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तनाव मुक्त, तरोताजा होने के लिए मार्च में इन Destinations को शामिल करें

सभी के जीवन में तनाव एक बड़ी समस्या है, एक ही स्थान पर लंबे समय तक रहने की जगह, अगर समय समय पर कुछ दिनों के लिए आउटिंग कर ली जाए तो मन और दिमाग दोनों रिफ्रेश हो जाते हैं और दोबारा पूरी ताकत से ज़िम्मेदारियों को अच्छे से निभाया जा सकता है तो आइए ऐसी ही अनजान जगहों के बारे में जानते हैं

चिकमंगलुरु: भारत के दक्षिण में कर्नाटक राज्य की राजधानी बेंगलुरु से 271 किमी दूर है, यहां वाया मंगलुरु हवाई अड्डे से या बस या टैक्सी से आसनी से पहुचा जा सकता है, चिकमंगलुरु को पहले कदुर नाम से जाना जाता था

चिकमंगलुरु

भाषा – अधिक आबादी कन्नड़ बोलती है, तेलुगु और मलयालम भी कुछ जगहों पर बोली जाती हैचिकमगलुरु मुल्यानागिरी हिल के बेस में 3400 feet पर बसा है ऐसा माना जाता है कि कॉफी की शुरुआत यहीं से हुई थी इसलिए इसे लैंड ऑफ कॉफी भी कहा जाता है

मुख्य आकर्षण – बुदनागिरी, जोकि हिंदू और मुसलमानों की आस्था का केंद्र है अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ट्रैकिंग के लिए जाना जाता है इसके अलावा, केम्मनगुंडी, माणिक्य धारा झरना, कॉफी संग्रहालय, भद्रा वन्य जीव अभ्यारण्य घुमने के लिए सबसे अच्छी जगह है

भोजन-– कुदुबु चिकमगलुरु का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन है जिसेचावल के आटे में कसा हुआ कद्दू और मसाले डालकर स्टीम में बनाया जाता हैसर्वोत्तम यात्रा का समय – अक्टूबर से मार्च के बीच प्लान किया जा सकता है

मौसम- दिन के समय सूती कपड़े क्योंकि यहां दिन में काफी गर्मी होती है

स्वराज या हैवलॉक:द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप और जिसका पुराना नाम हैवलॉक द्वीप था ,जहाँ कोरल रीफ देखने, और डाइविंग के लिए लोग यहां जाना पसंद करते हैं

भाषा- यहां स्थानीय अंडमानी भाषा बोली जाती है वैसे हिंदी आम बोलचाल की भाषा है, तमिल मलयालम आदि भी बोली जाती है

स्थान- बंगाल की खाड़ी, यह अंडमान और निकोबार द्वीप का एक हिस्सा है

मुख्य आकर्षण-एलिफंटा बीच जो कि अनछुए मूंगे और समृद्ध समुद्री जीवन का आनंद लेने के लिए लोगो को आकर्षित करता है नाव से समुद्र यात्रा शुरू करने के लिए 20 मिनट में समुद्र तट पर पहुंच कर 2-3 मीटर की गहराई में जीवित मूंगे और रंगीन मछलियों को देखा जा सकता है

 

स्वराज

परिवहन के लिए: पोर्टब्लेयर से स्वराज द्वीप तक हवाई जहाज या जहाज से या बस से जा सकते हैं, सरकारी बस 2 घंटे और एसी कैटामरीन 90 मिनट का समय लेते हैं. Local visit करने के लिए किराए पर मोटर साइकिल मिल जाती है पोर्टब्लेयर से नील आइलैंड और स्वराज आइलैंड आईटीटी मेजिस्टिक फुल एसी शिप सुविधा उपलब्ध रहती है

मुख्य आकर्षण- एलीफेंटा बीच यहां का मुख्य आकर्षण है यहां नाव से पहुंचने की सुबिधा मिल जाती है यहां की समुद्र तट की खुबसूरती और गोताखोरी समुद्र के अंदर की दुनिया एक शानदार अनुभव देती है

भोजन- स्वराज द्वीप पर शुद्ध शाकाहारी भोजन, उत्तर भारत की तरह चाट, समोसा और अन्य खाद्य पदार्थ स्ट्रीट फूड के रूप में और रेस्तरां में कम दर पर उपलब्ध रहता है, अंडमान कोकम एक प्रसिद्ध फल है जो फरवरी मार्च में आसानी से मिल जाता है, गैर -शाकाहारियों के लिए समुद्री भोजन तो आसानी से मिल ही जाता है

यात्रा का सर्वोत्तम समय- जून से सितंबर तक का समय को छोड़कर पूरा साल उपयुक्त रहता है

वायनाड: केरल के कोझीकोड रेलवे स्टेशन से 110 किमी दूर एक पहाड़ी क्षेत्र है, कोझीकोड तक चन्नई, बेंगलुरु और कोच्चि से आसानी से पहुचा जा सकता है, कोझीकोड से बस से वायनाड तक जाया जा सकता है

भाषा- अधिक जनसंख्या वायनाड चेट्टी बोलती है, वैसे कन्नड़ भी बोली जाती है

मुख्य आकर्षण- कोजिकोड अपनी चाय और कॉफी बागान के लिए तो मशहूर है ही, सरप्राइज कर देने वाली सुंदरता, आकर्षक दृश्य, खुशनुमा मौसम और, खूबसूरत झीलें, और शानदार गुफाओं के लिए जाना जाता है यहाँ का मौसम सुहावना दिन में गर्मऔर रात में ठंडा रहता है कलपेट्टा, मीनागाडी, पोझुथाना, मेपड्डी, पैराडाइज पुकोडे, एड्डाकल, थिरुनेली कैंपिंग और ट्रैकिंग के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं कारापुझा बांध, कार्लाड झील, चेंगारी रॉक एडवेंचर सेंटर आकर्षण का अन्य बिंदु हैं

भोजन-ज्यादातर खाना नॉन वेज है लेकिन फिश मोइली वायनाड की रेसिपी में टॉप पर है

यात्रा का सर्वोत्तम समय नवंबर से फरवरी तक का समय काफी आकर्षक होता है ।

तवांग: छठे दलाई लामा के जन्मस्थान से जुड़ा है, विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध मठ भी कहा जाता है अरुणाचल प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था है, असम के तेजपुर से 317 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, तेजपुर के सलोनीबारी हवाई अड्डे तक कोलकाता और सिलचर से पहुचा जा सकता है।

भाषा-  पूर्वी बोधिश भाषा बोली जाती है ।

परिवहन के लिए असम के तेजपुर का रंगपारा निकटतम स्टेशन है, हवाई यात्रा के अलावा यहां कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई आदि स्थानों से सीधी कनेक्टिविटी है रंगपारा से तवांग टैक्सी से आसानी से पहुचा जा सकता है।

तवांग

भोजन- भोजन mixed होता है, जैन जिसे मांस या रोटी के साथ परोसा जाता है, ग्यापा कगाजी मोमो, थुकपा , पिका पिला प्रसिद्ध व्यंजन है ।

मुख्य आकर्षण तवांग का मोनपा मठ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक है, मोनपा मठ एशिया का सबसे पुराना मठ माना जाता है इसके अलावा तवांग युद्ध स्मारक, नूरानांग फॉल्स यहाँआने वाले पर्यटकों के लिए कभी ना भूलने वाली मिसाल पेश करते हैं तवांग का इतिहास काफी पुराना है यहां के लोग धार्मिक और सादा जीवन पसंद करते हैं तवांग में देखने के लिए कुछ लोकप्रिय स्थान हैं: तवांग मठ, गोरीचेन पीक,नागुला पीक आदि। संस्कृति, प्रकृति और आकर्षक स्थानों का एक आदर्श मिश्रण पेश करते हुए, तवांग छुट्टियों का आनंद लेने के लिए एक अद्भुत पर्यटन स्थल है।

यात्रा करने का सबसे अच्छा समय- सितंबर-अक्टूबर और मार्च से मई तक छुट्टियों के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है, मौसम ठंडा रहता है

शिलांग मेघालय राज्य की राजधानी है, प्राकृतिक रूप से बस हुआ अपनी हरियाली, सुगंधित फूल और आकर्षक प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है

भाषा- अधिकतर लॉग स्थानीय भाषा का प्रयोग करते हैं इसके अलावा पंजाबी, असमी, गारो, नेपाली, और अरबी भी बोली जाती है, मुख्य धर्म ईसाई धर्म है

शिलांग

परिवहन के लिए– गौहाटी निकटतम हवाई अड्डा हैऔर रेल सेवा के माध्यम् से शिलांग को देश के अन्य भागों से जोडताहै जोकी शिलांग से 100 किमी दूर है , गौहाटी से बस सेवा भी उपलब्ध है

शिलॉन्ग को भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है यहां मुख्य रूप से झीलें और खुबसूरत झरने हैं जिनमें शिलॉन्ग पीक, एलीफेंट फॉल्स, वर्ड्स लेक, लेडी हैदरी पार्क, और पुलिस बाजार सबसे आकर्षक जगहें हैं

भोजन – सफ़ेद चावल, जादोह, और मांस पसंद किया जाता है

शिलांग यात्रा करने के लिए आवश्यकता के अनुसार औसत दर वाले होटल मिल जाते हैं

IE100 List में भारत के 10 शक्तिशाली लोगों में मोदी TOP पर!

