हैं।

बिटसैट (बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस एडमिशन टेस्ट) की 2005 में प्रथम डिग्री में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय स्तर पर शुरुआत की गई, जिसका चयन आधार उम्मीदवार के प्रदर्शन को रखा गया।

बिट्स पिलानी को भारत सरकार से ‘इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस’ का सम्मान मिला हुआ है, आज बिट्स पिलानी को देश के शीर्ष रैंक इंजीनियरिंग संस्थानों में गिना जाता है, बिट्स पिलानी इंजीनियरिंग के अलावा, प्रबंधन, विज्ञान मानविकी स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट डिग्री प्रदान करता है।

जिसका विश्वव्यापी मूल्य और महत्व होता है बिटसैट पासआउट्स को दुनिया की शीर्ष स्तर की कंपनियों में नौकरी के ऑफर मिलते हैं, अगर कोई उम्मीदवार जेईई क्लियर नहीं कर पाता है तो वह एक बार बिटसैट के लिए जरूर ट्राई करता है, बिटसैट के महत्व से सभी परिचित हैं।

iii.बिटसैट परीक्षा 2024 की संरचना और प्रारूप

बिटसैट परीक्षा 2024 के 2 सत्र होंगे प्रत्येक सत्र को 4 भागों में विभाजित किया गया है-

  • भाग 1 भौतिकी
  • भाग 2 रसायन विज्ञान
  • भाग 3 (ए) अंग्रेजी दक्षता (बी)तार्किक तर्क
  • भाग 4 गणित या जीव विज्ञान

प्रत्येक सत्र 3 घंटे का होगा सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार के होंगे (बहुविकल्पी) सभी प्रश्नों में 4 विकल्प दिए जाएंगे जिसमें केवल एक उत्तर सही होगा। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक दिए जाएंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1 अंक कट कर लिया जाएगा परीक्षा पेपर 130 प्रश्न का होगा परीक्षा पेपर सारांश नीचे दिया जा रहा है-

पेपर सारांश

3.बिटसैट 2024 अपडेट

i.बिटसैट सत्र 1 2024 से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा

बिटसैट सत्र 1 2024 से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा

  • बिटसैट सत्र-1 2024- के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि- 26 अप्रैल 2024
  • टेस्ट सिटी आवंटन जारी- 3 मई 2024
  • स्लॉट और टेस्ट बुक करने की तारीख – 6-10 मई 2024
  • हॉल टिकट जारी होने की तिथि-15 मई 2024
  • बिटसैट सत्र -1 परीक्षा तिथि -20-24 मई 2024

ii.बिटसैट 2024 सत्र 1 की योग्यता मानदंड और पाठ्यक्रम

बिटसैट सत्र-1 2024 के लिए पात्रता मानदंड नीचे दिए गए हैं-

  • बिट्स पिलानी के इंटीग्रेटेड पहले डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए बिटसैट सत्र 1 का आयोजन किया जा रहा है उम्मीदवार को केंद्रीय या राज्य बोर्ड से +12 कक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित  विषयों में न्यूनतम 75% अंक प्राप्त होने चाहिए, इसके साथ ही व्यक्तिगत विषय में न्यूनतम 60% अंक होने चाहिए।
  • उम्मीदवार जिनके पास +12 में जीव विज्ञान विषय है उन्हें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में केंद्रीय या राज्य बोर्ड से न्यूनतम 75% अंक से पास होना चाहिए और व्यक्तिगत विषय में न्यूनतम 60% अंक होने चाहिए।
  • वे छात्र जो 2024 में 12वीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं या जिन्होने 2023 में 12वीं की परीक्षा पास कर ली है वे बिटसैट 2024 के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • सभी केंद्रीय और राज्य बोर्ड के प्रथम रैंक धारकों को ‘बोर्ड टॉपर्स योजना में सीधे प्रवेश‘ के तहत सीधे प्रवेश दिया जाएगा, अगर उम्मीदवार के पास 12वीं कक्षा में पीसीएम (भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित) है तब इंटीग्रेटेड फर्स्ट डिग्री प्रोग्राम के तहत बीई कोर्स में सीधे प्रवेश ले सकते हैं।और पीसीबी (भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान) के प्रथम रैंक धारकों को बी.फार्मा में प्रवेश दिया जाएगा।