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IE(इंडियन एक्सप्रेस) ने 2022 100 के सबसे शक्तिशाली लोगो की सूची जारी की है जिसमें पीएम मोदी को पहली बार पता है आईए सूची में किसको कौन सा स्थान दिया गया है जानते हैं

प्रथम स्थान पर

नरेंद्र दामोदरदास मोदी 26 मई 2014 से अब तक लगातार दूसरी बार नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने हैं इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट सबसे में शक्तिशाली 10 लोगों की सुचि में नरेंद्र मोदी सबसे ऊपर रखा गया है स्वतंत्र भारत में जन्में प्रथम व्यक्ति हैं इसके पहले वे 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य भी हैं भारतीय राजनेताओं में सर्वधिक सफल मुख्यमंत्री और उसके बुरे प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी को जाना जाता है 1975 में देश में आपात्कालीन स्थिति के समय उन्हें कुछ समय के लिए अज्ञातवास करना पड़ा 1995 में वह बीजेपी से जुड़े और 1901 तक पार्टी के अलग-अलग पदो पर कार्य किया जहां से वह धीरे-धीरे भाजपा में सचिव के पद पर पहुंच गए 2001 में गुजरात के 14वें मुख्यमंत्री के पद पर उन्हें नियुक्‍त किया गया ,अच्छे कामों के कारण गुजरात की जनता ने लगातार चार बार 2001 से 2014 तक मुख्यमंत्री चुना

गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक डिग्री प्राप्त श्री नरेंद्र मोदी आज जनता में विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक है टाइम मैगज़ीन ने मोदी को पर्सन ऑफ दा ईयर 2013 के 42 उम्मीदवारोंकी सूची में शामिल किया था ,2014 में बीजेपी की तरफ से उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया और भारी बहुमत से बीजेपी की सरकार बनी जिसमें नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया गया

2019 में भारतीय जनता पार्टी ने उनके नेतृत्व में दोबारा चुनाव लड़ा और पहले से भी ज्यादा बड़ी जीत हासिल की उनके स्मरणीय कार्यों की एक लंबी सूची है 2019 में उन्हें जम्मू और कश्मीर की विशेष राज्य के दर्जे को रद्द किया गया नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 उसी वर्ष में पेश किया गया मोदी ने अपने हिंदू राष्ट्रवादी और 2002 के गुजरात दंगों के दौरन उनकी भूमिका घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्टार पर विवाद का विषय बना मोदी आज विश्व में सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली नेताओं में गिने जाते हैं उनकी लोकप्रियता का अनुमान, उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके फॉलोअर्स की संख्या को देखकर लगाया जा सकता है जो 95.6 मिलियन है नरेंद्र मोदी की राम जन्मभूमि अयोध्या मंदिर के 22 जनवरी के मंदिर उद्घाटन के बाद हिंदू समाज में एक बहुत ही सम्माननीय छवि बनी है

दूसरे स्थान पर अमित शाह 

 अमित शाह को मोदी सरकार के द्वितीय कार्यक्रम में भारत के गृह मंत्री बनाया गया उसके लिए जम्मू कश्मीर धारा 370 को हटाने का फैसला लिया जो कांग्रेस के सत्ता में रहते असम्भव माना जाता था महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यवसाई परिवार में उनका जन्म हुआ वह बहुत कम आयु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए ,गुजराती हिंदू वैष्णव बनिया परिवार में उनका जन्म हुआ बायोकैमिस्ट्री की पढ़ाई उन्होने अहमदाबाद से की, इसके बाद उन्हें राजनीति में आने से पहले अपने पिता का व्यवसाय संभालना राजनीति में आने से पहले वे अपना पारिवारिक व्यवसाय संभालते थे, 1987 में उन्होने बीजेपी ज्वाइन किया 1991 में आडवाणी जी के गांधीनगर से चुनाव लड़ने पर उन्हें राजनीति में मौका मिला और 1996 में जब अटल बिहारी वाजपेई ने गुजरात से चुनाव लड़ा तब उन्हें राजनीति का दूसरा मौका मिला पेशे से स्टॉक ब्रोकर अमित शाह ने 1997 में गुजरात से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की राजनीति जीवन में अमित शाह पर अनेक आरोप भी लगे उनकी संगठन आत्मकौशल और नेतृत्व क्षमता का अंदाज़ तब लगा जब 16 मई 2014 को 16 वीं लोकसभा के चुनाव का परिणाम आया, उनकी राजनीतिक कुशलता को देखते हुए उनका पार्टी में कद बढ़ा और उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर आसीन कर दिया गया उनके द्वारा लिए गए यादगार फ़ैसलों में जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 और नागरिक संशोधन अधिनियम 2019 को प्रमुखता से देखा जाता है।

तीसरे स्थान पर मोहन मधुकर भागवत

मोहन मधुकर भागवत एक पशु चिकित्सक और 2009 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ संचालक हैं मोहन भागवत को एक व्यवहारिक नेता के रूप में देखा जाता है महाराष्ट्र में जन्मे मोहन भागवत 1975 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संघ में 1977 से 2009 तक उन्होने प्रमुख अन्य पदो पर कार्य किया 2009 में मोहन भागवत को सत्संग चालक मनोनीत किया गया उनकी छवि एक स्पष्टवादी व्यवहारिक और राजनीति से संघ को दूर रखने वाले एक व्यक्ति के रूप में है राम जन्म भूमि मंदिर शिलान्यास के समय उनकी भाजपा से निकत्ता कब सामने आई जब मंदिर शिलान्यास के सभी कार्यों का  मोहन भागवत ने संभाला मोहन भागवत ने हिंदुत्व को आधुनिकता के साथ जोड़ा है इसके साथ ही उन्हें संगठन का आधार समृद्ध किया है और भारतीय प्राचीन मूल्यों से भी जोड़ा है।

चौथे स्थान पर डीवाई चंद्रचूड़

डीवाई चंद्रचूड़1998 में को मात्र 38 वर्ष की आयु में एक वरिष्ठ वकील के रूप में मनोनीत किया गया, जो 40 वर्ष के, आयु से पहलेनहीं दिया जाता है सीजी चंद्रचूड़ ने मुंबई हाई कोर्ट में जज के रूप में और उसके बुरे 2016 में सुप्रीम कोर्ट में जज के रूप में कार्य किया इसके बुरे 2022 में उन्हें भारत का 50वां मुख्य न्यायाधीश चुना गया सबसे चर्चित फैसले में 2019 में अयोध्या स्वामित्व विवाद में वह पंच न्यायधीशों की संविधान पीठ के भी सदस्य थे, सर्वसम्मति से जहां कभी विवाद बाबरी मस्जिद थी का मालिकाना हक राम लला विराजमान को देने का फैसला किया गया।

5 वें स्थान पर एस जयशंकर

एस जयशंकर वर्तमान में भारत के विदेश मंत्री हैं 1915 से 1918 तक भारत सरकार के विदेश सचिव रह चुके हैं किसी विदेश सचिव के रूप में एशिया के बेहद महतवपूर्ण असाइनमेंट पर भी काम किया है सोवियत संघ के मास्को में और श्रीलंका में भारतीय सेनाओ के शांति मिशन के दौरन जयशंकर तैनत रहे भारत अमेरिका के बीच इंडो न्यूक्लियर डील में भी जयशंकर की अहम भूमिका थी जयशंकर को 2015 में भारत के विदेश सचिव के रूप में नियुक्‍त किया गया।

6.वें स्थान पर योगी आदित्‍यनाथ

योगी आदित्‍यनाथ एक भारतीय हिंदू साधु हैं वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने वाले पहले व्यक्ति हैं आदित्यनाथ गोरखपुर के गोरखनाथ मठ के महंत भी हैं इनकी पहचान एक हिंदू राष्ट्रवादी नेता के रूप में है हिंदू युवा वाहिनी संगठन के संस्थापक भी हैं आदित्यनाथ ने 26 साल की उम्र में 1998 में गोरखपुर से भाजपा प्रत्यशी के रूप में चुनाव लड़ा जिसे वे जीत गए और 12वीं लोकसभा में सबसे युवा सांसदके रूप में नामित हुए 200 2002 में इनहोन हिंदू युवा वाहिनी बनी वर्तमान में 19 मार्च 2017 से वाह दूसरी बार लगता है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं उनको अपने काई अच्छे कार्यों के करण प्रदेश में काई जनकल्याण योजना को चलाने वाली लोकप्रियता हासिल की है उनका वर्तमान में राम जन्म भूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण के कारण काफी प्रसिद्धि मिली है मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री चुने जाने के समय जो मुसलमानों में भय था क्योंकि योगी की छवि एक हिंदूवादी नेता की है उन्हें सामंत के आधार पर कार्य करते हुए मुसलमानों के हृदय से डर की भावना को समग्र कर दिया आज मुस्लिम भी योगी आदित्यनाथ का एक मुख्यमंत्री के रूप में सम्मान करते हैं।

7वें स्थान पर राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह भारत के प्रमुख राजनीति और वर्तमान में भारत के रक्षा मंत्री हैं भारत के गृह मंत्री के रूप में भी राजनाथ सिंह ने कार्य किया है वर्तमान सत्ता दल भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के एक छोटे से गाँव में इनका जन्म हुआ गोरखपुर विश्वविद्यालय से भौतिक शास्त्र में डिग्री लेने के बाद मिर्ज़ापुर में उन्हें सम्मानित किया जाएगा, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार में शिक्षा मंत्री, केंद्रीय भूतलपरिवहन मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया जाएगा, राजनाथ सिंह दो बार पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं 2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद राजनाथ सिंह को केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई 2017 में उन्होने बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार के साथ  भारत के वीर योजना को लॉन्च किया, भारत के वीर एक वेबसाइट और मोबाइल ऐप है जो जनता को भारतीय अर्द्ध सैनिक बल और सीएपीएफ के परिवार के लिए योगदान करने की ऑनलाइन सुविधा प्रदान करती है।

8वें स्थान पर निर्मला सीतारमन

निर्मला सीतारमन वर्तमान में भारत की वित्त मंत्री हैं सितंबर 2017 से 2029 तक निर्मला रक्षा मंत्री रही हमसे पहले वह भारत की वाणिज्य और उद्योग तथा वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की राज्य मंत्री रह चुकी है इन्होनें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में भी कार्य किया है वर्तमान में निर्मला सीतारमन भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं निर्मला सीतारमन 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रह चुकी हैं 2017 में नरेंद्र मोदी की सरकार में उन्हें रक्षा मंत्री बनाया गया , सीतारमन ने तमिलनाडु से अर्थशास्त्र में स्नातक की शिक्षा ली जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में एम फिल की डिग्री ली, निर्मला ने प्राइस वॉटर हाउस कूपर्स के साथ वरिष्ठ प्रबंधक के तौर पर भी कार्य किया है कुछ समय के लिए बीबीसी विश्व सेवा के लिए भी कार्य किया हैदराबाद में स्थित प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से सितारामन एक हैं, वर्तमान में कई अन्तरिमऔर पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं जिन्हें काफी पसंद किया गया है।

9वें स्थान पर जेपी नड्डा

जेपी नड्डा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ राजनितिक हैं ये राज्यसभा के सांसद भी हैं पटना में जन्मे जय प्रकाश नड्डा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़ रहे अपने राजनीति कैरियर में उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में राज्य के प्रभारी और चुनाव प्रभारी के रूप में कार्य किया 2014 के लोकसभा चुनाव के समय नड्डा ने बीजेपी हेड क्वार्टर  से पूरे देश में पार्टी का चुनाव कैम्पैग निंग का काम किया जेपी नड्डा की रण नीति के करण ये पार्टी का वोट शेयर बढ़ाने में सफल रहे 2020 में भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया 2023 में बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने जब भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग की और इसके समर्थन में देश में व्यापक स्तरपर मांग उठने लगी तो जेपी नड्डा ने इसका विरोध किया वर्तमान में केन्द्रीय सरकार के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पार्टी को मजबूती और स्थिरता प्रदान करने के लिए जाना जाता है।

10 वें स्थान पर गौतम अडानी

गौतम अडानी गुजरात के जैन परिवार में जन्मे भारतीय उद्यमी और अरबपति हैं जो कि अडानी समुह के अध्यक्ष हैं अडानी समुह कोयला तेल गैस बन्दरगाह लॉजिस्टिक बिजली उत्पादन के करोबार को संभालने वाला विश्व स्तर का एक इंफ्रास्ट्रक्चर है 2000 अरब डॉलर का करोबारी साम्राज्य संभालने वाले अडानी एक औसत पृष्ठभूमि के व्यक्ति हैं उन्हें व्यापार परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए विश्व भर के सबसे प्रभावशाली बिजनेसमैन में गिना जाता है 2022 में गौतम अडानी दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए अडानी ग्रुप के शेयर्स में जबरदस्त तेजी की वजह से उनकी संपत्ति में ये उछाल देखा गया।

FAQ:

Q: RSS इतना शक्तिशाली क्यों है?

A:आरएसएस इस मायने में बड़ा है कि इसकी उपस्थिति पूरे भारत में है – लगभग सभी शहरों में और यदि सभी नहीं तो बहुत सारे गांवों में, कितना शक्तिशाली है यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी शक्ति की परिभाषा क्या है, सभी सदस्य (जिन्हें स्वयं सेवक कहा जाता है) परिवार के एक हिस्से की तरह एकजुट हैं।

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1.नरेंद्र मोदी 

2.अमित शाह   

3. योगी आदित्य नाथ

भारत में CAA का राजनीति, समाज देश पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

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भारत सरकार सीए यानी नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू करने की तैयारी कर रही है आने वाले हफ्ते में यह घोषना हो सकती है पहले जानते हैं क्या है सीएए कानून जिसके विषय में देश में एक डर का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है अगर ये कानून लागू हो जाता है तो किसी विशेष समुदाय को ये प्रभावित करेगा, भारत की आम जनता पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसके राजनीतिक, सामाजिक और सामाजिक क्या दूर गामी प्रभाव होंगे

नागरिकता संशोधन अधिनियम का परिचय इस बिल के अनुरूप बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान मुस्लिम देशो में रहने वाले अल्पसंख्याक यानी गैर मुस्लिमों पर अगर वहां कोई अत्याचार होता है और वहां से परेशान होकर वैध कागजात के साथ 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं या अगर उन्हें भारत में रहना है रहकर कोई देश विरोधी कार्य नहीं कर सकता तो उन्हें भारत का नागरिक मानकर नागरिकता दे दी जाएगी जिन धर्मो के लोगों को नागरिक प्रदान की जाएगी उनमें ईसाई, सिख, हिंदू, जैन बौद्ध, फ़ारसी शामिल होंगे

नागरिकता संशोधन अधिनियम का इतिहास 11 दिसंबर को ये बिल पार्लियामेंट के दोनों सदनों में पास कराके कानून में परिवर्तन कर दिया गया ये बिल 1955 में पहली बार लागू किया गया, 1955 से 6 बार इसमे संशोथन किया गया, 11 दिसंबर को ये बिल पार्लियामेंट के दोनों सदनों में पास होकर कानून में बदल गया

ये बिल 17वीं लोकसभा के सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने 9 दिसंबर को सदन के पटल पर रखा और विपक्ष के विरोध के बाद भी 311 के पक्ष में और 80 विपरीत वोटों के साथ इस विधायक को पास कर दिया गया

नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA क्यों लागू किया जा रहा है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वाली सरकार द्वारा पेश किए गए इस बिल का उद्देश्य बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसा मुस्लिम देश है, जहां गैर मुस्लिमों को भारत की नागरिकता देना है, जो उन देशों में किसी प्रकार का अत्याचार सह रहे हैं और 31 दिसंबर को 2014 से पहले भारत में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं ये लोग या तो बिना यात्रा वीजा के भारत में घुसे हैं या यात्रा वीजा समाप्त होने के बाद भी वापस नहीं गए हैं

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) भारत के संदर्भ मे

भारत सरकार सीएए को आम लोकसभा चुनाव से पहले लागू करने के लिए मन बना चुकी है दिल्ली में ईटी नव ग्लोबल बिजनेस समिट जीबीएस में बोलते हुए अमित शाह ने कहा था इसे चुनाव से पहले अगामी लोकसभा चुनाव से पहले अधिसूचित किया जाएगा इसे लेकर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए इस से पहले 27 दिसंबर को को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सीएए कानून के क्रियान्वयन को रोका नहीं जा सकता क्योंकि यह देश का कानून है अमित शाह ने कहा कि बीजेपी सीएए को लागू करने के लिए प्रतिबध्द है CAA एक महत्वपूर्ण और विवादित कानून है इसका समाज, देश और राजनीति पर भी प्रभाव पड़ेगा इस पर विशेषज्ञोंकी अलग अलग राय है

CAA के लागू होने के क्या परिणाम होंगे

भारतीय नागरिकता संशोधन कानून या CAA के लागू होने से विभिन्न परिणाम हो सकते हैं विशेषज्ञों की राय के अनुसार, CAA के लागू होने से नागरिकता के अधिकारों में परिवर्तन आ सकता है, विशेष रूप से धार्मिक मामलों के संबंध में। इसके अलावा, यह कानून समाज में अस्थिरता और विभाजन का कारण भी बन सकता है। कुछ विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक कदम मानते हैं, जबकि दूसरे इसे विवादास्पद मानते हैं। CAA के लागू होने से नागरिकता और नागरिक अधिकारों को लेकर संदेह और असमंजस का संदेश समाज में फैल सकता है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम का भारतीय समाज पर प्रभाव

CAA के लागू होने से सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मामलों में कई परिणाम संभव हैं। सामाजिक रूप से, यह कानून समाज में अस्थिरता और असमंजस की भावना बढ़ा सकता है, क्योंकि इसे कई लोगों के लिए धार्मिक और नागरिकता के मुद्दे पर एक बड़ा सवाल माना जा रहा है। धार्मिक दृष्टि से, यह कानून धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को समर्थन प्रदान कर सकता है, जिससे उन्हें नागरिकता प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है राजनीतिक दृष्टि से, CAA ने राजनीतिक विभाजन को भी बढ़ावा दिया है। इसके समर्थक और विरोधी दोनों दल इसे अपने राजनीतिक अभियान का मुद्दा बना सकते हैं।