BITSAT

बिटसैट सत्र- 1 परीक्षा पाठ्यक्रम

इंटीग्रेटेड फर्स्ट डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए बिटसैट सत्र 1 परीक्षा का आयोजन बिट्स पिलानी के द्वारा किया जा रहा है परीक्षा 20 से 24 मई को होनी है, बिट्स पिलानी ने सिलेबस को जारी किया है जो विषयवार नीचे दिया जा रहा है। बिटसैट सत्र 1 परीक्षा एनसीईआरटी सिलेबस के अनुसार कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए निर्धारित सिलेबस के आधार पर होगी।

फिजिक्स से कुल 30 वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे जो नीचे दिए गए अध्यायों से होंगे-

माप की इकाई, गतिकी, न्यूटन की गति का नियम, आवेग और गति,कड़ाही और ऊर्जा, घूर्णी गति,आकर्षण-शक्ति, ठोस और तरल पदार्थों की यांत्रिकी, कंपन, लहर की इलेक्ट्रोस्टाटिक्स, चालू बिजली, ताप और ऊष्मप्रवैगिकी,धारा का चुंबकीय प्रभाव, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन, प्रकाशिकी, आधुनिक भौतिकी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

रसायन विज्ञान के 30 प्रश्नों के उत्तर उम्मीदवार को देने होंगे जो नीचे दिए गए अध्यायों पर आधारित होंगे –

वस्तुस्थिति, परमाणु संरचना, आवधिकता और संबंध, ऊष्मप्रवैगिकी,भौतिक एवं रासायनिक संतुलन, इलेक्ट्रो रसायन शास्त्र, रासायनिक गतिकी, हाइड्रोजन और एस-ब्लॉक तत्व, पी-डी-एफ ब्लॉक तत्व, कार्बनिक रसायन विज्ञान और हाइड्रोकार्बन का सिद्धांत, त्रिविम, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन युक्त कार्यात्मक समूह वाला इलेक्ट्रॉनिक यौगिक, जैविक, औद्योगिक और पर्यावरण रसायन विज्ञान

गणित से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे जिनके उत्तर अभ्यर्थी को देने होंगे जो नीचे दिए गए अध्यायों से संबंधित होंगे-

बीजगणित, त्रिकोणमिति, दो आयामी समन्वय ज्यामिति, तीन आयामी समन्वय ज्यामिति, विभेदक कैलकुलस, इंटीग्रल कैलकुलस, गणितीय मॉडलिंग, वैक्टर, रैखिक प्रोग्रामिंग, संभाव्यता, साधारण अंतर समीकरण, सांख्यिकी

अंग्रेज़ी कुशलता परीक्षा में 10 प्रश्न के उत्तर देने होंगे जो नीचे दिए गए टॉपिक से पूछे जाएंगे-

व्याकरण, शब्दावली, रीडिंग कॉम्प्रिहेंसन और रचना

 तार्किक तर्क के साथ अभ्यर्थी को 20 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे जिनके विषय नीचे दिए जा रहे हैं-

मौखिक तर्क, गैर मौखिक तर्क

4.बिटसैट 2024 के लिए तैयारी युक्तियाँ

i. बिटसैट 2024 की प्रभावी तैयारी के लिए रणनीतियाँ

बिटसैट परीक्षा एनसीईआरटी के कक्षा 11वीं और 12वीं का पाठ्यक्रम पर आधारित होता है जिसे परफेक्ट योजना बनाकर क्रैक किया जा सकता है नीचे बिटसैट की तैयारी के लिए कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं जिनको फॉलो करके तैयारी में मदद मिल सकती है-

  • एनसीईआरटी किताबों से कॉन्सेप्ट को क्लियर करें। जो विषय कठिन लगता है उसे नोट करके संबंधित विषय शिक्षक से कॉन्सेप्ट को स्पष्ट करने के लिए मदद लें।
  • विषय के कठिनाई स्तर के अनुसार टाइम टेबल तैयार करें।
  • कठिन विषयों का चयन करें और नोट्स बनाएं तथा अतिरिक्त समय प्रदान करें।
  • नियमित पुनरीक्षण करें।
  • अपनी तैयारी के अनुसार प्रत्येक विषय के लिए समय प्रदान करें।
  • समय से पहले कोर्स पूरा करें, इससे आत्मविश्वास बढेगा।
  • मॉक टेस्ट पेपर और पुराने सैंपल टेस्ट पेपर से अभ्यास करें।