सीएए लागू होने के बाद सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता होगी

1.सीएए, यानी भारतीय नागरिकता संशोधन कानून, के आने से भारत की सुरक्षा पर कुछ प्रभाव पड़ सकते हैं। कुछ लोगो का विचार हैकि सीएए के माध्यम से देश में आने वाले शरणार्थियों को आसानी से नागरिकता प्रदान की जाएगी , जो कि भारत की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। कुछ विचारक इस बात का डर व्यक्त करते हैं कि किसी भी देश के लिए अनिश्चित संख्या में लोगों के अचानक आने से देश की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस प्रकार के कानून से अनिश्चितता पैदा हो सकती है और देश में भयानक गतिविधियों की संभावना भी बढ़ सकती है। इस विचार से, सीएए के आने से समुदायों के बीच भाईचारे और एकता में कमी आने का भी खतरा है, जो सुरक्षा के लिए आवश्यक है। समाज में इस विषय पर विचार करते हुए, सुरक्षा और एकता दोनों को ध्यान में रखकर, सरकार को इस कानून को लागू करने में सावधान होना चाहिए।

2. यह कानून अधिक शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा की चुनौती पैदा कर सकता है। इससे उन व्यक्तियों का आगमन हो सकता है जो विदेश में आतंकवादी संगठनों से जुड़े होते हैं और वे भारत में आकर अपनी गतिविधियों को फिर से शुरू करने का प्रयास कर सकते हैं। दूसरे, सीएए के लागू होने से अनियमित रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्तियों का संख्यात्मक बढ़ावा हो सकता है, जो नेतृत्व, अनुभव, या शिक्षा के अभाव में सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। इस संदर्भ में, सरकार को ध्यान देने और इसे ठीक ढंग से प्रबंधित करने की आवश्यकता होगी ताकि यह नागरिकता देने की प्रक्रिया विश्वसनीय और सुरक्षित रहे।

सीएए का राजनीति पर प्रभाव

सीएए का लाभ बीजेपी के लिए अच्छा साबित हो सकता है, क्योंकि यह कानून उनके धार्मिक और सांस्कृतिक आधार को समर्थन प्रदान कर सकता है और उसके चुनावी आधार को मजबूत कर सकता है। बीजेपी इसे एक धार्मिक समस्या के समाधान के रूप में देख रही है, जिससे वे अपनी प्रतिस्पर्धी दलों के समक्ष भगवान के नाम पर एक गौरवपूर्ण स्थिति में उभर सकते हैं। इसके अलावा, यह लोगो को विश्वास दिलाने में मदद कर सकता है कि बीजेपी उनके नागरिकता के अधिकारों के प्रति सच्ची और निष्ठावान है। इस प्रकार, सीएए उन्हें उनके नागरिक आधार के समर्थकों के रूप में अच्छी स्थिति प्रदान कर सकता है, जो बीजेपी के राजनीतिक आधार को बढ़ावा दे सकता है।

कांग्रेस के लिए, सीएए का आना राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस इसे भेदभाव, समाजिक विभाजन का प्रतीक मानती है। उनका मानना ​​है कि यह कानून देश में विवाद और असंतोष का कारण बनेगा, जिससे उन्हें विपक्षी दलों के साथ समर्थन मिलेगा। वे इसे एक चुनावी मुद्दा भी बना सकते हैं, जो उन्हें अपनी पार्टी के पक्ष में जनसमर्थन प्राप्त करने में मदद कर सकता है। कांग्रेस के लिए, सीएए एक अवसर हो सकता है जिससे वे अपने पक्ष को संगठित करके और अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा को बढ़ाकर आगे बढ़ सकते हैं।

विपक्षी दलों में, कांग्रेस और अन्य दल इसे विवादास्पद मानते हैं, और कहते हैं कि यह धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देगा। उनका मानना है कि इससे सामाजिक और राजनीतिक असमानता बढ़ सकती है।दूसरी ओर, कुछ राजनीतिक दल जैसे राष्ट्रीय समाजवादी पार्टी (एनएसपी) और शिवसेना इसे विवादास्पद कहकर, सरकार के खिलाफ उठ खड़े हो सकते हैं।

FAQs:

Q: भारतीय नागरिकता कौन ले सकता है ?

A:31 दिसंबर 2014 से पहले से भारत पहुंचे बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आये हिंदू ,सिख, जैन ,बौद्ध ,पारसी और इसाईयों सहित सताये गए गैर मुस्लिम इसके लिए आवेदन कर सकते हैं

Q: भारतीय नागरिकता लेने के लिए क्या किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता       होगी?

A: आवेदक को बिना किसी यात्रा दस्तावेज़ के भारत में अपने प्रवेश के वर्ष को सत्यापितकरना होगा किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ की नहीं होगी।

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Oneplus 2 स्मार्टवॉच मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेट ,डुअल ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ लॉन्च हुई जानिये Price ,Discount और ऑफर!

Oneplus watch 2 अपनी पहले 2021 में लॉन्च हुई वनप्लस वॉच के समान ही बैटरी लाइफ, बेहतर फीचर्स, बेहतर डिजाइन और गूगल के लेटेस्ट वेयर ओएस 4 के साथ लॉन्च हुई है और इसका वजन स्ट्रैप के बिना लगभग 49 ग्राम और स्ट्रैप के साथ लगभग 80 ग्राम है। वनप्लस वॉच वॉच 2 को 2 जीबी रैम और 32 जीबी स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है।वनप्लस वॉच 2 को 7.5 W के VOOC फास्ट चार्जर से 60 मिनट में फुल चार्ज किया जा सकता है

वनप्लस ने अपनी one plus watch 2 एमडब्ल्यूसी (mobile world congress)2024 में लॉन्च की इसके फीचर्स में 1.43 इंच का AMOLED सर्कुलर डिस्प्ले क्वालकॉम स्नैपड्रैगन w5 Soc प्लस चिपसेट स्लीप ट्रैकिंग विश्लेषण ,एक 500 mAh की बैटरी के साथ उपलब्ध है जो 100 घंटे का बैकअप देगी इसका दाम 24999/- रखा गया है जो ब्लैक स्टील और रेडियंट स्टील में उपलब्ध है अपने लेटेस्ट वनप्लस वॉच 2 वॉच  को on going टेक्नोलॉजी इवेंट में एमडब्ल्यूसी 2024 बार्सिलोना में लॉन्च किया है

स्मार्टवॉच में 2 ऑपरेटिंग सिस्टम है, जो कि डुअल चिप आर्किटेक्चर के साथ आता है, स्पोर्ट्स वियर देखेंगे, जिसमें एमोल्ड डिस्प्ले available है और यह ब्लूटूथ ईयरबड्स के साथ अनुकूल है। जो यूजर्स को चलते हुए भी म्यूजिक कंट्रोल करने की सुविधा प्रदान करता है ,Chassis US मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेट रेटिंग के साथ आता है जो धूल और पानी में भी इसकी सुरक्षा करता है

वनप्लस वॉच 1.43 इंच AMOLED सर्कुलर डिस्प्ले के साथ available है जिसमें 466*466 पिक्सल रेजोल्यूशन लगा है ,600 nits की पीक ब्राइटनेस है और स्क्रीन स्क्रैच रेसिस्टेंट कोटिंग से प्रोटेक्टेड है जो कि 2.5 डी फायर ग्लास का protection टॉप पर available है स्नैप ड्रैगन डब्ल्यू 5 प्लस है और यह एंड्रॉइड 8.0 है

यह स्वचालित वर्कआउट डिटेक्शन के साथ उपलब्ध है स्मार्ट वॉच sleep ट्रैकिंग विश्लेषण जिसमें यह गहरी नींद ,हल्की नींद आदि का विश्लेषण कर सकती है है सेंसर, रक्त ऑक्सीजन सेंसर एमबी और लाइट सेंसर और बैरोमीटर सेंसर के साथ उपलब्ध है

वॉच में 32 जीबी का इंटरनल स्टोरेज, एक अलग ही खासियत प्रदान करता है जो म्यूजिक प्लेबैक के साथ availableहै, इसमें माइक्रोफोन और स्पीकर भी लगा है यह डिवाइस ब्लूटूथ कॉलिंग को सपोर्ट करता है वनप्लस वॉच 2 स्मार्टवॉच 500 एमएच बैटरी बैकअप के साथ available है जो कि 100 घंटेका बैटरी बैकअप एक सिंगल चार्ज में उपलब्ध कराती है

वनप्लस वॉच 2 की कुछ खास बातें

  1. वनप्लस वॉच 2 का प्रीमियम डिजाइन 

Useful Buttons:घड़ी के किनारे पर दो बटन दिए गए हैं एक टॉप बटन है जो home key की तरह काम करता है और एक separate बटन है जो कि मुख्य रूप से वर्कआउट शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है दोनों बटन घड़ी को काफी विशेषता प्रदान करते हैं घड़ी को नेविगेशन में काफी मदद करते हैं

2.इसकी बैटरी जो लंबे समय तक चलती है

वनप्लस वॉच की खासियत इसकी लंबी बैटरी लाइफ है वनप्लस का कहना है कि स्मार्ट mode में ये 100 घंटे तक चल सकती है, अगर ज्यादा उपयोग  किया जाएगा तो ये 48 घंटे तक चल सकती है और पावर सेवा mode में ये 12 घंटे तक चल सकती है

3.वनप्लस वॉच 2 कि तीसरी सबसे बड़ी विशेषता

इसकी बड़ी स्क्रीन और इसका आकर्षण डिजाइन

डिपेंड करता है आप डिवाइस को कैसे इस्तेमाल करते हैं,इसके आधार पर बैटरी की जो लाइफ है, वह वेरी कर सकती है कुछ सुविधाएं जैसी हमेशा चालू रहने वाला डिस्प्ले और जीपीएस ट्रैकिंग बैटरी को बहुत तेजी से खत्म कर देते हैं इसकी बैटरी बहुत तेजी से चार्ज होती है केवल 20 मिनट में 29% से 85% तक चार्ज हो जाती है

वनप्लस एक अन्य विशिष्टता स्लीप और ट्रैकिंग  एक्टिविटी सुविधा है नींद और स्वास्थ्य ट्रैकिंग को measure कर सकती है जब स्वास्थ्य की बात आती है तो वनप्लस में यह सुविधा कुछ विशिष्ट है नींद में श्वसन संबंधी गड़बड़ी को माप सकती है इसमें रक्त ऑक्सीजन को measure करने के लिए सेंसर लगे हैं location ट्रैकिंग के लिए dual फ्रीक्वेंसी जीपीएस लगा है जिसके कारण वनप्लस एक विशिष्ट सुविधा प्रदान करती है

वनप्लस वॉच 2 का स्मूथ इंटरफेस और परफॉर्मेंस

वनप्लस वॉच 2 का डुअल प्रोसेसर सेटअप काफी तेज और स्मूथ परफॉर्मेंस देता है ऐप लॉन्च करने से लेकर स्वाइप करने और नोटिफिकेशन के माध्यम से स्क्रॉल करने तक सब कुछ काफी लाइट औरfast है क्योंकि वनप्लस वॉच 2 गूगल के wear OS4 सॉफ्टवेयर पर चलता है इसलिए गूगल वॉलेट, गूगल मैप्स, यूट्यूब म्यूजिक और गूगल असिस्टेंट जैसे एप्स डिफॉल्ट रूप से वॉच पर अपलोड है इसकी गूगल प्ले स्टोर पर भी एक्सिस है जिसका अर्थ है कि आप थर्ड पार्टी ऐप्स को आसानी से चुन सकते हैं

 वनप्लस वॉच 2 Overall

वनप्लस 2 वॉच में बहुत कुछ है अगर आप लंबी बैटरी लाइफ, जीवंत स्क्रीन और आसान शॉर्टकट बटन चाहते हैं तो यह एक काफी अच्छा विकल्प हो सकता है इसके साथ अगर आप बड़ी स्क्रीन, और ढेर सारे वर्कआउट के alternate चाहते हैं तो वनप्लस वॉच 2 काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है

वन प्लस watch 2 की कमियाँ

  1.  वन प्लस वॉच 2 केवल एक बड़े साइज़ में उपलब्ध है
  2. 2.केवल 2 साल का कंपनी से सॉफ्टवेयर अपडेट मिलेगा
  3. 3.हृदय गति सटीकता की पुष्टि नहीं है

कैसे Purchase करे

  • इसको 2000 के instant बैंक डिस्काउंट के साथ प्राप्त किया जा सकता है यह वॉच ब्लैक स्टील और रेडियंट स्टील कलर ऑप्शन के साथ खरीदारी की जा सकती है स्मार्ट वॉच  ऑनलाइन आईसीआईसीआई बैंक वन कार्ड के द्वारा payment करके प्राप्त कर सकते हैं
  • Customer वनप्लस स्मार्टवॉच को नो कॉस्ट ईएमआई के साथ अग्रणी बैंक से 4 मार्च से 10 तक 12 महीने के लिए और 11 मार्च से 31 मार्च तक 6 महीने के लिए प्रति सप्ताह नो कॉस्ट ईएमआई कर सकते हैं
  • प्रमुख ग्राहकों के लिए अतिरिक्त 1000 रुपये की छूट दी जाएगी
    यदि वे अपना डिवाइस रेड केबल क्लब में 26 फरवरी से 31 मार्च तक लिंक करते हैं
  • Customers वनप्लस स्मार्टवॉच 2 को वनप्लस.इन या वनप्लस स्टोर ऐप से खरीद सकते हैं

तमिल फिल्म निर्माता ने फिल्म प्रोड्यूसिंग की बजाय ड्रग रैकेट चलाना बेहतर समझा तीन साल में 2000 करोड़ का ड्रग न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को सप्लाई किया !

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(NCB) ने दिल्ली से केमिकल मैथ की तस्करी करने वाले एक ड्रग रैकेट के तीन सदस्यों को गिरफ़्तार किया है जिसका ग्रुप मास्टरमाइंड एक तमिल फिल्म निर्मिता है जिसने 2000 करोड़ की इस ड्रग रैकेट की कहानी लिखी है इस निर्माता ने एक आकर्षक और सफल फिल्म बनाने से ड्रग तस्करी रैकेट का मास्टरमाइंड बनने को ज्यादा महत्व दिया।

क्या होते हैं प्रीकर्सर

हेरोइन, कोकीन जैसी अवैध मेडिसिन के प्रोडक्शन के लिए केमिकल्स की आवश्यकता होती है इन्ही कैमिकल्स को प्रीकर्सर कहा जाता है pseudoephedrin भी एक प्रीकर्सर है।

गिरोह के सदस्यो ने पिछले 3 साल लगभग 2000 करोड़ रुपये से अधिक कमाए, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारियों ने बताया की न्यूजीलैंड की सीमा शुल्क अधिकारी और ऑस्ट्रेलिया की पुलिस से सूचना मिली थी कि Methamphetamine बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रमुख रसायन Pseudoephedrin की बड़ी मात्रा सूखे नारियल पाउडर या मल्टीग्रेन अनाज में छिपाकर भारत से बाहर विदेशो में भेजी जा रही थी।

Methamphetamine जिसको Crystal Meth या Meth के नाम से भी जाना जाता है इसको बनाने के लिए स्यूडोएफ़ेड्रिन प्रीकर्सर का उपयोग होता है जो एक सॉल्वेंट (बेस) का काम करता है ,एक ऐसी दवा है जिसकी दुनिया भर में बहुत भारी मांग है और यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में लगभग1.5 करोड़ प्रति किलो के रेट में बिकती है।

अमेरिकी औषधि प्रवर्तन प्रशासन के एक अपडेट से सूचना मिली  न्यूज़ीलैंड, मलेशिया और ऑस्ट्रेलिया में सप्लाई होने वाली ड्रग सप्लाई दिल्ली से हो रही है इस के बाद दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया 4 महीने की निगरानी और तकनीकी अध्ययन के बाद पता चला की ये सप्लायर दिल्ली आए हुए है और ऑस्ट्रेलिया को एक और खेप भेजने की योजना बना रहे है।

एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि उन्हें पश्चिमी दिल्ली के बसई दारापुर के एक गोदाम की सूचना मिली जहां गिरोह के 3 तस्करों को स्यूडोएफ़ेड्रिन को मल्टीग्रेन खादय मिश्रण में छुपाने की कोशिश में गिरफ़्तार कर लिया गया और 50 किलो ग्राम केमिकल जब्त किया गया।

विदेशी बाजार में करोड़ों में कीमत

एनसीबी के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि तमिलनाडु के रहने वाले लोगों से लगातर पूछताछ से पता लगा कि तस्करों ने पिछले लगभग 3 वर्ष में 45 किलोग्राम ड्रग ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को सप्लाई किया गया था जिसका वजन 3500 किलोग्राम था जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये से अधिक है।

एनसीबी के एक अधिकारी के अनुसार इस स्मगलिंग का मास्टरमाइंड एक तमिल फिल्म निर्माता है जो कि फरार है और हम उसे गिरफ्तार करने के लिए कोशिश कर रहे हैं ताकि स्यूडोएफ़ेड्रिन के सोर्स का पता लगाया जा सके. एनसीबी, ड्रग को प्राप्त करने वाले लोगों को गिरफ्तार करने के लिए न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों के संपर्क में है जिन पर जल्द ही कार्यवाही की जाएगी।

एनसीबी ने शनिवार को बताया कि तीन लोगों की गिरफ़्तारी और 50 किलोग्राम नशीले पदार्थ बनाने वाले रसायन को जप्त करके एक अंतरराष्ट्रीय drug तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है जिसे सूखे नारियल और मिक्स फूड पाउडर में छिपाकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड भेजा जा रहा था द्रव्य निरोधि एजेंसी की टीम और दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा ने लगभग 4 महीने पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अधिकारियों द्वारा दी गई एक सूचना के आधार पर कार्यवाही करते हुए इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया जिसमें pseudoephedrin भारत से अनेकदेशो को भेजा जा रहा था।

था नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक (डीडीजी) ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि हमें ड्रग एंड फोर्सेज एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के एक इंटरनल इनपुट से संकेत मिला कि ये ड्रग्स दिल्ली से सप्लाई हो रहे हैं एनसीबी और विशेष सेल के अधिकारियों ने 15 फरवरी को पश्चिमी दिल्ली के बसई दारापुर इलाके में स्थित एक गोदाम पर छापा मारा जिसमें मल्टीग्रेन खाद मिक्सचर की एक खेप में ये रसायन छुपाकर विदेश भेजने की तैयारी की जा रही थी तमिलनाडु के रहने वाले तीन लोगों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।

एनसीपी के अधिकारियों के अनुसर Pseudoephedrin एक प्रीकर केमिकल है इसका उपयोग मैथमफेटामाइन बनाने के लिए किया जाता है ,गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने एनसीपी को बताया पिछले 3 वर्षों में उन्होंने 45 खेप भेजीं है, जो कि ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया, न्यूज़ीलैंड को भेजी गई है जिसका 3500 किलोग्राम था।

अवैध व्यापार के सख्त नियम

Pseudoephedrin एक अत्याधिक नशे की लत वाली सिंथेटिक दवाई है भले ही इसका कानून लागू है इसे भारत में एक नियंत्रित Drug के रूप में वर्गीकृत किया गया है इसके उत्पादन, regulation, व्यवसाय, निर्यात और उपयोग के लिए काफी सख्त नियम हैं, Pseudoephedrin का अवैध व्यापार करने पर एनडीपीएस अधिनियम के तहत 10 साल तक की कैद की सजा होती है प्रीकर्सर केमिकल्स, दवाओं के निर्माण के लिए उपयोग किए जाते हैं, इनका व्यावसायिक उपयोग भी होता है इनको दवाओं में स्वाद और सुगंध के लिए उपयोग किया जाता है।

यह ऑपरेशन न्यूज़ीलैंड कस्टम अधिकारियों और ऑस्ट्रेलिया पुलिस के इनपुट के बाद चलाया गया, एनडीपीएस(NDPS)एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। तमिल फिल्म निर्माता के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा रहा है।

RIACM की बैठक – इंटरनेशनल वन्यजीव तस्करों पर सीबीआई 5 देशों के साथ मिलकर इंटरपोल के माध्यम से लगाम लगाएगी !

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देश और दुनिया के ऐसे कई जानवर जिनकी खरीद और बिक्री पर प्रतिबन्ध है ऐसे जानवर और पक्षियों की बढ़ती तस्करी को रोकने के लिए दिल्ली में 2 दिन की क्षेत्रीय जांच और विश्लेषणात्मक मामले की बैठक शुक्रवार को शुरू हुई जिसकी मेजवानी सीबीआई और इंटरपोल ने की ,बैठक का उद्देश्य लुप्त होते जा रहे जीवो की अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग और आपूर्ति का पता लगाने समेत उन्हें रोकना शामिल है।

इंटरपोल की पर्यावरण सुरक्षा इकाई के शीर्ष अधिकारी हुएक ली ने शेड्यूल 1 और अन्य दुर्लभ जीव जंतुओ की तस्करी के कौन कौन से रूट हैं इसके विषय में बताया उन्होंने इस बारे में विस्तार से बताया कि इंटरपोल और अन्य कई देशों की तरफ से विदेशी जानवर और पक्षियों की तस्करी करने वालों पर नकेल कसी जा रही है लेकिन काफी ऐसे लोग है जो इनका शिकार कर रहे हैं इनका अनेक प्रकार से दुरुपयोग कर रहे  हैं, इनको रोकना और पकड़ना बेहद ज़रूरी है।

बैठक में चर्चा हुई कि कुछ लोग अपने घरो में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और जीवो को रखना पसंद करते हैं इसलिए अंतरराष्ट्रीय black market में इनकी कीमत बढ़ती जा रही है ,कुछ लोग कई तरह की प्रजातियों के जानवरों को अपने लिए भाग्यशाली मानते हैं, उन्होंने कहा कि दुर्लभ जानवरों की प्रजाति खतरे में पड़ गई है ये लुप्तप्राय श्रेणी में आते जा रहे हैं।

वित्तिय संसाधानों को तोड़ना ज़रूरी है

भारत, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया अपनी खुफिया जानकारी को साझा करेंगे और अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाएंगे। वन्यजीव सरगनाओ के खिलाफ अभियान भारत की खुफिया एजेंसी सीबीआई के साथ मिलकर चलाया जाएगा जिसमें सभी 5 देश अपनी खुफिया जानकारी को साझा करेंगे और वन्यजीव सरगनाओ के वित्तीय संसाधनों को तोड़ेंगे सीबीआई और इंटरपोल ने संयुक्त रूप से 2 दिवसीय मीटिंग की और स्पेशलिस्ट ने विदेशी प्रजातियों की तस्करी में चुने जाने वाले 4 मार्गो को पॉइंटआउट किया।

बैठक में अधिकारियो ने बताया कि वन्यजीव तस्कर अफ्रीका से दक्षिण पूर्वी एशिया और भारत से लेकर चीन तक वन्यजीवो की तस्करी के लिए सबसे ज्यादा हवाई मार्गो का उपयोग करते हैं।

सीबीआई वाइल्ड लाइफ ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा

इस बैठक में निर्णय लिया गया कि इस अभियान में शामिल देश में जो भी बरामदगी होगी उसका विष्लेषण किया जाएगा तथा अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क की पहचान कर, उनके नेटवर्क को नष्ट करके, इंटरपोल की क्षमताओं का सर्वोत्तम उपयोग किया जाएगा जिससे उनके वित्तीय नेटवर्क को समाप्त किया जा सकेगा तथा इन सरगनाओ के खिलाफ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाने के लिए एक सिस्टम स्थापित किया जाएगा इस प्रकार वन्य जीव तस्करी रोकने के लिए संयुक्त बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

वन्यजीव तस्करी को रोकने के लिए RIACM(Regional Investigative and Analytical Case Meeting) भारत समेत 5 देशों ने मिलकर महत्वपूर्ण फैसले लिए, इसमें तस्करी को रोकने के साथ सुरक्षा और उपाय पर चर्चा हुई, वन्यजीव तस्करो का अब बचना मुश्किल है, आपराधिक खुफिया जानकारी share करके, उनके वित्त नेटवर्क को तोड़ने के लिए इंटरपोल चैनलों का उपयोग करके संयुक्त कार्यवाही की भारत सहित बांग्लादेश, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मलेशिया ने योजना बनाई है।

सीबीआई के निदेशक प्रवीण सूद ने आरआईएसीएम का उदघाटन किया और कहा कि विदेशी जंगली प्रजातियों की तस्करी एक गंभीर खतरा है जिसके लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सूचना साझा करने की आवश्यकता है। इसमें कहा गया कि सीबीआई इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है और इंटरपोल चैनलों पर सहयोग के लिए भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ सहयोग करती है।

मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भाग लेने वाले हर देश, दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों सहित समृद्ध जैव विविधता का घर है जिन्हे अंतरराष्ट्रीय अवैध शिकार और तस्कर नेटवर्क द्वारा नष्ट किया जा रहा है।

उदघाटन सत्र में बोलते हुए इंटरपोल की पर्यावरण सुरक्षा इकाई के आपराधिक खुफिया अधिकारी हुक ली ने कहा कि तस्करी के मार्गो और कार्यशैली को समझने की जरुरत है उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक, अवैध कारोबार को चलाने वाली अवैध सप्लाई चेन को नष्ट करने और तोड़ने में सहयोग करेगी और सफल होगी मीटिंग में इंटरनेशनल आपराधिक नेटवर्क और संबन्धित इंटरपोल नोटिस पर अपडेट का आदान प्रदान शामिल होगा एसबीआई ने एक साक्षात्कार में कहा कि बैठक में वन्यजीव अपराधों से निपटने के लिए इंटरपोल चैनलों के उपयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।

2022 में भारत ने 50 बार एक्शन लिया

वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो, राजस्व इंटेलीजेंस ,रेवेन्यू इंटेलीजेंस सहित, सीबीआई ने बताया कि 2022 में सीबीआई ने 50 बार वन्यजीवो को अपने कब्जे में लिया इनमे हुलक गिबोन, विदेशी कछुए, बड़ी छिपकलिया, बिबन, मूर मामेक, बौना नेबला, पिग्मी मार्मोसेट बंदर, डस्की लीफ़ी बंदर और बौल पायथन शामिल है।

विदेशी वन्यजीवो का शिकार

Exotic यानी विदेशी वन्यजीवो की तस्करी बैठक के केंद्र में थी इसमें ऐसे जीव आते हैं जो किसी देश में स्थानीय जंगल में नहीं मिलते उन्हें विदेशो से पकड़ कर लाया जाता है।