5.बिटसैट 2024 की पंजीकरण प्रक्रिया

i. बिटसैट 2024 के लिए पंजीकरण कैसे करें, इस पर स्टेप बाय स्टेप गाइड

बिटसैट सत्र 1 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के लिए चरण दर चरण नीचे मार्गदर्शन किया जा रहा है-

  • बिटसैट की आधिकारिक वेबसाइट bits-pilani.ac.in/admissions पर विजिट करें
  • होम पेज पर ‘न्यू रजिस्ट्रेशन‘ पर क्लिक करें
  • अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, अपना नाम भरकर रजिस्टर करें
  • आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बिटसैट से ‘लॉगिन आईडी’ और ‘पासवर्ड’ आएगा उसे भरें और लॉगिन करें
  • अपना आवेदन पत्र भरें, सही जानकारी भरें, आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें
  • अपनी जानकारी भरने के बाद दोबारा जांच करें ऑनलाइन भुगतान करके फॉर्म ‘सबमिट’ करें
  • अपने लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड को अपने पास सुरक्षित रखें ये बाद में आपके काम आएगा

ii.बिटसैट 2024 के पंजीकरण के लिए आवश्यक मुख्य दस्तावेज

  • बिटसैट फॉर्म भरते समय नीचे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है-
  • उम्मीदवार की 10वीं कक्षा की अंकतालिका
  • अभ्यर्थी की 12वीं कक्षा की अंकतालिका
  • उम्मीदवार के हस्ताक्षर
  • उम्मीदवार की हालिया तस्वीर
  • आईडी प्रूफ के लिए आधार या वोटर आईडी या पैन कार्ड

iii.बिटसैट सत्र 2 की महत्वपूर्ण तिथियां

बिटसैट सत्र 2 के लिए एप्लीकेशन विंडो ओपन होगी – 22 मई से 10 जून 2024

  • आवेदन पत्र सुधार तिथि- 11 से 12 जून 2024
  • टेस्ट सिटी सेंटर आवंटन तिथि -13 जून 2024
  • स्लॉट बुकिंग और परीक्षण तिथि -15 से 17 जून 2024
  • हॉल टिकट डाउनलोड तिथि- 19 जून 2024
  • बिटसैट सत्र 2 ऑनलाइन टेस्ट- 24 से 28 जून 2024

iv.बिटसैट सत्र 1 2024 स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया

बिटसैट 2024 परीक्षा के प्रतिदिन 2 स्लॉट होंगे सुबह का सत्र 9 से 12 बजे तक चलेगा और शाम का सत्र 2 से 5 बजे तक चलेगा। स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया के लिए उम्मीदवार अपने पसंद के स्लॉट को बुक कर सकते हैं। बिटसैट सत्र 1 परीक्षा की अवधि 3 घंटे होगी। स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को नीचे चरण दर चरण बताया जा रहा है उसको फॉलो करें।

स्लॉट बुकिंग

बिटसैट सत्र 1 के लिए स्लॉट बुकिंग विंडो खुली है, उम्मीदवार 6 मई से 10 मई तक अपनी पसंद का स्लॉट बुक कर सकते हैं।  स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया नीचे बताई जा रही है-

  • बिट्स पिलानी की आधिकारिक वेबसाइट bitsadmission.com पर विजिट करें
  • होम पेज पर ‘स्लॉट बुकिंग लिंक’ पर क्लिक करें
  • अपना लॉगिन क्रेडेंशियल जैसे एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन हो जाएं
  • अपना परीक्षा केंद्र और परीक्षा तिथि का चयन करें
  • परीक्षा केंद्र और तारीख की पुष्टि होने के बाद स्लॉट टाइम डिटेल ओपन हो जाएगी
  • अपनी चॉइस का टाइम स्लॉट सेलेक्ट करें, कन्फर्मेशन पेज ओपन होगा। ‘पुष्टि करें’ पर क्लिक करें
  • आपका परीक्षा केंद्र, तिथि और स्लॉट बुक हो जाएगा