तस्करी के कई रास्ते

बैठक में सामने आया कि वायुमार्ग वन्यजीवो की तस्करी के लिए एक प्रमुख माध्यम बन रहा है जीवो को अफ्रीकी देशो से दक्षिण पूर्वी एशियाई देशो में लाया जाता वहां से इन्हे भारत और चीन भेजा जाता है स्पेशलिस्ट ने 3 मुख्य रास्तों को बताया जिनके माध्यम से तस्करी का काम हो रहा है तस्कर दक्षिण पूर्वी एशिया और वहां से बांग्लादेश का रूट अपना रहे है वन्यजीवों को वायु मार्ग द्वार भेजा जा रहा है ,कार्गो को गलत श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है।

मलेशिया और इंडोनेशिया पहुचाए गए वन्यजीवो को म्यामार और थाईलैंड के रास्ते चीन में सड़क मार्ग से तस्करी हो रही है, इनमे सांप, कछुए, इग्वाना शामिल  हैं मलेशिया से ही ये जीव थाईलैंड और फिर वायुमार्ग से भारत भेजे जा रहे हैं।

विदेशी वन्यजीवों को pet ना बनाने की अपील

विदेशी वन्य जीवों को पालतू न बनाने की अपील की, विशेषज्ञ ने सावधान किया कि विदेशी वन्य जीवों को pet न बनाएं इनसे जूनोटिक यानी इंसानों को जानवर से बीमारी का खतरा रहता है विदेशी वन्य जीवों के स्थानीय पर्यावरण में घुस कर अन्य जीवों को नुकसान पहुंचाने का भी खतरा रहता है अनेक देशो में स्थानीय वन्यजीव समाप्त हो चुके हैं।

इस बैठक का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय सीमा और वायुसीमा के माध्यम से तस्करी को रोकना है, बैठक में देश की प्रमुख जाँच एजेंसी के अलावा डब्ल्यूसीसीबी और डीआरआई के अधिकारी भी मौजूद थे।

भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने केबल आधारित भारत के सबसे लंबे पुल ‘सुदर्शन पुल’ को राष्ट्र को समर्पित किया

भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे पुल ‘सुदर्शन पुल’ को राष्ट्र को समर्पित किया इसके साथ ही मोदी ने विश्व प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में पूजा अर्चना की, इस पुल का नाम ‘सिग्नेचर ब्रिज’ रखा गया था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्वारका में 25 फरवरी को ओखा और बेयट के बीच बने (सिग्नेचर ब्रिज) ‘सुदर्शन सेतु’ का उदघाटन किया जो यहां की आम जनता और यहां आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए काफी महत्व पूर्ण रहेगा।

सिग्नेचर ब्रिज का नाम परिवर्तन करके ‘सुदर्शन ब्रिज’ रखा गया है ये सेतु अरब सागर पर बना हुआ है और बेयत द्वारिका द्वीप और मुख्य भूमि ओखा को जोड़ता है देवभूमि के इस विशेष कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और भाजपा गुजरात इकाई प्रमुख सीआर पाटिल मोजूद थे।

सुदर्शन सेतु की संरचना

सुदर्शन सेतु की चौड़ाई 27.20 मीटर है और इसके दोनों तरफ 2.50 मीटर चौड़ा फुटपाथ है देवभूमि द्वारिका के एक अधिकारी के अनुसार ये पुल 2.23 किमी तक फैला हुआ है जिसका एक सेंट्रल डबल स्पैन केबल 900 मीटर की दूरी कवर करता है जबकी 2.45 किमी लंबी road approach है।

सुदर्शन सेतु लगभग 2.32 किमी लंबा केबल आधारित भारत का सबसे लंबा पुल है, सिग्नेचर ब्रिज का डिजाइन काफी आकर्षण है इसके फुटपाथ के दोनों ओर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक और भगवान कृष्ण की मूर्तियों से सजाया गया है, इस पुल की एक और विशिष्टता है इसके फुटपाथ के ऊपरी portion में solar penal लगाये गये है, इनसे 1 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जाएगा।

भारत का सबसे लंबा 2.5 किमी लंबा ये पुल 978 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है, ये तीर्थ द्वारका आने वाले यात्रियों और स्थानीय जनता के लिए काफी महत्वपूर्ण और उपयोगी रहेगा, ये पुल बेयत द्वारका और ओखा को जोड़ता है, बेयत द्वारका, द्वारका शहर से 30 किमी दूर ओखा बंदरगाह के पास एक द्वीप है, यहीं पर भगवान कृष्ण का विश्वप्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर है।

वर्तमान में बेयत द्वारका आने वाले तीर्थयात्री जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता तबतक दिन के समय नाव से ही यात्रा कर पाएंगे पुल उदघाटन के अलावा पीएम मोदी द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन और दिन में एक बड़ी जन सभा को भी संबोधित करेंगे।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार पुल उदघाटन से पहले द्वारका मंदिर के पुजारी धर्म ठाकुर के कहा कि सुदर्शन सेतु केवल एक पुल नहीं है ये एक अहसास है इससे यहां के ग्रामवासियों की सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा पीएम मोदी के एक निर्णय के अनुरूप द्वारिका को भी विकसित भारत में शामिल कर लिया गया है जिसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं।

द्वारिका मंदिर के एक अन्य पुजारी ने कहा कि इस पुल का नाम भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र पर रखा गया है ये सबसे महत्वपूर्ण बात है इसके लिए हम पीएम मोदी को धन्यवाद देते हैं इसे हर कोई याद रखेगा हमारी ख़ुशी को शब्दों में व्यक्त करना बहुत मुश्किल है सभी पुजारियों की तरफ से पीएम मोदी को ढेर सारी शुभकमनाएं!

बिभिन्न योजनाओं का उद्घाटन

पुल उदघाटन समारोह के बाद पीएम मोदी जामनगर और पोरबंदर तथा देवभूमि द्वारका में कई परियोजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन करेंगे जिसमें 533 किलोमीटर लंबी राजकोट-ओखा, राजकोट जेतलसर-सोमनाथ और जेतलसर बांसजालिया रेलवे परियोजना का विद्युतीकरण और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तहत वडनार में दो अपतटीय पाइपलाइन का उद्घाटन करेंगे ये पाइपलाइन परियोजना वर्तमान पाइपलाइन और मैनिफोल्ड (पीएलईएम) को छोड़ना और पूरे सिस्टम (पाइपलाइन, पीएलईएम, इंटरकनेक्टिंग लूपलाइन को) को पास के नए स्थान पर ट्रांसफर करने का काम करेगी।

पीएम मोदी NH-927D के धोराजी जाम कंडोरणा कलावड़ खंड को चौड़ा करने वाली परियोजना का भी अनावरण करेंगे इसके अलावा जामनगर के क्षेत्रीय विज्ञान और सिक्का थर्मल पावर स्टेशन जामनगर के फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (एफजीडी) सिस्टम को भी चालू करेंगे पीएम मोदी 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो में 200 से अधिक स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचा परियोजना का भी अनावरण करेंगे।

5 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का उद्घाटन

प्रधानमंत्री कार्यालय पीएमओ ने इस बात की भी जानकारी दी कि राजकोट (गुजरात) के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, भटिंडा (पंजाब), रायबरेली (उत्तर प्रदेश), कल्याणी (पश्चिम बंगाल) और मंगलागिरी (आंध्र प्रदेश) के 5 अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान का उद्घाटन करेंगे ,गुजरात के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के उदघाटन से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि ये अवसर गुजरात की विकास यात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

पीएम मोदी के ‘x'(ट्विटर)पर विचार

शनिवार को सोशल मीडिया एक्स की एक पोस्ट पर पीएम मोदी ने लिखा ”कल गुजरात के विकास पथ की यात्रा में एक खास दिन होगा जिसमें उदघाटन की जाने वाली कई परियोजनाओं में ओखा मुख्य भूमि और द्वारका को जोड़ने वाला ‘सुदर्शन सेतु’ भी शामिल है। ये एक आश्चर्यजनक परियोजना है जिससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक यात्री ने द्वारका में कहा कि इस पुल के निर्माण से समय की बचत होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विकास के साथ अच्छी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ेगी।केंद्र सरकार द्वारा 2017 में इस पुल के निर्माण को मंज़ूरी दी गई थी जिसका उदेश्य द्वारका और ओखा के बीच में यात्रा को आसान बनाना था इससे पहले द्वारका पहुंचने वाले भक्तों को नाव से ही जाना पड़ता था।

पीएम मोदी गुजरात की दो दिन की यात्रा पर हैं रविवार को पीएम मोदी ने द्वारका मंदिर में पूजा अर्चना की ,पीएम मोदी ने सुबह 8.25 बजे सुदर्शन सेतु का उद्घाटन किया और 4,150 करोड़ की अलग-अलग विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया जिसमें 6 नए एम्स भी शामिल हैं।

पीएम मोदी का संबोधन

पीएम मोदी ने सुदर्शन सेतु को इंजीनियरिंग का चमत्कार बताया और कहा कि यह सेतु केवल सुविधा नहीं है ब्लकि इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है वे रविवार को अपने गृह राज्य गुजरात में द्वारका के एक कार्यक्रम में जनता को संबोधित कर रहे थे पीएम मोदी ने सुदर्शन सेतु के बारे में कहा कि सुदर्शन सेतु एक सुबिधा ही नहीं, ये इंजीनियरिंग का चमत्कार भी है, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के छात्रों को सुदर्शन सेतु का अध्ययन करना चाहिए।