6.पिछले टॉपर और विशेषज्ञ से जानकारी

i.चिराग पी नायक

चिराग प्रभाकर नायक 2023 के बिटसैट टॉपर है इन्होने 359/390 अंक प्राप्त करके बिटसैट 2023 टॉप किया था। चिराग ने इस उपलब्धि को अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त किया। पहला प्रयास में चिराग को 290/390 अंक मिले। चिराग ने बिटसैट की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए टिप्स दिए हैं।

बिटसैट टेस्ट सीरीज और बेहतर समय प्रबंधन की मदद से अपने बिटसैट स्कोर को 290 से 359 तक लाने में मदद मिली, क्योंकि वास्तविक बिटसैट और बिटसैट टेस्ट सीरीज के प्रश्न पैटर्न में काफी समानता हैं। टेस्ट सीरीज के विश्लेषण से चिराग को सुधार में काफी मदद मिली।

चिराग

चिराग नायक ने बिटसैट परीक्षा देने वाले छात्रों को एनसीईआरटी किताबों से कॉन्सेप्ट क्लियर करने का सुझाव दिया है।

FAQs

Q: बिटसैट 2024 के लिए अच्छा स्कोर क्या है?

A: 300+ स्कोर बिटसैट के लिए अच्छा स्कोर हो सकता है, इससे भी ज्यादा बिटसैट के लिए अच्छा स्कोर 350+ है, हर साल सटीक कट-ऑफ स्कोर अलग होता है और कुछ कारकों पर निर्भर करता है जैसे परीक्षा का कठिनाई स्तर और आवेदकों की संख्या।

Q: बिट्स दुबई में एडमिशन के लिए क्या करना होगा?

A: बिट्स पिलानी के तहत बीआईटी दुबई के प्रथम डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश लेने के लिए उम्मीदवार को 12वीं कक्षा में कुल मिलाकर 60% अंक, भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित/कंप्यूटर विज्ञान/जीवविज्ञान में होने चाहिए।

Q: बिट्स में कितनी सीटें हैं?

A: हर साल लगभग 1,85,000 उम्मीदवार बिटसैट के माध्यम से 2000 सीटों के लिए आवेदन करते हैं, जिनमें बिट्स पिलानी की 800 सीटें, बिट्स गोवा की 600 और बिट्स हैदराबाद की 600 सीटें शामिल हैं।

Q: क्या बिट्स, जेईई मेन्स के स्कोर पर बिटसैट प्रवेश के लिए विचार करता है?

A: नहीं, बिट्स जेईई मेन्स के स्कोर पर विचार नहीं करता, बिट्स में एडमिशन बिटसैट स्कोर के आधार पर दिया जाता है।

Q: क्या बिट्स बोर्ड के मार्क्स चेक करता है?

A: नहीं, प्रवेश केवल मेरिट आधारित होता है, प्रवेश के लिए उम्मीदवार की मेरिट स्थिति बिटसैट 2024 में प्राप्त किये गये स्कोर के आधार पर बनेगी।

Q: क्या बिट्स जेईई से सस्ता है?

A: बिट्स और आईआईटीएस में अगर बड़ा अंतर देखा जाए तो बिट्स निजी संस्थान है जबकि आईआईटी सरकारी संस्थान है। निजी संस्थान होने के कारण बिट्स की शैक्षणिक फीस आईआईटी से ज्यादा है, आईआईटी की चयन प्रक्रिया बिट्स से कठिन है।

Q: क्या बिट्स बिना परीक्षा दिए जॉइन कर सकते हैं?

A: बिट्स पिलानी में प्रवेश या तो बिटसैट परीक्षा के माध्यम से संभव है या बिट्स पिलानी में प्रबंधन कोटा के माध्यम से सीधे प्रवेश संभव है।

Q: क्या बिट्स हैदराबाद में बिना बिटसैट परीक्षा के एडमिशन लिया जा सकता है?

A: हां, बिट्स हैदराबाद सीधे प्रवेश की पेशकश करता है, सभी केंद्रीय और राज्य बोर्ड के प्रथम रैंक धारक सीधे अपनी पसंद के कैंपस में प्रवेश ले सकते हैं चाहे उनका बिटसैट 2024 स्कोर कुछ भी हो।

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