ये भारत का सबसे लंबा ब्रिज है आज मैंने उन क्षणों का अनुभव किया जो हमेशा मेरे साथ रहेंगे मैं समुद्र की गहराई में गया और प्राचीन द्वारका नगरी के दर्शन किये।

पीएम मोदी पूरे देश में स्वास्थ्य, रेल, सड़क और पर्यटन से संबंधित 52,550 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए गुजरात की 2 दिन की यात्रा पर हैं।

पीएम मोदी कल गुजरात में पहले एम्स का उद्घाटन करेंगे और 52,250 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम शुरू करेंगे

प्रधान मंत्री कार्यालय के अनुसार, मोदी एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान राजकोट, बठिंडा, रायबरेली, कल्याणी और मंगलागिरी में पांच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान खोलेंगे।

गुजरात के पहले एम्स का उद्घाटन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. पारा पिपलिया गांव में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल में एक Active Outpatient Section है, और दिसंबर 2020 में, उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संस्थान की आधारशिला रखी। अस्पताल, पांच एम्स में से एक, जिसे प्रधानमंत्री पश्चिमी राज्य की दो दिवसीय यात्रा के दौरान देश को समर्पित करेंगे, का निर्माण 1,195 करोड़ की लागत से किया गया है।

राजकोट एम्स 201 एकड़ में फैला एक शीर्ष अस्पताल है जिसमें 720 बिस्तर हैं, जिसमें intensive care unit और सुपर स्पेशलिटी बिस्तर शामिल हैं। प्रधान मंत्री 25 फरवरी को आधिकारिक तौर पर 23 ऑपरेटिंग कमरे, 30 बिस्तर वाले आयुष ब्लॉक और 250 आईपीडी बिस्तर वाले हॉस्पिटल की ओपनिंग करेंगे। स्वास्थ्य राज्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा, “हम धीरे-धीरे शेष बिस्तर उपलब्ध कराएंगे।”

25 फरवरी को मोदी सुबह बेयट द्वारका मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे और दर्शन करेंगे। उसके बाद सुबह करीब 8:25 बजे वह सुदर्शन सेतु जाएंगे और करीब 9:30 बजे वह द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन करेंगे. दोपहर करीब 1 बजे, प्रधान मंत्री द्वारका में 4150 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को समर्पित और आधारशिला रखेंगे। दोपहर 3:30 बजे प्रधानमंत्री एम्स राजकोट जाएंगे.

अगले छह दिनों के दौरान, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी छह नए एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) सुविधाओं को समर्पित करेंगे।

निम्नलिखित छह एम्स अस्पताल आने वाले दिनों में खुलने वाले हैं:

एम्स राजकोट

एम्स बठिंडा

एम्स रायबरेली

एम्स कल्याणी

एम्स विजयपुर

मंगलवार 20 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू में तीसरे एम्स विजयपुर का उद्घाटन किया. जम्मू के विजयपुर (सांबा) एम्स की आधारशिला 2019 में पीएम मोदी ने रखी थी।

पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े भंडारण कार्यक्रम की घोषणा की,18,000 PACS अब Computerized !

किसानों के लिए एक नए कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, पीएम मोदी ने घोषणा की, “कृषि में एक नया विस्तार।” प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्यारह राज्यों में भंडारण के लिए ग्यारह पैक्स गोदाम खोले।

भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ‘ई-पैक्स से अन्न भंडारण तक’ कार्यक्रम में सहकारिता मंत्रालय की विभिन्न परिवर्तनकारी परियोजनाओं का अनावरण किया

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे किसानों के लिए दुनिया के सबसे बड़े भंडारण कार्यक्रम की घोषणा की। इसके तहत देशभर में सैकड़ों गोदाम और बनाए जाएंगे। 18000 पैक्स अब कम्प्यूटरीकृत भी हो गये हैं। ये सभी देश के कृषि बुनियादी ढांचे के विस्तार और कृषि को contemporary technologies से जोड़ने में योगदान करते हैं।”

यहां श्रताओ को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और एक लचीली अर्थव्यवस्था के निर्माण में सहकारी क्षेत्र से काफी मदद मिलती है।

इसके अलावा, उन्होंने सहकारी क्षेत्र से आयात के लिए उर्वरकों और खाद्य तेलों जैसी अन्य कृषि वस्तुओं पर निर्भरता कम करने में भारत की सहायता करने का आह्वान किया।सहकारी क्षेत्र में सरकार की प्रमुख ‘विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना’ के संदर्भ में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 11 राज्यों में स्थित प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) में अनाज भंडारण के लिए 11 गोदाम खोले।

इसके अतिरिक्त, मोदी ने गोदामों और अन्य कृषि-बुनियादी ढांचे सहित देश भर में 500 से अधिक पैक्स के विकास के लिए आधार तैयार किया।इसके अतिरिक्त, उन्होंने 18,000 PACS को कम्प्यूटरीकृत करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया।

राष्ट्रीय सहकारी विकास इन उपायों का नेतृत्व कर रहा है, जो पैक्स गोदामों को सुचारू रूप से एकीकृत करने के लक्ष्य के साथ नाबार्ड और खाद्यान्न आपूर्ति श्रृंखला के बीच एक संयुक्त प्रयास है।

इस सप्ताह की OTT रिलीज़ के बारे में जानिये,23 फरवरी से 29 फरवरी के बीच theater रिलीज और भी बहुत कुछ !

इस सप्ताह की ओटीटी रिलीज़ देखने के लिए पोचर और आर्टिकल 370 शामिल हैं। पोचर, स्टार वार्स: द बैड बैच एस 3, और आर्टिकल 370 कुछ ऐसी फिल्में और वेब श्रृंखलाएं हैं जो वर्तमान में विभिन्न platforms जैसे नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम ,वीडियो,डिज़्नी+हॉटस्टार, और थिएटर पर उपलब्ध हैं।

फरवरी के अंतिम सप्ताह में ओटीटी प्लेटफॉर्म और सिनेमाघरों में भरपूर मनोरंजन उपलब्ध है। 23 फरवरी से 29 फरवरी के बीच, पोचर और आर्टिकल 370 की theater रिलीज सहित कई ऑनलाइन sereis और फिल्में नेटफ्लिक्स, अमेज़ॅन प्राइम वीडियो, डिज्नी + हॉटस्टार, जियो सिनेमा और ज़ी5 जैसे लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफार्मों पर उपलब्ध होंगी।

आइए check करें:

Poacherफिल्म निर्माता रिची मेहता की eight part series पोचर में रोशन मैथ्यू, दिब्येंदु भट्टाचार्य और निमिषा सजयन ने अभिनय किया है।

“Poacher”

फिल्म निर्माता रिची मेहता की eight part series पोचर में रोशन मैथ्यू, दिब्येंदु भट्टाचार्य और निमिषा सजयन ने अभिनय किया है। भारतीय इतिहास में हाथी दांत के अवैध शिकार की सबसे बड़ी raid है,वन्यजीव fighters और वन अधिकारियों की नज़र से देखा गया, Investigative crime series का आधार है। शो की कार्यकारी निर्माता अभिनेता-निर्माता आलिया भट्ट हैं।

“Article 370”

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता आदित्य सुहास जंभाले फिल्म के निर्देशक हैं। अभिनेत्री यामी गौतम अगली बार राजनीतिक ड्रामा में नजर आएंगी, जहां वह एक खुफिया अधिकारी की भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार 23 को यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

“Crack”

एक्शन-थ्रिलर क्रैक एक और फिल्म है जो अनुच्छेद 370 के खिलाफ होगी। फिल्म में एमी जैक्सन, नोरा फतेही, अर्जुन रामपाल और विद्युत जामवाल सभी की महत्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं।

“स्टार वार्स: द बैड बैच” S3

डिज़्नी प्लस हॉटस्टार अब स्ट्रीमिंग के लिए स्टार वार्स: द बैड बैच, क्लोन फ़ोर्स 99 कहानी का अंतिम अध्याय पेश कर रहा है।जेनिफर कॉर्बेट और डेव फिलोनी द्वारा निर्देशित एनिमेटेड एक्शन-ड्रामा में प्रमुख किरदार मिंग-ना वेन, डी ब्रैडली बेकर, मिशेल एंग और नोशिर दलाल द्वारा निभाए गए हैं।

“Last air binder: Avatar”

नेटफ्लिक्स पर एक एक्शन सीरीज़ का विषय अवतार नाम का एक युवा लड़का है जिसेचार मौलिक शक्तियों को नियंत्रित करना होता है

“Summer House Eighth Season”

रियलिटी ड्रामा समर हाउस का अब एक नया सीज़न आ गया है। यह east coast के धनी संभ्रांत लोगों के जीवन को investigate करता है जो अपने आकर्षक करियर से समय निकालकर क्षेत्र के ऊंचे समुद्र तटों की यात्रा करते हैं और उनका आनंद लेते हैं।

“MEA CULPA”

इस रहस्यमय थ्रिलर में, एक criminal defense lawyer एक कलाकार का बचाव करने का काम करता है जिस पर  प्रेमिका की हत्या का आरोप है। मी कुल्पा में निक सागर, ट्रेवेन्टे रोड्स और केली रोलैंड को चित्रित किया गया है।